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महिला कचहरी में उठी आवाज, अब खत्म करो तीन तलाक

Thu, 20 Oct 2016 02:29 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/वाराणसी
ब्यूरो, अमर उजाला/वाराणसी Updated Thu, 20 Oct 2016 02:29 AM IST
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Female voices arose in court, now finish the three divorces
तीन तलाक के विरोध में मुस्लिम महिलाओं की लगी कचहरी।
मुस्लिम महिलाओं के लिए तीन तलाक पर देश भर में छिड़ी बहस के बीच बुधवार को यहां आयोजित ‘महिला कचहरी’ में इसके खिलाफ पुरजोर आवाज उठी। मुस्लिम महिलाओं ने दो टूक कहा कि शरीयत में तीन तलाक का कानून बंद होना चाहिए। सवाल उठाया कि शरीयत की आड़ में सिर्फ औरतों का उत्पीड़न क्यों? शरीयत की बात करने वाले मौलाना आखिर मुस्लिम महिलाओं की स्थिति में सुधार के लिए पहल क्यों नहीं करते? 
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विशाल भारत संस्थान हुकुलगंज में मुस्लिम महिला फाउंडेशन की ओर से आयोजित इस ‘महिला कचहरी’ में तलाकशुदा मुस्लिम महिलाओं ने अपना दर्द बयां किया तो वहीं तीन तलाक के खिलाफ व्यापक हस्ताक्षर अभियान की शुरुआत की गई। तय किया गया कि जरूरी हुआ तो तीन तलाक का समर्थन करने वाले मर्दों के खिलाफ मुस्लिम महिलाएं घरों में ‘किचन हड़ताल’ कर उनका भोजन-पानी बंद करेंगी।
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फाउंडेशन की अध्यक्ष नाजनीन अंसारी ने कहा कि मुल्ला-मौलवी अपने फायदे के लिए ‘तीन तलाक’ पर रोक नहीं लगा रहे हैं। तीन तलाक ने मुस्लिम महिलाओं की जिंदगी बद से बदतर कर दी है। तलाकशुदा महिला की जिंदगी कितनी कठिन होती है, यह उसके माता-पिता और खुद उसके सिवा कोई और नहीं समझ सकता। नशा करना, फोटो खिंचवाना, चोरी करना भी शरीयत के खिलाफ है, आखिर मौलाना इनके खिलाफ अभियान क्यों नहीं चलाते। कहा कि ‘हलाला’ के नाम पर महिलाओं के जिस्म और आत्मा से खिलवाड़ बंद होना चाहिए।
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कार्यक्रम में आईं मीरघाट की रुबी ने कहा कि चार महीने पहले उसे पति ने तलाक कहकर छोड़ दिया। एक बेटा है। कमाई का कोई जरिया नहीं। अब गुजारा हो तो कैसे। शक्करतालाब की मुन्नी ने बताया कि उनका पति फोन से छोड़ने की धमकी दे रहा है। धमकी देकर रुपये की भी मांग कर रहा है। ऐसे ही कई और तलाकशुदा महिलाओं ने अपनी व्यथा सुनाई। फाउंडेशन की नेता नजमा परवीन, गुड़िया कुरैशी के अलावा नाजरा, अफसाना, रेहाना, आसमां, शबाना, नूरजहां आदि ने तीन तलाक के विरोध में बैनर पर हस्ताक्षर किया। 
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