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रिंग रोड से प्रभावित किसान छोड़ने लगे गांव
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
Updated Wed, 01 Jun 2016 01:55 AM IST
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इदिलपुर में सत्याग्रह स्थल पर मुआवजे के लिए प्रदर्शन करते किसान।
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रिंग रोड के लिए जमीन अधिग्रहण होने के बाद प्रभावित गांवों से किसानों गांव छोड़ने लगे हैं। जमीन जाने और पूरा मुआवजा न मिलने से परिवार का गुजारा मुश्किल हो गया है। ऐसे में बच्चों के पालन-पोषण, पढ़ाई-लिखाई और विवाह की चिंता से परेशान किसान अब मुंबई, कोलकाता, दिल्ली जैसे महानगरों में कमाई के लिए जा रहे हैं।
किसानों का कहना है कि जिस जमीन पर अनाज और सब्जी उगाकर परिवार का पेट पालते थे, वह रिंग रोड में चली गई। टुकड़े-टुकड़े में मुआवजा मिला वह भी अधूरा। ऐसे में कमाई के लिए बाहर जाना मजबूरी बन गई है। किसानों का कहना है कि अगर समय पर उचित मुआवजा मिल गया होता तो कोई धंधा कर लेते और यह दिन नहीं देखने पड़ते। सत्याग्रह में बैठीं कई महिला किसानों ने बताया कि बाहर कमाने के लिए जो पुरुष गए हैं, उनमें से कई गंभीर बीमारियों की चपेट में आ गए हैं। वहां उनके पास इतने पैसे नहीं हैं कि अपना बेहतर इलाज करा सकें।
रिंग रोड के लिए अधिग्रहीत जमीन के पूरे मुआवजे की मांग को लेकर किसानों का आंदोलन जारी है। अहमदपुर, इदिलपुर, हृदयपुर में किसान अपनी मांगों को लेकर दिन रात सत्याग्रह स्थल पर डंटे हुए है। मंगलवार को भी किसानों के हौसले बुलंद दिखा। उन्होंने एक सुर में कहा कि जब तक हमारी मांग नहीं मानी जाती, सत्याग्रह चलता रहेगा। इदिलपुर स्थित सत्याग्रह स्थल पर सबसे ज्यादा महिलाएं मौजूद रहीं। किसानों ने कहा कि कितनी भी तकलीफें सहनी पड़ें, हार नहीं मानेंगे। इस दौरान अशोक प्रजापति, छविनाथ, सत्येंद्र मिश्रा, ओंकार त्रिपाठी, ज्ञान चंद प्रजापति, अनिल सिंह, प्रभाकर, संतोष पटेल, पारस, सितारे, प्यारे, धर्मावती, सावित्री, लालमनी, कलावती, ममता आदि मौजूद थीं।
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किसानों का कहना है कि जिस जमीन पर अनाज और सब्जी उगाकर परिवार का पेट पालते थे, वह रिंग रोड में चली गई। टुकड़े-टुकड़े में मुआवजा मिला वह भी अधूरा। ऐसे में कमाई के लिए बाहर जाना मजबूरी बन गई है। किसानों का कहना है कि अगर समय पर उचित मुआवजा मिल गया होता तो कोई धंधा कर लेते और यह दिन नहीं देखने पड़ते। सत्याग्रह में बैठीं कई महिला किसानों ने बताया कि बाहर कमाने के लिए जो पुरुष गए हैं, उनमें से कई गंभीर बीमारियों की चपेट में आ गए हैं। वहां उनके पास इतने पैसे नहीं हैं कि अपना बेहतर इलाज करा सकें।
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रिंग रोड के लिए अधिग्रहीत जमीन के पूरे मुआवजे की मांग को लेकर किसानों का आंदोलन जारी है। अहमदपुर, इदिलपुर, हृदयपुर में किसान अपनी मांगों को लेकर दिन रात सत्याग्रह स्थल पर डंटे हुए है। मंगलवार को भी किसानों के हौसले बुलंद दिखा। उन्होंने एक सुर में कहा कि जब तक हमारी मांग नहीं मानी जाती, सत्याग्रह चलता रहेगा। इदिलपुर स्थित सत्याग्रह स्थल पर सबसे ज्यादा महिलाएं मौजूद रहीं। किसानों ने कहा कि कितनी भी तकलीफें सहनी पड़ें, हार नहीं मानेंगे। इस दौरान अशोक प्रजापति, छविनाथ, सत्येंद्र मिश्रा, ओंकार त्रिपाठी, ज्ञान चंद प्रजापति, अनिल सिंह, प्रभाकर, संतोष पटेल, पारस, सितारे, प्यारे, धर्मावती, सावित्री, लालमनी, कलावती, ममता आदि मौजूद थीं।
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