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बेटी से दुष्कर्म के जुर्म में पिता को उम्रकैद
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आजमगढ़। बेटी से दुष्कर्म करने वाले पिता को अदालत ने दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। बृहस्पतिवार को यह सजा विशेष न्यायाधीश पाक्सो कोर्ट रवीश कुमार अत्री ने सुनाई।
तहबरपुर थाना क्षेत्र की रहने वाली पीड़िता ने 12 अगस्त 2020 को स्थानीय थाने में अपने पिता के विरुद्ध दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप था कि घटना से एक दिन पूर्व पिता और पट्टीदारों के बीच भूमि को लेकर विवाद हुआ था। इसके बाद पिता ने कहा कि तुम्हें ननिहाल छोड़ देते हैं। घटना के दिन पिता उसे लेकर मोटर साइकिल से घर से निकला लेकिन उसे ननिहाल न ले जाकर आजमगढ़ के एक लॉज में ले गया और दुष्कर्म किया। दूसरे दिन सुबह उसे ननिहाल स्थित गांव के बाहर छोड़कर चला गया। उसने ननिहाल के लोगों को घटना की जानकारी दी। इस मामले में तहबरपुर थाना पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। मुकदमे के परीक्षण के दौरान अभियोजन पक्ष की तरफ से पैरवी कर रहे विशेष लोक अभियोजक अधिकारी अवधेश कुमार मिश्रा ने नौ गवाहों को अदालत में पेश किया और तर्कों को रखा। अदालत ने अभियोजन और बचाव पक्ष के तर्कों को सुनने के बाद दुष्कर्म के जुर्म में पिता को दोषी पाते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।
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तहबरपुर थाना क्षेत्र की रहने वाली पीड़िता ने 12 अगस्त 2020 को स्थानीय थाने में अपने पिता के विरुद्ध दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप था कि घटना से एक दिन पूर्व पिता और पट्टीदारों के बीच भूमि को लेकर विवाद हुआ था। इसके बाद पिता ने कहा कि तुम्हें ननिहाल छोड़ देते हैं। घटना के दिन पिता उसे लेकर मोटर साइकिल से घर से निकला लेकिन उसे ननिहाल न ले जाकर आजमगढ़ के एक लॉज में ले गया और दुष्कर्म किया। दूसरे दिन सुबह उसे ननिहाल स्थित गांव के बाहर छोड़कर चला गया। उसने ननिहाल के लोगों को घटना की जानकारी दी। इस मामले में तहबरपुर थाना पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। मुकदमे के परीक्षण के दौरान अभियोजन पक्ष की तरफ से पैरवी कर रहे विशेष लोक अभियोजक अधिकारी अवधेश कुमार मिश्रा ने नौ गवाहों को अदालत में पेश किया और तर्कों को रखा। अदालत ने अभियोजन और बचाव पक्ष के तर्कों को सुनने के बाद दुष्कर्म के जुर्म में पिता को दोषी पाते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।
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