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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Floods, power cuts, people are nervous from morning to night

बाढ़ के चलते बिजली गुल, सुबह से रात तक परेशान रहे लोग

Sat, 27 Aug 2016 01:53 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी Updated Sat, 27 Aug 2016 01:53 AM IST
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गंगा में आई बाढ़ से बिजली कटौती की मुसीबतें जनता झेल रही है। शुक्रवार को सामनेघाट के पास बाढ़ का पानी बिजली के तार को छूने के चलते भेलूपुर उपकेंद्र की आपूर्ति बंद कर दी गई है। भेलूपुर उपकेंद्र को मंडुवाडीह से आपूर्ति की जा रही है। उधर ब्रेकर बदलने के चलते लहरतारा, टाउन टू को जाने वाली लाइन सुबह से रात के बीच कई चरणों में बाधित रही। मंडुवाडीह के एसडीओ अनूप राय ने बताया कि ब्रेकर बदलने के दौरान बस कप्लर से आपूर्ति बहाल रही। कुछ देर के लिए तकनीकी दिक्कत के चलते शटडाउन किया गया है। रात 11 बजे लहरतारा और टाउन टू की आपूर्ति बंद रही। जो एक घंटे के भीतर चालू कर दी गई। इसके अलावा अन्य कोई कटौती नहीं की गई।
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बाढ़ग्रस्त इलाकों में जलस्तर बढ़ने के बाद एहतियातन बिजली आपूर्ति पूरी तरह बंद कर दी गई है। साथ ही, बाढ़ ग्रस्त क्षेत्र के बाशिंदों से अपील की गई है कि वे किसी भी तरह बिजली से छेड़छाड़ न करें। जलभराव के बीच करंट उतरने की आशंका के मद्देनजर विभाग ने यह एहतियाती कदम उठाया है। नगरीय विद्युत वितरण खंड तृतीय मछोदरी के अधिशासी अभियंता मनोज गुप्ता ने बताया कि बिजली संबंधी किसी भी प्रकार की समस्या के लिए कंट्रोल रूम का नंबर 9453047897 और 9453047327 पर संपर्क किया जा सकता है। कहीं ट्रांसफार्मर तो कहीं तारों तक पानी आ पहुंचा है। ऐसे में कोनिया और ढेलवरिया की विद्युत आपूर्ति 20 अगस्त से ही बंद कर दी गई थी। बावजूद इसके कुछ लोगों द्वारा आसपास के क्षेत्रों से तार खींचकर बिजली जलाने की सूचनाएं मिली हैं। यह घातक हो सकता है। किसी भी समय इससे दुर्घटना हो सकती है। विभाग की निगरानी टीमों को बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों में लगाया गया है।
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 भोर में बारिश के साथ तेज आंधी के कारण छप्पर, टिन शेड उड़ गए और दर्जनों पेड़ एवं बिजली के खंभे धराशायी हो गए। इसके चलते कुछ जगहों पर आवागमन बाधित हो गया तो कई गांवों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। चौबेपुर क्षेत्र के शिवदशां गांव में तेज आंधी के चते नंदू पाण्डेय के पक्के मकान का बारजा टूट कर नीचे आ गया। मलवे मे महेंद्र पांडेय की गाय दबकर घायल हो गई। इसी तरह बनकट गांव में कई टिन शेड उड़ गए और पेड़ की डालियां टूट गईं। मोलनापुर गांव के मिठाई निषाद का कच्चा मकान भरभरा कर गिर गया, जिससे गृहस्थी का सामान मलवे में दबकर नष्ट हो गया। बहरामपुर गांव के पास सिरीश का पेड़ गिरने से वाराणसी-गाजीपुर मार्ग पर आधे घंटे तक यातायात बाधित रहा। वहीं गौराउपरवार, बहादुरपुर, चौबेपुर, सुंगुलपुर, अजांव, बर्थरा खुर्द, गरथौली आदि गांवों में भी कई पेड़ और बिजली के खंभ टूटकर गिर गए। इसकी वजह से उगापुर विद्युत उपकेंद्र से जुड़े दर्जनों गांवों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई है। इसी तरह दानगंज क्षेत्र के नियारडीह में बनस्पति धाम मंदिर में लगा बरगद का पुराना पेड़ गिर गया।
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