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Varanasi News: विजया दशमी पर पहली बार धाम में होगा शस्त्रों का पूजन

Mon, 23 Sep 2024 04:58 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 23 Sep 2024 04:58 AM IST
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For the first time on Vijaya Dashami, weapons will be worshiped in the Dham.
- बाबा विश्वनाथ के धाम में नौ दिनों तक होगी मां शक्ति की आराधना
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- शास्त्रीय युद्ध कला के प्रदर्शन के साथ ही होंगे विविध सांस्कृतिक आयोजन
- नवरात्र भर नियमित रूप से धाम में गूंजेंगे दुर्गा सप्तशती के ओजस मंत्र
माई सिटी रिपोर्टर
वाराणसी। शारदीय नवरात्र में श्री काशी विश्वनाथ धाम का पूरा प्रांगण शक्तिमय नजर आएगा। प्रतिपदा से लेकर विजयादशमी तक धाम में नवरात्र के अनुष्ठान होंगे। पूरा प्रांगण नौ दिनों तक दुर्गा सप्तशती के ओजस मंत्रों से गुंजायमान होगा। विजया दशमी पर बाबा के धाम में पहली बार शस्त्रों का पूजन होगा और शास्त्रीय युद्ध कला का प्रदर्शन भी किया जाएगा।
मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्वभूषण मिश्र ने बताया कि तीन अक्तूबर से श्री काशी विश्वनाथ धाम में कलश स्थापना के साथ नवरात्र के अनुष्ठान आरंभ होंगे। पांच शास्त्री मंदिर परिसर में कलश स्थापना करेंगे। शाम को भजन और बनारसी लोकगीत पचरा का आयोजन होगा। चार अक्तूबर को रामलीला में धनुष यज्ञ का मंचन होगा। पांच अक्तूबर को मंदिर चौक स्थित सांस्कृतिक मंच पर रावण वध का मंचन होगा। चतुर्थी तिथि पर छह अक्तूबर को बंगाली लोक नृत्य धुनूची, पंचमी पर सात अक्तूबर को 51 शक्तिपीठों के प्रतीक स्वरूप 51 मातृशक्ति द्वारा ललिता सहस्रनाम स्तोत्र का पाठ किया जाएगा।
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षष्ठी तिथि पर महिषासुरमर्दिनी स्तोत्र नृत्य और सप्तमी तिथि पर देवी मां का भजन होगा। अष्टमी यानी 10 अक्तूबर को माता के नौ स्वरूपों को दर्शाती नौ कन्याएं दुर्गा सप्तशती का पाठ करेंगी। नवमी तिथि पर 11 अक्तूबर को सुबह यज्ञ व हवन नीलकंठ मंदिर के समीप यज्ञ कुंड पर होगा। शाम को भजन और नृत्य होगा। दशमी तिथि पर 12 अक्तूबर को सुबह मंदिर प्रांगण में सांकेतिक रूप से शस्त्र पूजा और शाम को शास्त्रीय युद्ध कला का प्रदर्शन होगा। रोजाना पांच शास्त्रियों द्वारा नौ दिन तक दुर्गा सप्तशती का नियमित पाठ होगा। नवरात्र के नौ दिन विशालाक्षी माता को चुनरी, सोलह शृंगार व प्रसाद भेंट किया जाएगा।
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