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Varanasi News: संस्कृत महाविद्यालयों में लागू शुल्क बढ़ोतरी नहीं होगी वापस

Sat, 22 Apr 2023 08:28 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 22 Apr 2023 08:28 PM IST
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Fee hike applicable in Sanskrit colleges will not reverted
संस्कृत महाविद्यालयों में लागू शुल्क बढ़ोतरी नहीं होगी वापस
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कुलपति ने जारी किया निर्देश, एक दशक बाद लागू हुई है शुल्क वृद्धि
बोले- शुल्क वृद्धि का निर्णय कार्यपरिषद का, मेरे पास बदलने का अधिकार नहीं
माई सिटी रिपोर्टर
वाराणसी। संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के संबद्ध महाविद्यालयों में शुल्क बढ़ोतरी वापस लेने का विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। मामले में कुलपति और संबद्ध महाविद्यालय के प्राचार्य व शिक्षक भी आमने सामने आ गए हैं। कुलपति का कहना है कि शुल्क बढ़ोतरी का फैसला वापस नहीं होगा।
कुलपति प्रो. हरेराम त्रिपाठी ने बताया कि सन 2000 में शास्त्री और आचार्य में 450 रुपये शुल्क बढ़ा था। तत्कालीन कुलपति प्रो. बिंदा प्रसाद मिश्र ने 2010-11 में सौ प्रतिशत नौ सौ रुपए शुल्क वृद्धि की थी। एक दशक बाद 2021 में प्रो. आलोक कुमार राय ने भी विश्वविद्यालय से जुड़े संपूर्ण शुल्क ढांचे की समीक्षा कर शुल्क वृद्धि के लिए कमेटी का गठन किया था। कमेटी के निर्णय के अनुसार सभी विधिक समितियों के निर्देश पर 60 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। मुख्य सचिव दुर्गा प्रसाद मिश्र को ईमेल से भेजी गई आख्या में भी परीक्षा शुल्क एवं अन्य शुल्क में बढ़ोतरी का सुझाव दिया गया है। एक दशक बाद शुल्क वृद्धि को कार्यपरिषद ने लागू किया है और यह किसी भी कीमत पर वापस नहीं होगा। शुल्क वृद्धि का निर्णय कार्यपरिषद का है इसे बदलने का अधिकार कुलपति के पास नहीं होता है।
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उठाएंगे सख्त कदम
कुलपति प्रो. हरेराम त्रिपाठी ने बताया कि महाविद्यालयों के तथाकथित अध्यापकों एवं प्राचार्यों का प्राय: विश्वविद्यालय परिसर में आकर फीस वृद्धि समाप्त करने तथा नियमों के अंतर्गत हो रहे कार्यों का विरोध किया जा रहा है। गत दिनों शहर के दो संस्कृत महाविद्यालयों के आकस्मिक निरीक्षण में मिली कमियों को दबाने के लिए दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है। किसी भी तरह का दबाव स्वीकार नहीं किया जाएगा। अनुशासनहीन और आचरणहीन व्यवहार के खिलाफ सख्त कदम उठाएंगे।
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परिसर में अकारण घूमते मिले तो कार्रवाई
कुलपति ने संबद्ध महाविद्यालयों के लिए नोटिस में कहा गया है कि विवि परिसर में महाविद्यालयों के प्राचार्य या अध्यापक बिना अवकाश लिए अपने संस्था से न आएं। कुलपति व कुलसचिव के बिना अनुमति और बिना कारण परिसर में घूमते मिलेंगे तो कार्रवाई की जाएगी।
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