Varanasi: ध्वजारोहण के साथ हुआ विहंगम योग के शताब्दी समारोह का शुभारंभ, देश भर के नुयायियों ने किया योग
Varanasi News : वाराणसी में ध्वजारोहण के साथ विहंगम योग के शताब्दी समारोह का शुभारंभ हुआ। इस दौरान भारत और दुनिया के 19 देशों के विहंगम अनुयायियों ने योग किया।
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संत प्रवर विज्ञान देव महाराज ने कहा कि जीवन का सर्वागींण विकास अध्यात्म से ही संभव है। सेवा से आत्म का ही नहीं, जगत का कल्याण होता है। दुखियों का दुख कैसे कम हो यही श्रेष्ठ चिंतन है। योगी ही उपयोगी होता है, जो सबके हित का चिंतन करता है। दुखियों के दुख को कम करता है।
वह शुक्रवार को उमरहां स्थित स्वर्वेद महामंदिर परिक्षेत्र में विहंगम योग के शताब्दी समारोह के शुभारंभ पर आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे। इससे पहले उन्होंने विहंगम योग के शताब्दी समारोह का शुभारंभ सुबह सात बजे अ अंकित श्वेत ध्वज फहराकर किया।
विज्ञान देव ने कहा कि ईश्वर का महान प्रसाद है मानव जीवन। ईश्वर का रहस्य मानव में निहित है। हम जीवन कहें या सत्य कहें बात एक है। जीवन को ठीक-ठीक जान लिया, इसका अर्थ है हमने परमसत्य का साक्षात्कार कर लिया।
ढाई घंटे के प्रवचन में कहा कि जहां प्रेम है, वहीं परमात्मा का वास है। जहां सत्य, श्रद्धा, समर्पण, सेवा भाव है, वहीं आत्मा का कल्याण और परमात्मा का प्रकाश है। प्रवचन के बाद योग प्रशिक्षकों ने आसन-प्राणायाम और ध्यान का सत्र संचालित किया। इसमें हजारों योग साधकों ने असाध्य रोगों से निजात पाने के गुण सीखे। शताब्दी समारोह में भाग लेने के लिए देश के विभिन्न प्रांतों के साथ ही दुनिया के 19 देशों के अनुयायी उमरहां पहुंचे हैं। स्वर्वेद के दोहों की संगीतमय प्रस्तुति से मंदिर क्षेत्र गुंजायमान होता रहा।
पहुंचे पीएम के भाई
महायज्ञ में आहुति देने और स्वर्वेद महामंदिर धाम के दर्शन करने प्रधानमंत्री के भाई पंकज मोदी भी पंहुचे। इसके साथ ही भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष लता उसेंडी और प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर ने संत प्रवर विज्ञान देव महाराज से आशीर्वाद प्राप्त किया।
हजारों नए जिज्ञासुओं ने विहंगम योग के क्रियात्मक ज्ञान की ली दीक्षा
देश के विभिन्न प्रांतों से आए हजारों जिज्ञासुओं ने मानव मन की शांति और आध्यात्मिक उत्थान के लिए ब्रह्मविद्या विहंगम योग के क्रियात्मक ज्ञान की दीक्षा ली। नए श्रद्धालुओं ने विहंगम योग की ज्ञानधारा से जुड़कर अपने जीवन को आध्यात्मिक पथ पर अग्रसर किया। प्रतिदिन निशुल्क योग, आयुर्वेद, पंचगव्य, होम्योपैथ आदि चिकित्सा पद्धतियों द्वारा रोगियों को चिकित्सा परामर्श भी दिया जा रहा है। शाम को विभिन्न राज्यों से आए अनुयायी कलाकारों ने अलग-अलग राज्य के सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी। महायज्ञ परिसर में भारतीय सांस्कृतिक व्यंजनशाला तैयार की गई है। इसमें उत्तर भारतीय व्यंजन से लेकर दक्षिण तक के अलग अलग राज्यों के प्रसिद्ध व्यंजनों के स्टॉल लगाए गए हैं।
25 हजार कुंडीय स्वर्वेद ज्ञान महायज्ञ का शुभारंभ आज
शनिवार को सुबह 10 बजे से 25 हजार कुंडीय स्वर्वेद ज्ञान महायज्ञ का शुभारंभ होगा। मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ होंगे। तीन घंटों तक चलने वाला यह महायज्ञ उत्तर भारतीय एवं दक्षिण भारतीय दोनों पद्धतियों से होगा। शुभारंभ सद्गुरु आचार्य स्वतंत्र देव महाराज और संत प्रवर विज्ञान देव महाराज के सानिध्य में होगा।