UP : कैंट स्टेशन पर 35 घंटे के अंदर तीसरी बार लगी आग, बाल-बाल बचा कामायनी का पार्सल; धुआं देख हड़कंप
Varanasi News : हादसे की सूचना मिलते ही माैके पर अधिकारी और कर्मचारी भी पहुंच गए। बिजली विभाग के कर्मियों ने तुरंत सप्लाई काटी। वहीं, कामायनी एक्सप्रेस के यात्री भी सकते में आ गए। सबसे पहले इसमें रखे पार्सल को हटवाया गया।
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वाराणसी कैंट रेलवे स्टेशन के वाहन पार्किंग में रविवार की शाम एक बार फिर शाॅर्ट सर्किट हुआ। शुक्रवार की रात पौने दस बजे पहली बार जहां बाइक जली थी, ठीक उसी जगह पर शॉर्ट सर्किट हुआ और इस बार चाइल्ड लाइन के पीछे यानी प्लेटफॉर्म संख्या एक की तरफ धुंआ फैल गया। प्लेटफॉर्म संख्या एक पर खड़ी कामायनी एक्सप्रेस के यात्री सहम गए और प्लेटफाॅर्म पर रखी पार्सल की पेटियां आनन-फानन में हटाई गईं। बिजली विभाग के कर्मियों ने तुरंत सप्लाई काटी।
आरपीएफ और जीआरपी की मुस्तैदी से नियंत्रण में रहा मामला
संयोग रहा कि शॉर्ट सर्किट से चिंगारी प्लेटफॉर्म के पार्सल पर नहीं पड़ा, अन्यथा आग की बड़ी घटना से इनकार नहीं किया जा सकता था। आरपीएफ और जीआरपी की मुस्तैदी से मामला नियंत्रण में रहा। वाहन पार्किंग में शाम 4ः30 बजे के बाद जैसे ही बिजली सप्लाई चालू हुई कि पहली बार जहां एमसीबी से बाइक जली थी, फिर से वहीं तेज आवाज के साथ स्पार्क हुआ। इसके तुरंत बाद ही चाइल्ड लाइन के पीछे प्लेटफॉर्म संख्या एक की ओर धुआं उठने लगा। यह देखते ही रेल कर्मचारी और जीआरपी, आरपीएफ के कर्मी तुरंत दौड़े और पार्सल की पेटियों को हटाना शुरू किया।
कामायनी एक्सप्रेस के यात्री भी सकते में आ गए। इस बीच सूचना मिलते ही विद्युत कर्मियों ने तुरंत सप्लाई को बंद किया। रेल कर्मियों ने बताया कि वाहन पार्किंग में केबिल उसी तरह रखी हुई है, जिसके चलते ही आग की घटना हुई थी। रेल के उच्चाधिकारियों ने दोबारा शार्ट सर्किट के संबंध में जानकारी ली।
हादसे के बाद भी नहीं चेते अफसर, कर्मियों के भरोसे व्यवस्था
तीन कर्मियों को निलंबित करके जिम्मेदारों की गर्दन बचाई गई। रेल कर्मियों ने बताया कि आग से बचाव की कोई व्यवस्था नहीं है। यदि पार्सल की पेटियों में आग पकड़ी होती तो फिर कामायनी एक्सप्रेस के यात्रियों की जान पर भी बन आती। जगह-जगह पार्सल रखे रहते हैं, जहां आग से बचाव की कोई व्यवस्था नहीं है।
कैंट रेलवे को पत्र लिखेगी सिगरा पुलिस, दोबारा न हो ऐसी घटना
आग के कारणों की जांच सिगरा पुलिस भी कर रही है। रोडवेज चौकी इंचार्ज इसके लिए नामित किए गए हैं। निलंबित केयर टेयर आनंद लाकड़ा, रेलवे बिजली विभाग और इंजीनियरिंग विभाग के कर्मियों से बयान लिए जाएंगे। वहीं, सिगरा पुलिस कैंट रेलवे को पत्र भी लिखेगी कि आग से बचाव के मुकम्मल इंतजाम हो। ताकि दोबारा इस तरह ही घटना की पुनरावृत्ति न हो। चौकी इंचार्ज की जांच में अब तक शॉर्ट सर्किट की ही बात सामने आई है।
हेल्प डेस्क पर 65 रेल कर्मियों ने दर्ज कराए नाम, पता और वाहन के नंबर
आग की भेंट चढ़े वाहन को लेकर रेल कर्मियों ने रविवार को कैंट स्टेशन पर बने हेल्प डेस्क पर अपना नाम, पता और वाहन के नंबर नोट कराए, जिन कर्मियों के वाहन नहीं जले थे, उन्हें वाहन ले जाने की अनुमति दी गई। 25 दुपहिया वाहन सुरक्षित बचा लिए गए थे। जिनकी बाइक जली है वह मुआवजे को लेकर चिंतित हैं। क्योंकि इसमें अधिकतर रेल कर्मियों के वाहन का इंश्योरेंस फेल हैं। सोमवार और मंगलवार तक हेल्प डेस्क संचालित होगा।