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किसानों को मिलेगा पूरा मुआवजा
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
Updated Thu, 05 May 2016 01:56 AM IST
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अहमदपुर में किसानों से बात करते राज्यमंत्री सुरेन्द्र सिंह पटेल ।
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हरहुआ/सारनाथ। किसानों की जमीन का नए सर्किल रेट के हिसाब से पूरा मुआवजा दिया जाएगा। घर व पेड़ इत्यादि जो भी तोड़ा गया है, उसका भी पूरा भुगतान किया जाएगा। हमारी सरकार किसानों के साथ है। यह बात लोक निर्माण एवं सिंचाई राज्य मंत्री सुरेंद्र पटेल ने बुधवार को रिंग रोड के लिए अधिग्रहीत की गई जमीन के पूरे मुआवजे के लिए संघर्षरत किसानों को संबोधित करते हुए अहमदपुर में कही। उन्होंने ऐसा ही आश्वासन इदिलपुर और सारनाथ में धरनारत किसानों को भी दिया।
पटेल ने कहा कि 10 मई मुख्यमंत्री अखिलेश यादव आ रहे हैं। वह उनसे किसानों की मुलाकात कराएंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने भी कई सड़कें बनवाई पर किसानों को पूरा मुआवजा देने के बाद ही यह किया। यहां भी वही होगा। उन्होंने कहा कि किसानों की संतुष्टि सबसे ज्यादा जरूरी है। इसके साथ ही उन्होंने किसानों को नसीहत भी दी कि कानून हाथ में न ले। इस दौरान मौजूद प्रशासनिक और एनएचआई के अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि किसानों के बचे हुए रकबा को निश्चित कराएं। इस दौरान किसान मोर्चा के प्रवक्ता विजय शंकर पांडेय, पूर्व एमएलसी अर्जुन सिंह, एडवोकेट महेंद्र प्रसाद, यशोदा पटेल मौजूद रहे।
सिकंदरपुर में बुधवार की दोपहर जमीन की नापी शुरू हुई। इस दौरान छह किसानों के जमीन की नापी हुई। किसी का तीन बिस्वा तो किसी का दो बिस्वा तो कहीं एक बिस्वा किसानों की जमीन में कम निकला। इस पर अपने वकीलों के साथ मौजूद किसानों ने नापीकर रहे लेखपाल से सवालकिया कि आप बताइए कहां चली गई हमारी जमीन।
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पटेल ने कहा कि 10 मई मुख्यमंत्री अखिलेश यादव आ रहे हैं। वह उनसे किसानों की मुलाकात कराएंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने भी कई सड़कें बनवाई पर किसानों को पूरा मुआवजा देने के बाद ही यह किया। यहां भी वही होगा। उन्होंने कहा कि किसानों की संतुष्टि सबसे ज्यादा जरूरी है। इसके साथ ही उन्होंने किसानों को नसीहत भी दी कि कानून हाथ में न ले। इस दौरान मौजूद प्रशासनिक और एनएचआई के अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि किसानों के बचे हुए रकबा को निश्चित कराएं। इस दौरान किसान मोर्चा के प्रवक्ता विजय शंकर पांडेय, पूर्व एमएलसी अर्जुन सिंह, एडवोकेट महेंद्र प्रसाद, यशोदा पटेल मौजूद रहे।
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सिकंदरपुर में बुधवार की दोपहर जमीन की नापी शुरू हुई। इस दौरान छह किसानों के जमीन की नापी हुई। किसी का तीन बिस्वा तो किसी का दो बिस्वा तो कहीं एक बिस्वा किसानों की जमीन में कम निकला। इस पर अपने वकीलों के साथ मौजूद किसानों ने नापीकर रहे लेखपाल से सवालकिया कि आप बताइए कहां चली गई हमारी जमीन।
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