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फैसले से खुश किसान डीएम से मिलेेंगे
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
Updated Thu, 18 Aug 2016 02:27 AM IST
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रिंग रोड के लिए अधिग्रहीत की गई जमीन के बाजिब मुआवजे के लिए आंदोलन कर रहे किसानों ने बुधवार को हृदयपुर में एक बैठक की। बैठक में उच्च न्यायालय के फैसले पर खुशी जाहिर की गई। निर्णय लिया गया कि 16 अगस्त के फैसले के आलोक में किसानों का प्रतिनिधिमंडल 23 अगस्त को जिलाधिकारी से मुलाकात करेगा। इसमें कहा जाएगा कि उच्च न्यायालय के फैसले पर अमल कराया जाए।
किसान न्याय मोर्चा के संयोजक महेंद्र सिंह यादव ने कहा कि इलाहाबाद उच्च न्यायालय की दो सदस्यीय बेंच ने नियमों के आधार पर प्रतिकर देने का आदेश पारित किया है। कहा, अधिग्रहण का नया नियम यह कहता है कि किसानों की जमीन पूर्व स्थिति में आ गई है। साथ ही भारत सरकार द्वारा जारी किए गए सर्कुलर 1-1-2015 के तहत प्रभावित कुटुंबकों को मकान के बदले मुआवजा देना, जिलाधिकारी को प्राधिकरण की नियुक्ति करनी होगी।
इसके अलावा पांच लाख रुपया या पेंशन या नौकरी भी देनी होगी। एक साल का जीवन निर्वाह भत्ता (प्रतिमाह के हिसाब से तीन हजार रुपये) देना होगा। यह सब नहीं मिला तो किसान अपनी जमीन नहीं देंगे। अब जमीन पुन: किसानों की हो गई है। बैठक में राजेंद्र प्रसाद मानव, राजेश पटेल, अशोक सिंह, अरविंद सिंह, शिव कुमार सिंह, रामबली, सुंदर पाल, पन्नालाल यादव, अहमदपुर, हरबल्लमपुर, होरीलाल पाल, बुद्धू सिंह, दया यादव रहे। संचालन नवेंदू उपाध्याय ने किया।
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किसान न्याय मोर्चा के संयोजक महेंद्र सिंह यादव ने कहा कि इलाहाबाद उच्च न्यायालय की दो सदस्यीय बेंच ने नियमों के आधार पर प्रतिकर देने का आदेश पारित किया है। कहा, अधिग्रहण का नया नियम यह कहता है कि किसानों की जमीन पूर्व स्थिति में आ गई है। साथ ही भारत सरकार द्वारा जारी किए गए सर्कुलर 1-1-2015 के तहत प्रभावित कुटुंबकों को मकान के बदले मुआवजा देना, जिलाधिकारी को प्राधिकरण की नियुक्ति करनी होगी।
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इसके अलावा पांच लाख रुपया या पेंशन या नौकरी भी देनी होगी। एक साल का जीवन निर्वाह भत्ता (प्रतिमाह के हिसाब से तीन हजार रुपये) देना होगा। यह सब नहीं मिला तो किसान अपनी जमीन नहीं देंगे। अब जमीन पुन: किसानों की हो गई है। बैठक में राजेंद्र प्रसाद मानव, राजेश पटेल, अशोक सिंह, अरविंद सिंह, शिव कुमार सिंह, रामबली, सुंदर पाल, पन्नालाल यादव, अहमदपुर, हरबल्लमपुर, होरीलाल पाल, बुद्धू सिंह, दया यादव रहे। संचालन नवेंदू उपाध्याय ने किया।
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