बीएचयू में खुली पूर्वांचल की पहली पल्मोनरी यूनिट, खर्राटा भरने वालों को भी मिलेगा बेहतर इलाज
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बीएचयू अस्पताल में शनिवार को कुलपति प्रो. राकेश भटनागर ने पूर्वांचल की पहली पल्मोनरी रिहैबिलिटेशन यूनिट का शुभारंभ किया। इसके अलावा एडवांस्ड पॉलीसोम्नोग्राफी लैब और पल्मोनरी फंक्शन टेस्टिंग लैब का लोकार्पण भी किया। फेफड़े से जुड़ी बीमारियों से ग्रसित मरीजों को अब वार्ड में ही जांच, इलाज की सुविधाएं मिल सकेंगी। इसके लिए आईएमएस बीएचयू के टीबी-चेस्ट डिपार्टमेंट की ओर से कई सुविधाओं की सौगात मरीजों को दी गई है।
टीबी एंड चेस्ट डिपार्टमेंट के अध्यक्ष प्रो. जीएन श्रीवास्तव ने कहा कि अब एक ही छत के नीचे जांच, इलाज हो सकेगा। यहां फेफड़ों की ताकत व क्षमता बढ़ाने के लिए आवश्यक व्यायाम वाले आधुनिक उपकरण उपलब्ध हैं। साथ ही सोते समय खर्राटा भरने की समस्या से ग्रसित लोगों का भी बेहतर जांच और इलाज होगा।
इस दौरान रेक्टर प्रो. वीके शुक्ला, एमएस प्रो. एसके माथुर, प्रो.एमके सिंह, प्रो. बीके दास, प्रो.केके गुप्ता, प्रो.एसके सिंह, प्रो. यूएस द्विवेदी, प्रो.वीके दीक्षित, प्रो. अशोक कुमार, प्रो. जेके मिश्रा के साथ ही डॉ. देवेंद्र, डॉ.मृत्युंजय आदि लोग मौजूद रहे।
सेंटर का खुलना मरीजों के लिए वरदान
उद्घाटन समारोह के दौरान कुलपति ने यहां यूनिट में लगे उपकरणों का अवलोकन कर सुविधाओं की जानकारी ली। कुलपति ने कहा कि एक साथ कई सुविधाओं की शुरुआत होने से मरीजों को बड़ी राहत होगी। निदेशक प्रो. बीआर मित्तल ने कहा कि बदलते समय के हिसाब से फेफड़े संबंधी बीमारी के मरीजों में जिस तरह बढ़ोतरी हो रही है, ऐसे में सेंटर का खुलना मरीजों के लिए वरदान साबित होगा।
इन सुविधाओं की हुई शुरुआत
पल्मोनरी रिहैबिलिटेशन यूनिट
पाली सोम्नोग्राफी(स्लिप स्टडी)
अल्ट्रासोनो, इको, कलर डाप्लर
पल्मोनरी फंक्शन टेस्ट