वित्तमंत्री ने आईआईटीयंस को दिया होमवर्क: छात्रों ने पूछे सवाल तो वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने दिया ये जवाब
केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने आईआईटीयंस को होमवर्क भी दिया है। उन्होंने कहा कि मातृ भाषा के बारे 100 शब्द लिखें और डायरेक्टर के पास भेज दें।
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आईआईटी बीएचयू में मेंटल वेलनेस सप्ताह समारोह का शुभारंभ करने आईं केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने आईआईटीयंस को होमवर्क भी दिया है। उन्होंने कहा कि मातृ भाषा के बारे 100 शब्द लिखें और डायरेक्टर के पास भेज दें। इस पर आईआइटियंस ने हामी भरी और कहा कि जल्द ही टास्क पूरा करेंगे। निदेशक प्रो पीके जैन ने कहा कि वित्तमंत्री का होमवर्क जल्द ही पूरा होगा। इसका संकल्प छात्र-छात्राओं ने लिया है।
मानसिक स्वास्थ्य के लिए किताब पढ़ना लाभदायक
वित्तमंत्री ने आईआईटी के छात्रों को तनाव से दूर रहने का मंत्र भी दिया। उन्होंने कहा कि विषय के साथ ही दूसरी किताबें भी पढें। किताब पढ़ना मानसिक स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है। उन्होंने स्टूडेंट्स काउंसिल की तारीफ की और कहा कि संस्थान ने तनाव दूर करने के लिए काउंसिलिंग की व्यवस्था की है। यह काबिले तारीफ है।
रोज मिल रही मानसिक स्वास्थ्य की जानकारी
केंद्रीय वित्तमंत्री ने सरकार की तरफ से मेंटल वेलनेस के लिए चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी दी। बताया कि 900 टेली काउंसलर प्रतिदिन 3 हजार छात्रों को 20 भाषाओं में मानसिक स्वास्थ्य की जानकारी देते हैं। इस दौरान आईआईटी बीएचयू के प्रो. पीके जैन व अन्य प्रोफेसर मौजूद रहे।
तीन साल में 70 फीसदी बढ़ा मेंटल हेल्थ केयर का बजट
वित्तमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार क्वालिटेटिव मेंटल हेल्थ केयर के लिए प्रतिबद्ध है। इसके लिए भारत सरकार ने 2020-21 में आवंटित बजट 713 करोड़ से बढ़ाकर 2023-24 में 1200 करोड़ रुपये कर दिया है। यानी बीते तीन साल में करीब 70 फीसदी की वृद्धि की गई है। वित्तमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य के लिए योग जरूरी है। आज पूरी दुनिया योग को अपना रही है। शरीर के साथ ही मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी योग जरूरी है।
छात्रों के सवाल- केंद्रीय मंत्री के जवाब
जेंडर इक्वालिटि और राजनीति में महिलाओं की भागीदारी से आप संतुष्ट हैं?- गीतांश
महिलाएं अपनी शक्ति को याद रखें । उनकी हर क्षेत्र में बराबर की हिस्सेदारी है। जब उन्होंने राजनीति के क्षेत्र में कदम रखा तो आसपास और रिश्तेदार कहते थे कि ये क्षेत्र महिलाओं के लिए ठीक नहीं है। कुछ नहीं कर पाएंगी। लेकिन, मैंने हार नहीं मानी। परिवार का साथ मिला और आज यहां हूं।
आप दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था को संभाल रही हैं। बड़े निर्णय लेते समय मानसिक संतुलन बनाए रखने के लिए क्या करती हैं? आदित्य मिश्रा,
कोई भी काम करते समय या निर्णय लेते समय हमें सच्चाई, ईमानदारी और अनुशासन का ख्याल रखना चाहिए। अगर आप कोई भी काम सच्चाई के साथ करते हैं तो मन में कोई डर नहीं आता। और जब मन में डर न हो तो मानसिक दबाव नहीं झेलना पड़ता। परिवार और दोस्त मानसिक संतुलन को बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण हैं।
कॉलेज के दौरान की चैलेंजिंग लाइफ से कभी आपको तनाव का सामना करना पड़ा। आपने अपना बचाव कैसे किया? - दिव्या गांधी
जिंदगी में कभी हार नहीं मानना चाहिए। इसी सोच के साथ हमेशा जीवन में आगे बढ़ी। आपकी समस्या का समाधान केवल आप ही कर सकते हैं। लोग बस आपको सुझाव दे सकते हैं। खुद को समय दें। खुद से बात करें और खुद में ये दृढ़ निश्चय करें कि हम कुछ भी कर सकते हैं। कोई काम कठिन नहीं। इस सोच के साथ आगे बढ़ेंगे तो आप सबकुछ कर सकते हैं।
सिंगल मदर को तमाम चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। इससे निजात दिलाने की कोई व्यवस्था है क्या? अरुणांश सिन्हा
केंद्र सरकार की तरफ से कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। किसी महिला को यह नहीं सोचना चाहिए कि वह कमजोर है। मजबूती के साथ आगे बढ़ना चाहिए। महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं। नौकरी के साथ ही परिवार भी संभाल रही हैं।