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Cyber Crime: 12.5 लाख रुपये की साइबर ठगी गिरोह का मास्टरमाइंड समेत पांच गिरफ्तार, दिल्ली से पकड़े गए आरोपी
Thu, 02 Jul 2026 05:08 PM IST
Pragati Chand
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
Published by: Pragati Chand
Updated Thu, 02 Jul 2026 05:08 PM IST
सार
Varanasi News: बीमा पॉलिसी का प्रीमियम भरने का झांसा देकर साइबर ठगी करने वाले पांच आरोपी दिल्ली से गिरफ्तार किए गए। आरोपियों के पास से आईफोन समेत छह मोबाइल फोन और 65 हजार नकद, कार भी बरामद हुई है।
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पुलिस के गिरफ्त में सभी आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बीमा पॉलिसी का प्रीमियम भरने, अपडेट कराने, लाभ पहुंचाने का झांसा देकर 12.5 लाख की साइबर ठगी करने वाले गिरोह के मास्टरमाइंड राहुल कुमार, आलोक सिंह, शिव कुमार गौतम, अमन कुमार और विष्णु कुमार को साइबर क्राइम पुलिस ने दिल्ली से गिरफ्तार किया। आरोपियों के पास से आईफोन समेत छह मोबाइल फोन और 65 हजार नकद, कार भी बरामद हुई है।
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एडीसीपी साइबर नृपेंद्र कुमार ने बताया कि मास्टरमाइंड दिल्ली के सुलेमान नगर इंदिरा इंकलेव फेज वन किराडी निवासी राहुल कुमार और किराडी के प्रताप विहार निवासी आलोक हैं। अन्य आरोपियों में दिल्ली के देवास मुबारकपुर प्रेमनगर निवासी शिव कुमार गौतम, अमन कुमार और विष्णु कुमार हैं।
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एसीपी साइबर विदुष सक्सेना ने बताया कि 11 मई को पीड़ित जीशान ने साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। साइबर अपराधियों ने खुद को रिलायंस निप्पो लाइफ बीमा का कर्मचारी और अधिकारी बताया। पॉलिसी प्रीमियम भरने और अधिक लाभ दिलाने का झांसा देकर 12.5 लाख रुपये ठग लिए।
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एसीपी साइबर अपराध विदुष सक्सेना ने बताया कि पूछताछ में राहुल और आलोक ने स्वीकारा कि गिरोह पुराने बीमा पॉलिसी धारकों का डेटा चोरी कर उसे हासिल करता था। इसके बाद ग्राहकों को फोन कर रिलायंस निप्पो लाइफ बीमा के फर्जी अधिकारी बनकर पॉलिसी नवीनीकृत करने या ज्यादा मुनाफा कमाने का लालच देते थे। पैसे ऐंठने के बाद यह रकम गिरोह के माध्यम से खुलवाए गए फर्जी बैंक खातों में भेजी जाती थी। इस रकम को घुमाया जाता था। बाद में विभिन्न माध्यमों से नकदी निकाल ली जाती थी। आरोपियों की उम्र 20 से 31 वर्ष के बीच है। पुलिस अब इस गिरोह के अन्य नेटवर्क और बैंक खातों को खंगालने में जुटी है।