{"_id":"5b8d183f42c79246382d0982","slug":"father-and-son-killed-in-power-shock-at-azamgarh","type":"story","status":"publish","title_hn":"आजमगढ़ में करेंट लगने से पिता-पुत्र की मौत, ऐसे हुआ ये दर्दनाक हादसा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आजमगढ़ में करेंट लगने से पिता-पुत्र की मौत, ऐसे हुआ ये दर्दनाक हादसा
क्राइम डेस्क,अमर उजाला,आजमगढ़
Updated Tue, 04 Sep 2018 02:12 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
यूपी के आजमगढ़ में रविवार की देर रात बिजली का करंट लगने से एक ही परिवार के दो लोगों की मौत हो गई। मृतकों में पिता और पुत्र हैं। घटना पवई थाना क्षेत्र की है। सुलेमापुर गांव में रविवार रात जगदंबा सरोज (45) और उनके पुत्र अभिषेक (15) की करेंट लगने से मौत हो गई। बेटा पंखे का तार बोर्ड में लगाते समय और पिता बेटे के इलाज के लिए बक्से से रुपये निकालते समय करेंट की चपेट में ंआ गया । परिवार के लोगों ने बगैर पुलिस को सूचना दिए दोनों का अंतिम संस्कार कर दिया।
जगदंबा के चार बेटों में अभिषेक दूसरे नंबर पर था। रविवार की रात जगदंबा पवई बाजार में जन्माष्टमी देखने गए थे। अभिषेक अपने कमरे में सोया था। जबकि उसकी मां उर्मिला व परिवार के अन्य सदस्य दूसरे कमरे में सो रहे थे। रात में बिजली आने पर अभिषेक पंखा चलाने के लिए बोर्ड में तार लगा रहा था।
इस दौरान करेंट लगने से वह झुलस गया। रात का समय होने की वजह से किसी को भी घटना के बारे में पता नहीं चला। इस दौरान बिजली का तार बगल में रखे लोहे के बक्से पर गिर गया। देर रात जगदंबा घर लौटे और कमरे में पड़े बेटे की हालत देखने के बाद उसकी चीख निकल गई। इस दौरान लोगों की भीड़ जुट गई।
विज्ञापन
सभी अभिषेक को अस्पताल ले जाने का प्रबंध करने लगे। जगदंबा ने इलाज के लिए रुपये निकालने के लिए उसी बक्से को खोला जिस पर तार टूटकर गिरा हुआ था। जैसे ही जगदंबा ने बक्से को खोला करेंट लगने से वह भी झुलस गए। गांव के लोग आनन-फानन में पिता-पुत्र को क्षेत्र के डाक्टर के यहां ले गए । परीक्षण कर डाक्टर ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।
जगदंबा के चार बेटों में अभिषेक दूसरे नंबर पर था। रविवार की रात जगदंबा पवई बाजार में जन्माष्टमी देखने गए थे। अभिषेक अपने कमरे में सोया था। जबकि उसकी मां उर्मिला व परिवार के अन्य सदस्य दूसरे कमरे में सो रहे थे। रात में बिजली आने पर अभिषेक पंखा चलाने के लिए बोर्ड में तार लगा रहा था।
विज्ञापन
इस दौरान करेंट लगने से वह झुलस गया। रात का समय होने की वजह से किसी को भी घटना के बारे में पता नहीं चला। इस दौरान बिजली का तार बगल में रखे लोहे के बक्से पर गिर गया। देर रात जगदंबा घर लौटे और कमरे में पड़े बेटे की हालत देखने के बाद उसकी चीख निकल गई। इस दौरान लोगों की भीड़ जुट गई।
विज्ञापन
सभी अभिषेक को अस्पताल ले जाने का प्रबंध करने लगे। जगदंबा ने इलाज के लिए रुपये निकालने के लिए उसी बक्से को खोला जिस पर तार टूटकर गिरा हुआ था। जैसे ही जगदंबा ने बक्से को खोला करेंट लगने से वह भी झुलस गए। गांव के लोग आनन-फानन में पिता-पुत्र को क्षेत्र के डाक्टर के यहां ले गए । परीक्षण कर डाक्टर ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।