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बनारस के इस गांव में फिर हिंसा, फूंकी दी 15 झोपड़ियां, मारपीट में 18 घायल

Wed, 04 Apr 2018 10:43 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Updated Wed, 04 Apr 2018 10:43 AM IST
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Fire in fifteen hut due to land dispute in varanasi
फूंकी गई झोपड़ियां - फोटो : अमर उजाला
वाराणसी के सोयेपुर गांव की राजभर बस्ती का माहौल मंगलवार की सुबह एक बार फिर हिंसक हो उठा। राजभर बस्ती के दो गुटों के बीच मारपीट, तोड़फोड़ और घर में घुसकर लूटपाट शुरू हो गई। इसी दौरान उपद्रवियों ने बस्ती की एक-एक कर 15 मड़ई आग के हवाले कर दीं।
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घटना की जानकारी सौ नंबर पर दी गई लेकिन आरोप है कि मौके पर पहुंची पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं। मारपीट में 18 लोगों को चोट आई हैं। सूचना पाकर पहुंची कैंट पुलिस ने घायलों को दीनदयाल अस्पताल पहुंचाया।
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घटना का कारण एक पक्ष ने सोमवार को क्रिकेट खेलने के दौरान हुआ विवाद और दूसरे पक्ष ने पुरानी रंजिश में अकारण ही हमला कर आग लगाना बताया।

मामले को लेकर दी गई तीन तहरीर के आधार पर कैंट थाने में 14 नामजद और अज्ञात के खिलाफ बलवा, मारपीट सहित अन्य आरोपों में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर सात लोगों को जेल भेज दिया। बस्ती में तनाव को देखते हुए एक प्लाटून पीएसी तैनात की गई है। कैंट पुलिस का चक्रमण जारी है।
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इस संबंध में सीओ कैंट प्रशांत वर्मा ने बताया कि सामने यही आया है कि क्रिकेट खेलने के दौरान हुए विवाद और पुरानी रंजिश में मारपीट के बाद मड़ई में आग लगाई गई है। विवेचना जारी है, सामने आए तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

सोयेपुर गांव स्थित पोखरा के समीप राजभर बस्ती है। बस्ती के मकालू, पखंडू, शुद्धू, प्रदीप, शिव कुमारी, नेमा, किरन ने बताया कि हमारे ही बीच के कुछ लोग भूमाफियाओं से मिलीभगत कर हमें इस जमीन और हमारे घर से बेदखल करना चाहते हैं।

इस वजह से मंगलवार की सुबह अकारण ही लाठी-डंडे, रॉड, गड़ासा और फरसा से हमला कर 15 मड़ई में आग लगा दी। इस दौरान आधा दर्जन से अधिक घरों में घुसकर तोड़फोड़ और लूटपाट भी की गई। सौ नंबर पर सूचना दी गई लेकिन पुलिस मौके से आकर लौट गई।

इसके बाद फिर सूचना दी गई तो कैंट पुलिस और फायरब्रिगेड की गाड़ी पहुंची। मारपीट और हमले में घायल परमेश्वर, सोनू, रवींद्र, विजय, सुरेश, मनोज और सूरज, मनोज, सोनू, सावित्री देवी, सूखा देवी, डब्लू भारद्वाज सहित 18 लोगों को उपचार के लिए ले जाया गया।

घटना को लेकर कैंट थाने पर दी गई गोलू की तहरीर पर सूरज और कुलदीप, रवींद्र की तहरीर पर विजय प्रधान, कुलदीप, दीपक, शंभू, सुरेश व बाबी और विजय प्रसाद की तहरीर पर डब्लू, डब्बू, मकालू, वीरू, गोविंदा व रिंकू के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।

पुलिस ने परमेश्वर, सोनू, रवींद्र, विजय, सुरेश, मनोज और सूरज को जेल भेज दिया है। वहीं, इस दौरान बस्ती के समीप स्थित एक प्रापर्टी डीलर के कार्यालय में घुसकर बस्ती के लोगों ने तोड़फोड़ की और चहारदीवारी को ढहा दिया। 
 

डेढ़ महीने पहले भी हुआ था उपद्रव और आगजनी

Fire in fifteen hut due to land dispute in varanasi
2007 से 14 बीघा जमीन कानून व्यवस्था के लिए जब-तब बन जाती है चुनौती - फोटो : अमर उजाला
कैंट थाना अंतर्गत सोयेपुर गांव की राजभर बस्ती में मारपीट, बलवा और मड़ई फूंकना आम बात हो गई है। बस्ती और उससे सटी 14 बीघा जमीन 2007 से कानून व्यवस्था के लिए चुनौती बनी हुई है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी समस्या का समाधान नहीं करा पा रहे हैं।

बीते नौ फरवरी को जमीन से कब्जा हटाने गई पुलिस-प्रशासनिक टीम का विरोध करते हुए विरोध करते हुए ग्रामीणों ने पथराव कर मड़ई में आग लगा दी थी। कई घंटे बाद पुलिस ने काबू पाया था।

फरवरी, 2010 में जहरीली शराब से 28 मौतों की वजह से चर्चा में आया था। आरोप था कि राजभर बस्ती की जमीन पर कब्जा करने के लिए जहरीली शराब पिलाई गई थी। पूर्व सांसद जवाहर जायसवाल, महेश जायसवाल सहित आधा दर्जन लोग इस मामले में गिरफ्तार कर जेल भेजे गए थे।

बस्ती के लोगों के अनुसार 200 परिवार और 800 लोग यहां रहते हैं। मंगलवार को बस्ती में उपद्रव के बाद ग्रामीण भी मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों का कहना था कि बस्ती में कब मारपीट शुरू हो जाएगी और कब मड़ई फूंक दी जाएगी, इसका कोई पता नहीं रहता है।

वहीं, राजभर बस्ती के लोगों का कहना है कि वो पिछले 60 से ज्यादा वर्षों से गांव में बसे हुए हैं तो अब उन्हें उजाड़ने की कोशिश क्यों की जा रही है। बाहरी लोगों को इसमें सफल नहीं होने दिया जाएगा। वे पीढ़ियों से यहीं रह रहे हैं और यहीं रहेंगे।

मंत्री ने दिया था समाधान का आश्वासन, बंटे तीन खेमे में

Fire in fifteen hut due to land dispute in varanasi
आठ साल पहले जहरीली शराब से 28 लोगों की मौत से चर्चा में आया था सोयेपुर - फोटो : अमर उजाला
फरवरी में प्रदेश के मंत्री ओमप्रकाश राजभर सोयेपुर गए थे और उन्होंने 14 बीघा जमीन से संबंधित विवाद का समाधान कराने का आश्वासन दिया था। बाद में मंत्री की ओर से पहल नहीं हुई। 

बस्ती के लोग तीन खेमे में बंटे हुए हैं। एक खेमा मंत्री ओमप्रकाश राजभर, दूसरा राज्यमंत्री अनिल राजभर को नेता मानता है। तीसरा खेमा महेश जायसवाल के पक्ष में है।

बसपा के शासन में लोग सुखदेव राजभर को नेता मानते थे। उधर, शाम को बसपा नेताओं के प्रतिनिधिमंडल ने बस्ती पहुंचकर घटना की जानकारी ली। बसपा नेता इससे पहले दीनदयाल अस्पताल भी पहुंचे थे।

कैंट पुलिस और एलआईयू से रिपोर्ट तलब
उपद्रव के मामले में कैंट पुलिस के साथ ही लोकल इंटेलिजेंस यूनिट भी रिपोर्ट बनाएगी। चर्चा रही कि जमीन का मामला होने के कारण पुलिस की रिपोर्ट प्रशासन को सौंपी जाएगी। साथ ही, मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में विवाद की समाधान कराने की मांग की जाएगी।

बस्ती में बना है प्रधानमंत्री आवास और शौचालय
बस्ती में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत और सरकारी मदद से शौचालय बनाए गए हैं। बस्ती के लोगों ने दावे के साथ कहा कि यदि हमारा अवैध कब्जा होता तो प्रशासन की ओर से प्रधानमंत्री आवास और शौचालय यहां क्यों बनवाया जाता। 

 

नगदी और जेवर लूटे, महिलाओं को पीटा

Fire in fifteen hut due to land dispute in varanasi
मंगलवार को करीबियों ने ही घरों में घुसकर मारपीट, तोड़फोड़ और लूटपाट की। इस दौरान हमलावरों ने आधा दर्जन महिलाओं को बुरी तरह मारा-पीटा और लूटपाट कर भाग गए।

श्यामधनी की बहू पूजा ने बताया कि उसकी ननद पूजा की शादी तीन मई को है। हमलावरों ने घर में घुसकर शादी के लिए खरीदी गई टीवी तोड़ दी। पासबुक फाड़ कर घर में रखे पांच हजार रुपये और जेवर लूट लिए।

दुर्गावती ने बताया कि उसके घर में तोड़फोड़ करने के बाद हमलावर बहू रेखा का दस हजार रुपया और जेवर लूट ले गए। मनीषा ने बताया कि उसके भी घर में घुसकर तोड़फोड़ की गई। 

पुलिस की निष्क्रियता से दो बार हुई मारपीट
बस्ती के लोगों का कहना था कि पुलिस ने सक्रियता दिखाई होती तो दो बार मारपीट नहीं हुई होती। मगर, यूपी 100 की पीआरवी मौके पर आकर लौट गई। इसके चलते हमलावरों का मनोबल बढ़ा और दोबारा उन्होंने बस्ती में लोगों को दौड़ा-दौड़ा कर मारा-पीटा।

30 लाख रुपये बिस्वा जमीन है गांव की
सोयेपुर गांव वाराणसी-आजमगढ़ मार्ग के किनारे और पांडेयपुर चौराहा से चंद किलोमीटर की दूर है। इस वजह से इस गांव की जमीन पर प्रापर्टी डीलरों की नजर है। ग्रामीणों ने बताया कि मौजूदा समय में सोयेपुर गांव में 30 लाख रुपया बिस्वा जमीन है।
 
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