बीएचयू के विज्ञान संस्थान में मना पांचवा स्थापना दिवस, शोध के लिए नए शिक्षकों को आगे आने का आह्वान
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बीएचयू के विज्ञान संस्थान के पांचवें स्थापना दिवस पर शिक्षकों को शोध और अनुसंधान के क्षेत्र में आगे आकर काम करते रहने का आह्वान किया गया। बतौर मुख्य अतिथि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव प्रोफेसर आशुतोष शर्मा ने कहा कि कोरोना काल में चुनौतियों के बाद भी विज्ञान के क्षेत्र में वैज्ञानिकों ने सराहनीय काम किया है। इससे हर राह आसान हो गई है।
विज्ञान संस्थान के संगोष्ठी संकुल में आयोजित समारोह में प्रो. आशुतोष शर्मा ने कहा कि कुछ महीने पहले जहां वेंटिलेटर, मास्क और पीपीई किट सहित अन्य सामान की उपलब्धता की चुनौतियां थीं,वहीं अब देश में गुणवत्तायुक्त वेंटीलेटर इस्तेमाल किए जा रहे हैं।
कहा कि अगर शिक्षण जगत, सरकार और उद्योग एक साथ आ जाए तो बहुत सी चीजें आसान हो जाएगी। जब हम आत्मनिर्भर भारत की बात कर रहे हैं तो यह जानने की जरूरत है कि कैसे लक्ष्य प्राप्त किया जाए।
कुलपति प्रोफेसर राकेश भटनागर ने कहा कि बीएचयू ने देश को ऐसी महान विभूतियां दी हैं जिनका योगदान अभूतपूर्व है। कहा कि विश्वविद्यालय में नए शिक्षकों पर इसकी जिम्मेदारी है कि वह उस विरासत को आगे बढ़ाते रहें। अतिथियों का स्वागत करते हुए विज्ञान संस्थान के निदेशक प्रोफेसर एके त्रिपाठी ने संस्थान की उपलब्धियों पर चर्चा की। इस दौरान संकाय प्रमुख प्रो. मल्लिकार्जुन जोशी, प्रो.जेके रॉय आदि लोग मौजूद रहे।
दो नई पीठ के लिए प्रो.अंचल श्रीवास्तव, प्रो.मायाशंकर को प्रोफेसरशिप
इस दौरान संस्थान में आयोजित भारत रत्न प्रोफेसर सीएनआर राव पीठ के लिए रसायन विभाग के प्रोफेसर मायशंकर सिंह और संत सांगानेरिया के सहयोग से पीठ के लिए भौतिक विज्ञान विभाग के प्रोफेसर अंचल श्रीवास्तव को प्रोफेसरशिप के लिए चयनित किया गया। इस दौरान अलग-अलग विज्ञान एकेडमी और पुरस्कार से सम्मानित शिक्षकों को भी सम्मानित किया गया। जिसमें प्रोफेसर एनवी चलपति राव,प्रो.मधुलिका अग्रवाल आदि शामिल रहे।