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विदेशी छात्रों के स्वागत में काशी में पहली बार मनी डिजिटल दिवाली, कई देशों की सांस्कृतिक छटा दिखी
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Sat, 14 Oct 2017 02:18 PM IST
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दीपावली मनाती विदेशी छात्राएं ।
- फोटो : अमर उजाला
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वाराणसी के काशी हिंदू विश्वविद्यालय में पढ़ रहे विदेशी छात्र-छात्राओं के स्वागत में शुक्रवार को डिजिटल दिवाली बनी। काशी में पहली बार मनाई गई इस डिजिटल दिवाली का साक्षी बीएचयू का स्वतंत्रता भवन बना।
रंग बिरंगी आतिशबाजी देख विदेशी छात्र मुग्ध तो हुए ही साथ ही उनके बीच प्रदूषण मुक्त दिवाली का संदेश भी दिया गया। इसके पहले स्वतंत्रता भवन में अलग अलग देशों की सांस्कृतिक छटा देखकर भी सभी मुग्ध हुए।
हिंदू हेरिटेज फाउंडेशन, बीएचयू और आईसीसीआर की ओर से आयोजित दिवाली उत्सव कार्यक्रम में 63 देशों के विदेशी छात्र-छात्राओं ने शिरकत की। सभी का स्वागत तिलक और इत्र की खुशबू लगाकर किया गया।
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अतिथि के तौर पर विदेश मंत्रालय की निदेशक सुश्री पद्मजा, आईसीसीआर के पूर्व महानिदेशक अमरेंद्र खटुआ, सैयद महमूद अख्तर मौजूद रहे। शुभारंभ थाइलैंड के छात्रों ने बांसुरी वादन से किया।
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रंग बिरंगी आतिशबाजी देख विदेशी छात्र मुग्ध तो हुए ही साथ ही उनके बीच प्रदूषण मुक्त दिवाली का संदेश भी दिया गया। इसके पहले स्वतंत्रता भवन में अलग अलग देशों की सांस्कृतिक छटा देखकर भी सभी मुग्ध हुए।
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हिंदू हेरिटेज फाउंडेशन, बीएचयू और आईसीसीआर की ओर से आयोजित दिवाली उत्सव कार्यक्रम में 63 देशों के विदेशी छात्र-छात्राओं ने शिरकत की। सभी का स्वागत तिलक और इत्र की खुशबू लगाकर किया गया।
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अतिथि के तौर पर विदेश मंत्रालय की निदेशक सुश्री पद्मजा, आईसीसीआर के पूर्व महानिदेशक अमरेंद्र खटुआ, सैयद महमूद अख्तर मौजूद रहे। शुभारंभ थाइलैंड के छात्रों ने बांसुरी वादन से किया।
भारतीय संस्कृति से रूबरू कराना उद्देश्य
दीपावली मनाते विदेशी छात्र छात्राएं ।
- फोटो : अमर उजाला
नेपाल की अश्मिता ने नृत्य की प्रस्तुति दी। श्रीलंका की उदानी और निशाली ने भी वाद्ययंत्रों के फ्यूजन से मंत्रमुग्ध कर दिया। इसी तरह श्रीलंका के छात्रों ने तबला, सितार और वायलिन की जुगलबंदी पेश की।
मिजोरम से आए छात्रों के एक ग्रुप ने बैम्बू डांस पेश किया। वहीं भगवान श्रीकृष्ण पर आधारित कथक का फ्यूजन भी खास रहा। तिब्बत के तेंजिम चोकू गिटार से सभी को झंकृत कर दिया।
श्रीलंका की गीतिका ने कजरी पेश की। वहीं मॉरिशस के ग्रुप ने डांस पेश किया। अंत में सभी छात्र-छात्राओं को प्रमाण पत्र वितरित किया गया।
संयोजन फाउंडेशन के संयोजक प्रशांत हरतलकर ने बताया कि इस कार्यक्रम का आयोजन विदेशी छात्र-छात्राओं को भारतीय संस्कृति से रूबरू कराना है। धन्यवाद ज्ञापन संजीव साहनी ने किया।
मिजोरम से आए छात्रों के एक ग्रुप ने बैम्बू डांस पेश किया। वहीं भगवान श्रीकृष्ण पर आधारित कथक का फ्यूजन भी खास रहा। तिब्बत के तेंजिम चोकू गिटार से सभी को झंकृत कर दिया।
श्रीलंका की गीतिका ने कजरी पेश की। वहीं मॉरिशस के ग्रुप ने डांस पेश किया। अंत में सभी छात्र-छात्राओं को प्रमाण पत्र वितरित किया गया।
संयोजन फाउंडेशन के संयोजक प्रशांत हरतलकर ने बताया कि इस कार्यक्रम का आयोजन विदेशी छात्र-छात्राओं को भारतीय संस्कृति से रूबरू कराना है। धन्यवाद ज्ञापन संजीव साहनी ने किया।