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UP: 65 मुकदमों में 15 सिर्फ हत्या के, 25 केस गाजीपुर में, वाराणसी में घर के बाहर की थी अवधेश राय की हत्या
Fri, 29 Mar 2024 10:13 AM IST
अमन विश्वकर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: अमन विश्वकर्मा
Updated Fri, 29 Mar 2024 10:13 AM IST
सार
Mukhtar Ansari Death: वर्ष 2002 के विधानसभा चुनाव में भाजपा नेता कृष्णानंद राय ने मोहम्मदाबाद से अफजाल अंसारी को शिकस्त दी थी। 2004 में अफजाल अंसारी गाजीपुर से लोकसभा चुनाव जीता था। इसके बाद 29 जनवरी 2005 को विधायक कृष्णानंद राय समेत सात लोगों पर एके-47 से 500 राउंड गोली चलाकर बसनिया चट्टी के समीप नृशंस तरीके से हत्या कर दी गई थी।
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Mukhtar Ansari
- फोटो : फाइल फोटो
विस्तार
माफिया मुख्तार अंसारी के खिलाफ उत्तर प्रदेश, पंजाब और दिल्ली के अलग-अलग जिलों में 65 मुकदमे दर्ज थे। इनमें से सर्वाधिक 25 मुकदमे गाजीपुर जिले में दर्ज थे। 65 मुकदमों में 15 मुकदमे हत्या के आरोप से संबंधित थे। मुख्तार को आठ मामलों में अदालत से सजा सुनाई जा चुकी थी। वहीं, 21 मुकदमों का अलग-अलग अदालतों में ट्रायल चल रहा था।
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कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के बड़े भाई अवधेश राय तीन अगस्त 1991 को लहुराबीर स्थित अपने घर के बाहर खड़े थे। उसी दौरान बगैर नंबर की मारुती वैन से आए बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर अवधेश राय की हत्या कर दी थी। घटनास्थल से चेतगंज थाना लगभग 100 मीटर की दूरी पर था। अजय राय ने बदमाशों का पीछा भी किया था, लेकिन उन्हें पकड़ पाने में वह असफल रहे थे। यह ऐसा पहला मामला था जिसमें मुख्तार अंसारी को 5 जून 2023 को वाराणसी की अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई थी।
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नंद किशोर रुंगटा का क्या हुआ, किसी को नहीं पता
विहिप के तत्कालीन कोषाध्यक्ष और कोयला कारोबारी नंद किशोर रुंगटा का अपहरण बनारस स्थित उनके ऑफिस से 22 जनवरी 1997 को किया गया था। मुख्तार अंसारी गिरोह को सवा करोड़ रुपये की फिरौती दी गई थी। इसके बाद भी आज तक नंद किशोर रुंगटा का पता नहीं लग पाया। उनके परिजन घटना के 27 वर्ष बाद भी कुछ नहीं बोलते हैं।
पुलिस और सीबीआई से पैरवी न करने के लिए मुख्तार अंसारी ने उनके भाई महावीर प्रसाद रुंगटा को धमकी दी थी। इस मामले में मुख्तार अंसारी को वाराणसी की अदालत ने 15 दिसंबर 2023 को पांच साल छह माह की सजा और 10 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया था।
500 राउंड गोली चलाकर की गई थी सात लोगों की हत्या
वर्ष 2002 के विधानसभा चुनाव में भाजपा नेता कृष्णानंद राय ने मोहम्मदाबाद से अफजाल अंसारी को शिकस्त दी थी। 2004 में अफजाल अंसारी गाजीपुर से लोकसभा चुनाव जीता था। इसके बाद 29 जनवरी 2005 को विधायक कृष्णानंद राय समेत सात लोगों पर एके-47 से 500 राउंड गोली चलाकर बसनिया चट्टी के समीप नृशंस तरीके से हत्या कर दी गई थी। हत्याकांड में मारे गए सात लोगों के शव से 67 गोलियां बरामद की गई थी।