फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Flood in Mau Water level of Ghaghra reached above danger mark farmers crops submerg

मऊ में बाढ़: खतरे के निशान से ऊपर पहुंचा घाघरा का जलस्तर, किसानों की हजारों एकड़ फसल डूबी

Tue, 17 Aug 2021 07:34 PM IST
हरि User अमर उजाला नेटवर्क, मऊ
अमर उजाला नेटवर्क, मऊ Published by: हरि User Updated Tue, 17 Aug 2021 07:34 PM IST
सार

घाघरा नदी का खतरा बिंदु 69.90 मीटर है। गौरीशंकर घाट पर नदी का जलस्तर मंगलवार को 69.95 मीटर पहुंच गया। 
 

विज्ञापन
Flood in Mau Water level of Ghaghra reached above danger mark farmers crops submerg
बिंटोलिया गांव में कटान। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

घाघरा का जलस्तर मऊ में लगातार बढ़ रहा है। नदी लाल निशान से पांच सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। ऐसे में तटवर्ती इलाकों के लोगों की नींद उड़ गई है। दोहरीघाट कस्बे में पानी घुसने का खतरा बढ़ गया है। किसानों की हजारों एकड़ फसल डूब चुकी है। उधर, प्रशासन ने बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर दिया है।

विज्ञापन


घाघरा नदी के खतरा निशान पार करते ही तटवर्ती इलाको में दहशत बढ़ गई है। घाघरा का खतरा बिंदु 69.90 मीटर है। गौरीशंकर घाट पर नदी का जलस्तर मंगलवार को 69.95 मीटर है। वहीं सोमवार को जलस्तर 69.90 मीटर पर था। ऐसे में बीते 24 घंटे में जलस्तर में पांच सेंटीमीटर की वृद्धि हुई है। नदी का खतरा बिंदु पार करते ही धनौली लोहड़ा बांध, नौली चिउतीडाड़ रिंग बंधा तथा बीबीपुर बेलौली बंधों पर खतरा बढ़ने लगा है। कस्बे में भी नदी का पानी घुसने की आशंका से लोग भयभीत हैं। 

विज्ञापन

भारत माता मंदिर की दीवार से टकरा रही लहरें

नदी की लहरें भारत माता मंदिर की दीवार से टकरा रही हैं। इससे नगर की ऐतिहासिक धरोहरों मुक्तिधाम, भारत माता मंदिर, दुर्गा मंदिर, खाकी बाबा की कुटी, डीह बाबा का मंदिर, लोक निर्माण का डाक बंगला, हनुमान मंदिर तथा शाही मस्जिद पर खतरा मंडराने लगा है। वहीं तटवर्ती इलाके धनौली रामपुर, नईबाजार, नवली, चिऊटीडांड, पतनई, सरया, बीबीपुर, गोधनी, ठाकुर गांव, गौरीडीह, कोरौली, बेलौली, पाऊस, महुआ बारी, ठीकरहिया, महाबारी, रसूलपुर, सूरजपुर आदि गांवो में पानी घुसने के डर से लोग भयभीत हैं। बाढ़ से बचाव के लिए पांच बाढ़ चौकियों और सात बाढ़ शरणालयों को सक्रिय कर दिया गया है। एडीएम के. हरि सिंह ने बताया कि बाढ़ की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। एसडीएम और तहसीलदार को बाढ़ पीड़ितों की मदद के निर्देश दिए गए हैं। 

प्रशासन ने नहीं की नाव की व्यवस्था 

घाघरा का जलस्तर तेजी से बढने से लोगों की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही है। दुबारी क्षेत्र में नालों के रास्ते निचले इलाकों में पानी भर गया है। दर्जनों संपर्क गांव पानी से डूब गए हैं। बिंद टोलिया सहित तीन किलोमीटर के दायरे में कटान जारी है। प्रतिदिन लगभग 15 बीघा जमीन नदी में विलीन हो रही है। एक दर्जन से अधिक गांव नदी के घेरे में आ गए हैं। पशुओं के चारे का संकट बढ़ने लगा है। लेकिन, अभी तक प्रशासन की तरफ से नाव की व्यवस्था नहीं की जा सकी है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed