यूपी: खाद्य पदार्थ की जांच रिपोर्ट आई, फैमिला मार्ट के पापड़ में टेट्राजीन की मिलावट
आजमगढ़ जिले में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की ओर से जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए गई खाद्य पदार्थों की रिपोर्ट प्राप्त हो गई है। इसमें फैमिली मार्ट के पापड़ समेत सात नमूने असुरक्षित पाए गए हैं।
पापड़ में हानिकारक टेट्राजीन रंग की मिलावट पाई गई है। विभाग ने संबंधित पत्रवली आयुक्त को भेजी है। अनुमति मिलने के बाद सीजेएम कोर्ट में वाद दायर किया जाएगा।
नागिरकों सुरक्षित खाद्य एवं पेय पदार्थ उपलब्ध कराने के लिए जिलाधिकारी के निर्देश पर एफएसडीए ने अभियान चलाकर खाद्य पदार्थों के नमूने लिए थे। इनकी जांच रिपोर्ट प्रयोगशाला से प्राप्त हो गई है। सात नमूने असुरक्षित पाए गए हैं। अभिहीत अधिकारी डॉ दीनानाथ यादव ने बताया कि फैमिली बाजार से रंगीन पापड़ के तीन नमूने लिए गए थे, जोकि असुरक्षित एवं मिथ्या छाप पाए गए हैं।
इनमें टेट्राजीन नामक हानिकारक रंग की मिलावट पाई गई। दीदारगंज बाजार से परिवार ब्रांड के नमकीन के लिए गए नमूने में भी टेट्राजीन की मिलावट पाई गई है। नमूना असुरक्षित पाया गया। फरिहां से बेसन का नमूना भी असुरक्षित पाया गया। मधुपुर और नंद नगर से लिया गया।
आशीष ब्रांड और जय दुर्गा ब्रांड की नमकीन में भी टेट्राजीन रंग की मिलावट पाई गई है। नमूना असुरक्षित पाया गया। कनक श्री एडिबल फैट का नमूना भी असुरक्षित घोषित हुआ है। संबंधित पत्रावली आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन को भेज दी गई है।
स्वीकृति प्राप्त होते ही न्यायालय एसीजेएम प्रथम में वाद दायर कर दिया जाएगा। मामले में अधिकतम तीन वर्ष तक का कारावास या पांच लाख तक का जुर्माना संभव है।
मानक के अनरूप नहीं मिला मीट शाप, वाद दायर
कोविड-19 महामारी से बचाव को लेकर सहायक आयुक्त (खाद्य) के नेतृत्व में खाद्य विभाग की टीम बवाली मोड़, लाइफ लाइन चौराहा स्थित मंसूर अली के मीट शाप का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान दुकान में साफ-सफाई संतोषजनक नहीं पाई गई।
दुकानदार द्वारा दुकान का लाइसेंस भी नहीं दिखाया गया और न ही प्रदर्शित किया गया था। बिना लाइसेंस के मांस की दुकान चलाने वाले कारोबारकर्ता मंसूर अली निवासी कप्तानगंज के खिलाफ अपर जिला मजिस्ट्रेट (प्रशासन) की कोर्ट में वाद दायर किया गया है।