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UP: 20 साल पुराने जौनपुर खाद्यान्न घोटाले में कोटेदार गिरफ्तार, ईओडब्ल्यू ने की कार्रवाई; जानें पूरा मामला

Fri, 26 Jun 2026 09:34 PM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, जाैनपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, जाैनपुर। Published by: Aman Vishwakarma Updated Fri, 26 Jun 2026 09:34 PM IST
सार

Jaunpur News: जौनपुर के 20 साल पुराने खाद्यान्न घोटाले में ईओडब्ल्यू वाराणसी ने तत्कालीन कोटेदार वरिन्द्र बहादुर सिंह को गिरफ्तार किया। आरोप है कि वर्ष 2004-05 में फर्जी मस्टर रोल बनाकर श्रमिकों के खाद्यान्न और धनराशि का गबन किया गया, जिससे सरकार को 1.02 लाख रुपये से अधिक की आर्थिक क्षति हुई।

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Fair price shop dealer arrested 20-year-old Jaunpur food grain scam EOW takes action
ईओडब्ल्यू की गिरफ्त में आरोपी। - फोटो : संवाद

विस्तार

करीब दो दशक पुराने बहुचर्चित जौनपुर खाद्यान्न घोटाले में आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन (ईओडब्ल्यू) सेक्टर वाराणसी की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए वांछित अभियुक्त एवं तत्कालीन कोटेदार वरिन्द्र बहादुर सिंह को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को शुक्रवार सुबह उसके निवास स्थान के पास से गिरफ्तार किया गया। इसके बाद उसे भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के विशेष न्यायालय, वाराणसी में पेश कर अग्रिम विधिक कार्रवाई की गई।

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ईओडब्ल्यू के अनुसार, यह कार्रवाई वर्ष 2020 में दर्ज मुकदमा संख्या 15/2020 के तहत की गई। अभियुक्त के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की पूर्ववर्ती भारतीय दंड संहिता की धारा 409, 467, 468, 471, 477ए, 120बी एवं 34 के तहत मामला दर्ज है।
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जांच में सामने आया कि वर्ष 2004-05 के दौरान जौनपुर जिले के विकास खंड रामनगर में केंद्र एवं राज्य सरकार की सम्पूर्ण ग्रामीण रोजगार योजना के तहत नाली, खड़ंजा, सीसी रोड, पुलिया, संपर्क मार्ग और पटरी मरम्मत जैसे विकास कार्य प्रस्तावित थे। योजना के तहत कार्य करने वाले मजदूरों को मजदूरी के बदले खाद्यान्न (चावल) और नकद धनराशि दी जानी थी।

आरोप है कि तत्कालीन कार्य प्रभारियों और अन्य संबंधित लोगों ने फर्जी मस्टर रोल तैयार कर काल्पनिक श्रमिकों के नाम दर्ज किए। इसके आधार पर खाद्यान्न का वितरण दिखाया गया, जबकि वास्तविक मजदूरों को न तो खाद्यान्न मिला और न ही पूरी धनराशि। इस फर्जीवाड़े से सरकार को लगभग 1,02,536 रुपये की आर्थिक क्षति पहुंचाई गई।

विवेचना के दौरान संकलित साक्ष्यों में तत्कालीन कोटेदार वरिन्द्र बहादुर सिंह की भूमिका सामने आने पर उसे अभियुक्त बनाया गया। लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी की तलाश के लिए ईओडब्ल्यू द्वारा विशेष अभियान चलाया जा रहा था। इसी अभियान के तहत शुक्रवार को उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

ईओडब्ल्यू अधिकारियों ने बताया कि मामले में अन्य आरोपितों के संबंध में भी नियमानुसार कार्रवाई जारी है और पूरे प्रकरण की जांच के आधार पर आगे की विधिक प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

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