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पहले बनारस-पटना, फिर इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, वाराणसी
Updated Fri, 27 Mar 2015 02:29 AM IST
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गंगा में जल परिवहन की पहल एक कदम और आगे बढ़ गई है। जलपोतों के आवागमन लायक गहराई बनाने के लिए वाराणसी से सैदपुर के बीच गंगा में ड्रेजिंग (खुदाई) शुरू करा दी गई है। इलाहाबाद-हल्दिया जलमार्ग (वाटरवेज-1) को चरणबद्ध तरीके से विकसित करने में जुटे आईडब्ल्यूएआई (इनलैंड वाटरवेज अथारिटी ऑफ इंडिया) का फोकस फिलहाल वाराणसी से पटना के बीच है।
योजना के पहले फेज में वाराणसी से पटना के बीच जलमार्ग और जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किए जाएंगे। यहां से पटना के बीच जलमार्ग चालू होते ही यह रूट सीधा कोलकाता से जुड़ जाएगा। वाराणसी से पटना होते हुए जलपोत फरक्का और कोलकाता तक आने-जाने लगेंगे।
1620 किलोमीटर लंबे वाटरवेज-1 को इलाहाबाद से हल्दिया तक विकसित किया जाना है। आईडब्ल्यूएआई ने चरणबद्ध तरीके से इसकी प्लानिंग की है। सबसे पहले वह वाराणसी-पटना के बीच जलमार्ग विकसित करेगी। इसलिए कि पटना से फरक्का और फरक्का से कोलकाता तक जलमार्ग पहले से ही चालू है। दूसरे, इलाहाबाद से वाराणसी के बीच की तुलना में वाराणसी से पटना के बीच गंगा की गहराई ज्यादा है।
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लिहाजा ड्रेजिंग कम करानी पड़ेगी। वाराणसी से पटना तक जलमार्ग विकसित करने के बाद आईडब्ल्यूएआई इलाहाबाद की ओर कदम बढ़ाएगी। फिलहाल वाराणसी से सैदपुर के बीच गंगा में ड्रेजिंग शुरू करा दी गई है। पटना तक ड्रेजिंग के लिए निविदाएं निकाली गई हैं। रामनगर में टर्मिनल बनाने का काम शुरू हो गया है। कैथी इंटीग्रेटेड मल्टी मॉडल हब के लिए 70 एकड़ जमीन अधिग्रहण पर भी जल्द पहल होगी।
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योजना के पहले फेज में वाराणसी से पटना के बीच जलमार्ग और जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किए जाएंगे। यहां से पटना के बीच जलमार्ग चालू होते ही यह रूट सीधा कोलकाता से जुड़ जाएगा। वाराणसी से पटना होते हुए जलपोत फरक्का और कोलकाता तक आने-जाने लगेंगे।
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1620 किलोमीटर लंबे वाटरवेज-1 को इलाहाबाद से हल्दिया तक विकसित किया जाना है। आईडब्ल्यूएआई ने चरणबद्ध तरीके से इसकी प्लानिंग की है। सबसे पहले वह वाराणसी-पटना के बीच जलमार्ग विकसित करेगी। इसलिए कि पटना से फरक्का और फरक्का से कोलकाता तक जलमार्ग पहले से ही चालू है। दूसरे, इलाहाबाद से वाराणसी के बीच की तुलना में वाराणसी से पटना के बीच गंगा की गहराई ज्यादा है।
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लिहाजा ड्रेजिंग कम करानी पड़ेगी। वाराणसी से पटना तक जलमार्ग विकसित करने के बाद आईडब्ल्यूएआई इलाहाबाद की ओर कदम बढ़ाएगी। फिलहाल वाराणसी से सैदपुर के बीच गंगा में ड्रेजिंग शुरू करा दी गई है। पटना तक ड्रेजिंग के लिए निविदाएं निकाली गई हैं। रामनगर में टर्मिनल बनाने का काम शुरू हो गया है। कैथी इंटीग्रेटेड मल्टी मॉडल हब के लिए 70 एकड़ जमीन अधिग्रहण पर भी जल्द पहल होगी।