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खुशखबरी: पेड़ लगाकर पैसे कमा सकेंगे पूर्वांचल के किसान, जानें- क्या है योजना और कैसे मिलेगा लाभ
Tue, 13 Aug 2024 03:36 PM IST
प्रगति चंद
सार्थक पांडेय, वाराणसी।
सार्थक पांडेय, वाराणसी।
Published by: प्रगति चंद
Updated Tue, 13 Aug 2024 03:36 PM IST
सार
किसानों के लिए राहत भरी खबर है। पूर्वांचल के किसान अब पेड़ लगाकर पैसे कमा सकेंगे। उन्हें एक पेड़ के प्रतिवर्ष 250 से 350 रुपये तक मिलेंगे।
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Farmers
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
अब पूर्वांचल के किसान पौधे लगाकर पैसे कमा सकेंगे। कॉर्बन सोखो और पैसा कमाओ योजना के तहत इसका लाभ दिया जाएगा। योजना दूसरे चरण में वाराणसी और मिर्जापुर मंडल के जिलों में यह योजना शुरू की जाएगी। पेड़ों का सर्वे करने के बाद किसानों के खाते में रकम भेजी जाएगी। किसानों को एक पेड़ प्रतिवर्ष 250 रुपये से 350 रुपये तक मिल सकेंगे।
यह योजना 2023 में पहले चरण में मेरठ, गोरखपुर, बरेली, लखनऊ, मुरादाबाद और सहारनपुर मंडल में शुरू की गई थी। अब तक 25140 किसानों को 202 करोड़ रुपये मिल चुके हैं। दूसरे चरण में सात मंडल का चयन किया गया है।
इसमें वाराणसी और मिर्जापुर मंडल के जिले शामिल हैं। किसानों को वृक्ष जितना कॉर्बन सोखेंगे, उतना ही कार्बन क्रेडिट के हिसाब से पैसे दिए जाएंगे। तेजी से बढ़ने वाले पेड़ यूकेलिप्टस (नीलगिरी), पॉपुलर, शीशम, नीम जैसे पेड़ों पर किसानों को रकम दी जाएगी। प्रत्येक वृक्ष पर कार्बन क्रेडिट के हिसाब से प्रतिवर्ष 250 रुपये से 350 रुपये तक मिलेंगे। इससे किसानों को वृक्षों की कीमत के साथ अतिरिक्त आय होगी।
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यह योजना 2023 में पहले चरण में मेरठ, गोरखपुर, बरेली, लखनऊ, मुरादाबाद और सहारनपुर मंडल में शुरू की गई थी। अब तक 25140 किसानों को 202 करोड़ रुपये मिल चुके हैं। दूसरे चरण में सात मंडल का चयन किया गया है।
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इसमें वाराणसी और मिर्जापुर मंडल के जिले शामिल हैं। किसानों को वृक्ष जितना कॉर्बन सोखेंगे, उतना ही कार्बन क्रेडिट के हिसाब से पैसे दिए जाएंगे। तेजी से बढ़ने वाले पेड़ यूकेलिप्टस (नीलगिरी), पॉपुलर, शीशम, नीम जैसे पेड़ों पर किसानों को रकम दी जाएगी। प्रत्येक वृक्ष पर कार्बन क्रेडिट के हिसाब से प्रतिवर्ष 250 रुपये से 350 रुपये तक मिलेंगे। इससे किसानों को वृक्षों की कीमत के साथ अतिरिक्त आय होगी।
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वन विभाग स्वतंत्र एजेंसी से कराएगा सर्वे
वन विभाग स्वतंत्र एजेंसी से सर्वे कराकर किसानों को योजना का लाभ देगा। वैज्ञानिक फॉर्मूले के आधार पर पेड़ की कार्बन सोखने की क्षमता तय की जाएगी। उसी हिसाब से किसानों के खाते में पैसे भेजे जाएंगे। वन विभाग अधिकारी के अनुसार पेड़ के काटे न जाने तक भुगतान किया जाएगा। सागौन और यूकेलिप्टस (नीलगिरी) के वृक्ष सबसे अधिक कार्बन का अवशोषण करते हैं। इन पेड़ों के ज्यादा पैसे मिलेंगे।
क्या बोले अधिकारी
वायु प्रदूषण को कम करने के लिए यह योजना शुरू की जा रही है। वाराणसी मंडल में योजना शुरू होने वाली है। किसानों और वृक्षों को चिह्नित किया जा रहा है। इसके बाद किसानों को योजना का लाभ दिया जाएगा। -डॉ. रवि कुमार सिंह, संह, वन संरक्षक, वाराणसी मंडल