{"_id":"649eee9fb324a3274e0c47d6","slug":"father-and-son-accused-of-cheating-arrested-varanasi-news-c-20-vns1013-274741-2023-06-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Varanasi News: धोखाधड़ी के आरोपी पिता-पुत्र गिरफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Varanasi News: धोखाधड़ी के आरोपी पिता-पुत्र गिरफ्तार
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बीएचयू में नौकरी दिलाने का झांसा देकर लिए थे छह लाख रुपये
माई सिटी रिपोर्टर
वाराणसी। बीएचयू में जूनियर क्लर्क के पद पर नौकरी दिलाने का झांसा देकर छह लाख रुपये ठगने के आरोपी पिता-पुत्र को सिगरा थाने की पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान कालभैरव निवासी मनोज कुमार मिश्रा और उसके बेटे रंजन उर्फ अभय मिश्रा के रूप में हुई है। दोनों को शुक्रवार को अदालत में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
सिगरा थाने में बीते नौ मई को बड़ी मलदहिया निवासी विरेंद्र कुमार ने धोखाधड़ी, कूटरचना और धमकाने सहित अन्य आरोपों के साथ ही एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया था। विरेंद्र ने बताया कि वह बाबा कालभैरव के मंदिर में नियमित दर्शन-पूजन के लिए जाता था। वहीं उसकी मुलाकात रंजन उर्फ अभय मिश्रा से हुई। रंजन ने उसे बताया कि उसके पिता मनोज कुमार मिश्रा बीएचयू में अधिकारी हैं। वह बीएचयू में बेरोजगार युवकों की नौकरी आसानी से लगवा देते हैं। रंजन की बातों से प्रभावित विरेंद्र ने उसे अपने घर बुलाया। बातचीत में तय हुआ कि जूनियर क्लर्क के पोस्ट पर नौकरी लगेगी और उसके बदले में 10 लाख रुपये देने होंगे। विरेंद्र ने बताया कि वह वर्ष 2020 से 2022 के बीच रंजन और मनोज को छह लाख रुपये दिया। 19 जनवरी 2022 को उसको रंजन और मनोज ने नियुक्ति पत्र देकर बीएचयू अस्पताल के हड्डी रोग विभाग में भेजा। वहां जाने पर पता लगा कि नियुक्ति पत्र फर्जी है। इस पर वह अपना पैसा मांगा तो रंजन और मनोज हीलाहवाली करने लगे। 28 मार्च 2023 को उसने अपना पैसा मांगा तो रंजन और उसके पिता ने उसके साथ गालीगलौज करते हुए धमकी दी और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया। इस संबंध में इंस्पेक्टर सिगरा राजू सिंह ने बताया कि विवेचना में सामने आए तथ्यों के आधार पर रंजन और मनोज को गिरफ्तार कर लिया गया है। एक अन्य आरोपी की तलाश जारी है।
विज्ञापन
माई सिटी रिपोर्टर
वाराणसी। बीएचयू में जूनियर क्लर्क के पद पर नौकरी दिलाने का झांसा देकर छह लाख रुपये ठगने के आरोपी पिता-पुत्र को सिगरा थाने की पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान कालभैरव निवासी मनोज कुमार मिश्रा और उसके बेटे रंजन उर्फ अभय मिश्रा के रूप में हुई है। दोनों को शुक्रवार को अदालत में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
सिगरा थाने में बीते नौ मई को बड़ी मलदहिया निवासी विरेंद्र कुमार ने धोखाधड़ी, कूटरचना और धमकाने सहित अन्य आरोपों के साथ ही एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया था। विरेंद्र ने बताया कि वह बाबा कालभैरव के मंदिर में नियमित दर्शन-पूजन के लिए जाता था। वहीं उसकी मुलाकात रंजन उर्फ अभय मिश्रा से हुई। रंजन ने उसे बताया कि उसके पिता मनोज कुमार मिश्रा बीएचयू में अधिकारी हैं। वह बीएचयू में बेरोजगार युवकों की नौकरी आसानी से लगवा देते हैं। रंजन की बातों से प्रभावित विरेंद्र ने उसे अपने घर बुलाया। बातचीत में तय हुआ कि जूनियर क्लर्क के पोस्ट पर नौकरी लगेगी और उसके बदले में 10 लाख रुपये देने होंगे। विरेंद्र ने बताया कि वह वर्ष 2020 से 2022 के बीच रंजन और मनोज को छह लाख रुपये दिया। 19 जनवरी 2022 को उसको रंजन और मनोज ने नियुक्ति पत्र देकर बीएचयू अस्पताल के हड्डी रोग विभाग में भेजा। वहां जाने पर पता लगा कि नियुक्ति पत्र फर्जी है। इस पर वह अपना पैसा मांगा तो रंजन और मनोज हीलाहवाली करने लगे। 28 मार्च 2023 को उसने अपना पैसा मांगा तो रंजन और उसके पिता ने उसके साथ गालीगलौज करते हुए धमकी दी और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया। इस संबंध में इंस्पेक्टर सिगरा राजू सिंह ने बताया कि विवेचना में सामने आए तथ्यों के आधार पर रंजन और मनोज को गिरफ्तार कर लिया गया है। एक अन्य आरोपी की तलाश जारी है।
विज्ञापन