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बेटी की हत्या की झूठी एफआईआर दर्ज कराने पर पिता को जेल

Thu, 06 Jul 2017 03:17 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला,भदोही
ब्यूरो,अमर उजाला,भदोही Updated Thu, 06 Jul 2017 03:17 PM IST
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five year jail for false murder case
पति को छोड़ प्रेमी के साथ भाग गई थी महिला
दहेज के लिए पुत्री की हत्या की झूठी एफआईआर दर्ज कराने के मामले में दोषी पिता को अपर सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक कोर्ट) की अदालत ने बुधवार को पांच साल की सश्रम कारावास की सजा सुनाई। साथ में पंद्रह हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।
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अभियोजन के अनुसार, ऊंज थानाक्षेत्र के  एक गांव निवासी युवक ने आरोप लगाया था कि उसका छोटा भाई, पत्नी और बच्चों के साथ सूरत में रहकर प्राइवेट कंपनी में काम करता था। बगल में रह रहे अखिलेश  निवासी ग्राम बसंत राजा थाना एवं जिला महराजगंज का मेरे भाई के  यहां आना-जाना था।
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उसके  साथ मेरे भाई की पत्नी एक  जनवरी 2012 को बिना बताए चली गई। उसके साथ शादी करके रहने लगी। सारी बात जानकर भी भाई के  ससुर ने सीजेएम कोर्ट भदोही में 156 (तीन) के तहत प्रार्थना पत्र देकर मेरे और मेरे परिवार के  खिलाफ  दहेज में बाइक, 50 हजार रुपये नकद मांग को लेकर विवाहिता की हत्या कर लाश गायब करने का केस दर्ज कराया।
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पुलिस ने विवेचना में भाई के ससुर पर झूठी एफआईआर लिखाने और उसकी पुत्री के खिलाफ  आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया। दोनों पक्षों के  तर्को और बयान सुनने के बाद विवाहिता को दोषमुक्त कर दिया।


जबकि  उसके पिता को दोषी पाते हुए पांच वर्ष सश्रम कारावास, पंद्रह हजार अर्थदंड की सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष से बहस पैरवी सहायक शासकीय अधिवक्ता सुधाकर पांडेय ने की।
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