बाढ़ से अलर्ट: आजमगढ़ में घाघरा लाल निशान पार, आपात स्थिति से निपटने के लिए सेना बुलाई गई
हरैया विकासखंड के देवारा खास राजा के बगहवा और चक्की गांव से महज कुछ दूरी पर पानी लहरा रहा है। कुछ तटवर्ती स्थानों पर कटान हो रही है।
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आजमगढ़ में घाघरा ने मंगलवार को डिघिया गेज पर लाल निशान पर कर लिया। आपात स्थिति से निपटने के लिए सेना बुला ली गई है। मऊ में घाघरा खतरे के निशान के करीब है, जबकि बलिया में जलस्तर स्थिर है। चंदौली में गंगा बढ़ रही हैं।
आजमगढ़ में घाघरा का जलस्तर बढ़ने के साथ मुश्किलें बढ़ने लगी हैं। पांच गांवों में 50 मजरों के संपर्क मार्गों पर घाघरा का पानी चढ़ आया है। घाघरा के जलस्तर में पिछले 72 घंटे से वृद्धि जारी है। रेगुलेटरों पर पानी का दबाव बढ़ गया है।
तटवर्ती स्थानों पर कटान शुरू
हरैया विकासखंड के देवारा खास राजा के बगहवा और चक्की गांव से महज कुछ दूरी पर पानी लहरा रहा है। कुछ तटवर्ती स्थानों पर कटान हो रही है। इसको देखते हुए तहसील प्रशासन अलर्ट हो गया है। तहसीलदार सगड़ी बृजेंद्र उपाध्याय ने बताया कि हालात को देखते हुए सेना को बुला ली गई है। मंगलवार को सेना के अधिकारियों को चिह्नित जगहों को दिखा दिया गया। उधर, बदरहुंआ पर नदी स्थिर हो गई है।
मऊ में घाघरा खतरा बिंदु से 15 सेमी नीचे
मऊ में घाघरा का जलस्तर खतरा बिंदु 69.90 से 15 सेमी नीचे है। सोमवार को गौरीशंकर घाट पर जलस्तर 69.55 मीटर था, जो मंगलवार को 69.75 मीटर पर पहुंच गया। नदी की लहरें भारत माता मंदिर पर दबाब बना रही है। खाकी बाबा को कुटी, दुर्गा मंदिर, रामजानकी मंदिर, लोक निर्माण का डाक बंगला, हनुमान मंदिर, शाही मस्जिद आदि ऐतिहासिक धरोहरों पर खतरा बढ़ गया है। तटवर्ती इलाकों नई बाजार, बहादुरपुर, ठाकुरगाव, पतनई, कादीपुर, जमीरा चौराडीह, रसूलपुर, सूरजपुर आदि गांवों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है।
बलिया में घाघरा का जलस्तर स्थिर
बलिया में मंगलवार को घाघरा का जलस्तर स्थिर रहा। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार मंगलवार को जलस्तर 64.130 मीटर दर्ज किया गया। जो खतरे के निशान 64.010 मी. से 12 सेंटीमीटर अधिक होकर स्थिर हो गया। आयोग ने अगले 24 घंटे में जलस्तर में कमी की उम्मीद जताई है।