फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Father dies due to coronavirus constable daughter gave her father Informant in jaunpur

कोरोना वायरस से हुई पिता की मौत, बेटा क्वारंटीन में था तो नहीं दे सका मुखाग्नि, कांस्टेबल बेटी ने पूरी की रस्म

Sun, 24 May 2020 02:21 PM IST
गीतार्जुन गौतम अमर उजाला नेटवर्क, जौनपुर
अमर उजाला नेटवर्क, जौनपुर Published by: गीतार्जुन गौतम Updated Sun, 24 May 2020 02:21 PM IST
विज्ञापन
Father dies due to coronavirus constable daughter gave her father Informant in jaunpur
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Twitter

उत्तर प्रदेश के जौनुपुर जिले में कोरोना वायरस से पीड़ित अधेड़ की मौत के बाद इकलौते बेटे को अपने पिता के अंतिम दर्शन भी नसीब नहीं हो सके। वह महज 20 किमी दूर ही मौजूद था, लेकिन चाहकर भी पिता की अंतिम यात्रा में नहीं पहुंच सका। हालात के आगे बेबस परिवार की बड़ी बेटी ने रूढ़ियों को तोड़ते हुए अपने पिता को मुखाग्नि दी।

विज्ञापन

कोरोना पीड़ित के अंतिम संस्कार की यह पूरी प्रक्रिया स्वास्थ्य विभाग के मानकों के अनुरूप हुई। इस दौरान पुलिस, प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अफसर भी मौजूद रहे। 
विज्ञापन



जौनपुर जिले के केराकत तहसील क्षेत्र के कादीपुर निवासी शख्स(47) मुंबई के कांदिवली की एक फैक्ट्री में काम करता था। लॉकडाउन के कारण फैक्ट्री बंद होने पर 15 वर्षीय बेटे के साथ श्रमिक स्पेशल ट्रेन में 16 मई को वाराणसी आया और वहां से रोडवेज बस में जलालपुर के बयालसी इंटर कॉलेज स्थित क्वारंटीन सेंटर पहुंचा।

विज्ञापन
विज्ञापन

जांच के दौरान खांसी आने पर उसे वहीं रोक लिया, जबकि बेटे को होम क्वारंटीन में भेज दिया था। तबीयत बिगड़ने के कारण 23 मई को उसकी क्वारंटीन सेंटर में ही मौत हो गई। मौत के कुछ देर बाद जांच रिपोर्ट आई तो पता चला कि वह कोरोना वायरस से संक्रमित था। इसके बाद तो फिर कोई शव के पास जाने को तैयार नहीं हुआ। जैसे-तैसे शव को किट में रखकर एंबुलेंस से शहर के पचहटिया स्थित रामघाट ले जाया गया।

गांव के प्राथमिक विद्यालय में क्वारंटीन किए गए इकलौते बेटे को जब पिता के मौत की खबर लगी तो अंतिम दर्शन के लिए वह छटपटाने लगा। काफी कोशिशों के बाद भी कोरोना संक्रमण फैलने की आशंका जताते हुए उसे वहां जाने की अनुमति नहीं दी गई। घाट पर मौजूद बड़ी बेटी ने रूढ़ियों को दरकिनार कर शव को मुखाग्नि दी। प्रोटोकॉल के तहत उसे पास नहीं जाने दिया गया।

पीपीई किट पहनकर उसने शव में दूर से ही आग लगाई। बेटी यूपी पुलिस में सिपाही है। उसकी पोस्टिंग फैज़ाबाद जिले में है। इस दौरान एसडीएम केराकत चन्द्रभान पाठक, कोतवाल बिंद कुमार आदि मौजूद रहे।

'पिता की सेवा का आखिरी मौका था, कैसे छोड़ती'
पिता की मौत से बेसुध बेटी ने क्वारंटीन सेंटर में पिता की सही देखभाल और उपचार न होने का आरोप लगाया।  पिताजी की तबीयत तीन दिन पहले से ही खराब थी। उन्हें खासी, बुखार और सांस लेने में तकलीफ थी, जिसकी सूचना 1076 समेत सभी अधिकारियों को दी गई थी। नोडल अधिकारी के द्वारा भी चिकित्सा अधीक्षक को लिखित रूप से सूचना दिया गया था।

बावजूद उन्हें कोई सहायता नहीं मिली। जब पिताजी के स्वास्थ्य के बारे में सुना था, तभी से मन में बेचैनी बढ़ गई थी। पिता से मिलने के लिए ही छुट्टी लेकर घर के लिए निकली थी, लेकिन वहां तक पहुंचने से पहले ही मनहूस खबर मिल गई। पूरे परिवार को इस बात का मलाल है कि सब कुछ होते हुए भी हम अंतिम समय में उनकी सेवा नहीं कर सके। बस मुखाग्नि का ही मौका मिला तो उसे कैसे जाने देती। कम से कम यह तसल्ली तो रहेगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed