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Varanasi News: नववर्ष के नव उल्लास में बिखरा उत्सवी रंग
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वाराणसी में बृहस्पतिवार को नव वर्ष पर घाट उस पार जश्न मनाने पहुचें लोग । संवाद
नववर्ष पर बृहस्पतिवार को उत्सवी रंग बिखरा। लोगों ने घर से मंदिर तक वर्ष की मंगल कामना की। पिकनिक स्पॉट और घाटों पर मौज-मस्ती का नजारा दिखा। दिनभर नावों से गंगा में सैर-सपाटे का दौर चलतार रहा। वहीं, गंगा पार रेती खेल का मैदान बना रहा। ऊंट और घोड़े सवारी की सवारी का लोगों को खूब लुत्फ उठाया। उधर, कॉलोनियों के पार्कों में भी उत्सव जैसा माहौल रहा।
साल की पहली तारीख पर सूरज की पहली रोशनी पड़ते ही लोगों ने खुशियों की नव अनुभूति की। साल की बधाइयों का सिलसिला रात तक चला। दिन चढ़ने के साथ कोई परिवार संग तो युवाओं की टोलियां नए साल की खुशियां बांटने निकल पड़े। शहर से सुदूर इलाकों के पर्यटन स्थलों पर भीड़ देर शाम तक रही। दशाश्वमेध, नमोघाट, अस्सीघाट पर खासकर युवक-युवतियों का हुजूम उमड़ा रहा। रेती में कहीं युवाओं की टोलियां तो कहीं परिवार संग बच्चे बॉलीबॉल खेला। पतंगबाजी भी की। वहीं, युवाओं ने रेत पर श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर, पहाड़, महापुरुषों की आकृतियां बनाईं। उधर, सारनाथ अंतरराष्ट्रीय बौद्ध स्थल सैलानियों से भरा रहा। मूलगंध कुटी विहार, बौद्ध मंदिर में भीड़ रही। वहीं, चिड़िया घर और पुरातात्विक खंडहर परिसर में खूब मस्ती की गई।
थाई बौद्ध मंदिर में विश्व के कल्याण व शांति को 24 घंटे की पूजा
थाई बौद्ध मंदिर व महाबोधि मंदिर में नए साल के पहले दिन बौद्ध भिक्षुओं ने विशेष पूजा की। बुधवार से शाम से 24 घंटे तक पूजा की। थाई बौद्ध मंदिर के भंते मंगलिको महास्थवीर ने बताया कि विश्व कल्याण, विश्व शांति और मैत्री संबंधों के लिए पूजा हुई। पूजा में भंते चंदीमा, भंते सांगेदूत, भंते नागवंसा, भंते सुमिता नंद आदि बौद्ध भिक्षु शामिल रहे। भगवान बुद्ध की 80 फिट खड़ी मूर्ति भी रोशनी से जगमगा रही थी।
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साल की पहली तारीख पर सूरज की पहली रोशनी पड़ते ही लोगों ने खुशियों की नव अनुभूति की। साल की बधाइयों का सिलसिला रात तक चला। दिन चढ़ने के साथ कोई परिवार संग तो युवाओं की टोलियां नए साल की खुशियां बांटने निकल पड़े। शहर से सुदूर इलाकों के पर्यटन स्थलों पर भीड़ देर शाम तक रही। दशाश्वमेध, नमोघाट, अस्सीघाट पर खासकर युवक-युवतियों का हुजूम उमड़ा रहा। रेती में कहीं युवाओं की टोलियां तो कहीं परिवार संग बच्चे बॉलीबॉल खेला। पतंगबाजी भी की। वहीं, युवाओं ने रेत पर श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर, पहाड़, महापुरुषों की आकृतियां बनाईं। उधर, सारनाथ अंतरराष्ट्रीय बौद्ध स्थल सैलानियों से भरा रहा। मूलगंध कुटी विहार, बौद्ध मंदिर में भीड़ रही। वहीं, चिड़िया घर और पुरातात्विक खंडहर परिसर में खूब मस्ती की गई।
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थाई बौद्ध मंदिर में विश्व के कल्याण व शांति को 24 घंटे की पूजा
थाई बौद्ध मंदिर व महाबोधि मंदिर में नए साल के पहले दिन बौद्ध भिक्षुओं ने विशेष पूजा की। बुधवार से शाम से 24 घंटे तक पूजा की। थाई बौद्ध मंदिर के भंते मंगलिको महास्थवीर ने बताया कि विश्व कल्याण, विश्व शांति और मैत्री संबंधों के लिए पूजा हुई। पूजा में भंते चंदीमा, भंते सांगेदूत, भंते नागवंसा, भंते सुमिता नंद आदि बौद्ध भिक्षु शामिल रहे। भगवान बुद्ध की 80 फिट खड़ी मूर्ति भी रोशनी से जगमगा रही थी।

वाराणसी में बृहस्पतिवार को नव वर्ष पर घाट उस पार जश्न मनाने पहुचें लोग । संवाद
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