फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Five crore scam on the name of beautification in Sabji Mandi, the biggest guard in Purvanchal

पूर्वांचल की सबसे बड़ी पहड़िया सब्जी मंडी में सौंदर्यीकरण के नाम पर पांच करोड़ का घोटाला

Sat, 04 Jan 2020 11:10 PM IST
स्‍वाधीन तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: स्‍वाधीन तिवारी Updated Sat, 04 Jan 2020 11:10 PM IST
विज्ञापन
Five crore scam on the name of beautification in Sabji Mandi, the biggest guard in Purvanchal
फाइल फोटो - फोटो : social media

वाराणसी की पहड़िया मंडी में काम कराये बिना ही बिलों की हेराफेरी कर पांच करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम हड़प ली गई। निर्माण घोटाले के खुलासे के बाद वाराणसी से लखनऊ तक हड़कंप मच गया है। मंडी परिषद के निदेशक ने इस मामले में लिप्त दो उप निदेशक मंडी, दो अवर अभियंता और लेखाधिकारी को निलंबित कर दिया। इसमें ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई के लिए जिलाधिकारी वाराणसी को पत्र भेजा गया है।

विज्ञापन


वर्ष 2016 में पहड़िया मंडी के सौंदर्यीकरण के लिए 19 करोड़ रुपये का बजट जारी किया गया। इस दौरान मंडी निर्माण खंड के तत्कालीन उप निदेशक निर्माण आरके वर्मा, विमलेश मिश्रा, अवर अभियंता सुनीता व अखिलेश्वर लाल और लेखाधिकारी सिद्ध गोपाल कुरील ने ठेकेदारों के साथ मिलीभगत कर ली।
विज्ञापन


सीसी रोड के निर्माण में तय लागत से डेढ़ करोड़ रुपये ज्यादा का भुगतान किया गया। ऐसे ही मंडी परिसर में 2.66 लाख की टाइल्स लगाकर 34 लाख रुपये का भुगतान कर दिया। सरिया उपयोग किए बिना ही 90 लाख रुपये का बंदरबाट कर लिया गया। ऐसे ही छोटे-छोटे सामन की खरीद के बहाने बिलों में हेराफेरी की गई।
विज्ञापन
विज्ञापन

 

Five crore scam on the name of beautification in Sabji Mandi, the biggest guard in Purvanchal
अनाज घोटाला - फोटो : amar ujala

दो लाख रुपये के तीन सोफे की खरीद दिखाई गई, जबकि बहुत ही घटिया क्वालिटी का एक सोफा ही खरीदा गया। जुलाई महीने में नए डीडीसी रामनरेश सोनकर ने निर्माण कार्य की फाइलों को खंगाला तो अनियमितताएं सामने आईं।

इसकी पूरी जानकारी मुख्यालय को होने के बाद घोटाले की जांच संयुक्त निदेशक पीसी जैन को सौंपी गई। जांच में बिना काम कराए पैसे का भुगतान, बिलों में हेराफेरी सहित कई गड़बड़िया सामने आईं। जांच रिपोर्ट के आधार पर दो डीडीसी सहित पांच कर्मचारियों को निलंबित किया गया।

मिर्जापुर और झांसी में तैनात थे डीडीसी

घोटाले में शामिल उप निदेशक मंडी आरके वर्मा मिर्जापुर और विमलेश मिश्रा झांसी में तैनात थे जबकि अवर अभियंता सुनीता व अखिलेश्वर लाल और लेखाधिकारी सिद्ध गोपाल कुरील वाराणसी में ही तैनात थे। अवर अभियंताओं की वाराणसी में तैनाती के समय हुई जांच में पता चला कि ज्यादातर माप जोख इन्होंने ने की है। ऐसे में अब नए सिरे से जांच कराई जा सकती है और बड़ी गड़बड़ी सामने आने की आशंका है।

वसूली जाएगी घोटाले की धनराशि

पांच करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि घोटाले में आरोपी पांचों अधिकारियों से वसूली की जाएगी। इसके लिए बाकायदा विभागीय नोटिस जारी किया जा रहा है। सूत्रों की मानें तो निलंबित अधिकारियों की संपत्ति आदि की जांच कराई जा रही है। इन सभी पर आय से अधिक संपत्ति का मामला भी दर्ज किया जा सकता है।

पिछले पांच साल के निर्माण की होगी जांच

निदेशक मंडी ने पिछले पांच साल में पहड़िया मंडी में कराए गए प्रत्येक काम की जांच का आदेश दिया है। इसमें बिलों से मिलान के साथ ही कामों की गुणवत्ता की जांच कराई जाएगी। माना जा रहा है कि इस जांच में भी बड़ी धांधली समाने आ सकती है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed