UP: ट्रेनों के बेहतर संचालन को शार्ट सर्किट, फाल्ट बचाव पर ध्यान देना जरूरी; बोर्ड के सदस्य ने की समीक्षा
Varanasi News: रेलवे बोर्ड के सदस्य ने ट्रेनों के बेहतर और सुरक्षित संचालन के लिए शॉर्ट सर्किट तथा विद्युत फाल्ट की घटनाओं की रोकथाम पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने विद्युत उपकरणों और सर्किट के मानकीकरण की समीक्षा की तथा अधिकारियों को पिछले छह माह में विद्युत लाइन फेल होने की घटनाओं का तकनीकी विश्लेषण कर सुधारात्मक कदम उठाने को कहा।
विस्तार
रेलवे बेार्ड के सदस्य(ट्रैक्शन एवं रोलिंग स्टॉक) आर राजगोपाल ने शनिवार को डीआरएम आफिस के सभागार में बैठक कर ट्रेनों के बेहतर संचालन की दिशा में सामान्य विद्युत विभाग में विद्युत उपकरणों, शार्ट सर्किट, फाल्ट से बचाव की समीक्षा की। कहा कि ट्रेनों के बेहतर संचालन के लिए बिजली से जुड़े उपकरणों के प्रयोग पर ध्यान देना जरूरी है। इस जिम्मेदारी का निर्वहन सजगता पूर्वक करना होगा।
वाराणसी मंडल के भारतेंदु सभाकक्ष में विद्युत उपकरणों एवं विद्युत सर्किटों के मानकीकरण के लिए अनुरक्षण अध्ययन समूह की तीसरी बैठक में राजगोपाल ने कहा कि इसका उद्देश्य विद्युत उपकरणों और सर्किटों का मानकीकरण करना है ताकि ट्रेन संचालन सुरक्षित, समयबद्ध और दोषमुक्त हो सके।
उन्होंने भारतीय रेलवे पर विद्युत ऊर्जा के प्रबंधन, ग्रीन/नवीकरणीय ऊर्जा, यात्रियों की सुविधा, संरक्षा उपकरणों की विश्वसनीयता, स्मार्ट मानिटरिंग प्रणालियों के बारे में बताया। आर राजगोपाल ने विद्युत सर्किटों का मानकीकरण के बारे में सभी जोनल रेलवे के संशोधित सर्किट डायग्राम थ्री-फेज लोकोमोटिव में मॉडिफाइड सर्किट डायग्राम और वायरिंग स्कीम पर विशेष नजर बनाए रखने को कहा।
कहा कि शॉर्ट सर्किट एवं फॉल्ट प्रोटेक्शन के लिए विभिन्न सर्किट ब्रेकरों की रेटिंग और रिले सेटिंग्स का पुनर्मूल्यांकन जरूरी है। उन्होंने मानसून/सर्दियों की तैयारी के लिए मौसम के अनुसार विद्युत उपकरणों के समुचित रखरखाव सुनिश्चित करने और पिछले छमाही में हुए विद्युत लाइन फेलियर के कारणों का तकनीकी विश्लेषण करने को कहा। बैठक में अपर सदस्य आरके तिवारी,प्रमुख मुख्य विद्युत इंजीनियर/पूर्वोत्तर रेलवे संजय सिंघल, मंडल रेल प्रबंधक आशीष जैन आदि लोग मौजूद रहे।
रेलवे बोर्ड सदस्य ने किया बरेका का निरीक्षण, लोको फ्रेम शॉप भी देखा
रेलवे बोर्ड के सदस्य (कर्षण एवं रोलिंग स्टॉक) आर राजगोपाल ने शनिवार को बनारस रेल इंजन कारखाना का निरीक्षण कर लोको बनाने, गुणवत्ता, नवाचार, अवसंरचनात्मक विकास से संबंधित गतिविधियों की समीक्षा की।
निरीक्षण के दौरान राजगोपाल ने लोको फ्रेम शॉप, लोको असेंबली शॉप, ट्रक मशीन शॉप, लोको टेस्ट शॉप और मेन गेज रूम को देखा। रेल इंजनों के निर्माण, असेंबली, कवच फिटेड लोको का परीक्षण करने के साथ ही गुणवत्ता को बनाए रखने की दिशा में आगे बढ़ते रहने को कहा। बरेका के अभिकल्प विभाग का दौरा कर बरेका द्वारा विकसित नवीन तकनीकों, लोको डिजाइनों, भावी परियोजनाओं की समीक्षा भी की।
महाप्रबंधक सभाकक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में राजगोपाल के समक्ष बरेका की उपलब्धियों एवं भावी योजनाओं पर आधारित पावर पॉइंट प्रस्तुतीकरण दिया गया। इसमें बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में बरेका ने निर्धारित लक्ष्य से अधिक 572 रेल इंजनों का उत्पादन कर उपलब्धि हासिल की।
बैठक में अमृत भारत पुश-पुल डब्ल्यूएपी-7 इंजनों के निर्माण, लोकोमोटिवों में लागू आधुनिक सुरक्षा, चालक-अनुकूल सुविधाओं, कवच प्रणाली, उन्नत प्रोपल्शन तकनीक, ट्रैक्शन मोटर परीक्षण आदि के बारे में बताया गया। इस अवसर पर बरेका के महाप्रबंधक आशुतोष पंत, प्रमुख मुख्य विद्युत इंजीनियर मनीष कुमार, प्रमुख मुख्य यांत्रिक इंजीनियर विवेक शील, प्रमुख मुख्य सामग्री प्रबंधक आलोक अग्रवाल, मुक्तेश मित्तल आदि लोग मौजूद रहे।