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टीबी और मोबाइल स्क्रीन से आंखों में जलन, दर्द की शिकायत
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लॉकडाउन के बाद से सरकारी और निजी स्कूलों में शुरू हुई ऑनलाइन कक्षाओं से बच्चों की सेहत भी प्रभावित हुई है। अब घर पर टीबी देखने और मोबाइल और लैपटॉप पर अधिक समय गुजारने से आंखों से जुड़ी परेशानियों के मामले बढ़े हैं। आंखों को पानी सूखने से लेकर संक्रमण के मामले आ रहे हैं। नेत्र रोग विशेषज्ञों का मानना है कि मोबाइल पर खेल खेलने और अधिक टीवी देखने से इस तरह की शिकायतें आ रही हैं। मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा में नेत्र रोग विभाग की ओपीडी में आने वाले 80 से 100 कुल मरीजों में 25 से 35 बच्चे मिल रहे हैं।
बीएचयू में नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. आरपी मौर्या का कहना है कि ऑनलाइन पढ़ाई करने वाले बच्चों को ज्यादा सतर्कता बरतने की जरूरत है। ज्यादा देर तक कंप्यूटर स्क्रीन पर देखने से आंखों में कंप्यूटर विजन सिंड्रोम के लक्षण आ जाते हैं। इसमें सिर में दर्द, आंखों में जलन और सूखा पन, थकान के साथ ही कंधे और हाथ में दर्द जैसी समस्याएं आती हैं। इससे बचाव के लिए 20 मिनट तक स्क्रीन पर देखने के बाद 20 सेकेंड का ब्रेक रखना चाहिए। पलकों को बार-बार झपकाते रहना चाहिए। ताकि आंसू बराबर बना रहे। कंप्यूटर स्क्रीन को 20 डिग्री झुका कर रखना चाहिए। अक्षर का साइज बड़ा रखना चाहिए। कंप्यूटर मॉनिटर या लैपटॉप पर एंटी ग्लेयर फिल्टर होना जरूरी है। एंटी ग्लेयर कोटिंग चश्मे पर भी होना चाहिए। बीचबीच में चिकित्सक की सलाह पर आई ड्रॉप भी डालते रहें। अगर सावधानी बरतें तो इस समस्या से निजात पाया जा सकता है।
ये हैं कारण
नजदीक से स्क्रीन देखने के कारण दृष्टि दोष हो रहा है।
स्क्रीन रेडिएशन के कारण कई समस्याएं आ रही हैं।
दोनों आंखों की मांसपेशियां कमजोर हो रही हैं।
पलक नहीं झपकाने के कारण आंखों का पानी सूख रहा है।
खान-पान का ध्यान न रखने पर भी आंखों की समस्या होती है।
इस तरह की शिकायतें
- अचानक नजदीक का सब कुछ धुंधला हो जाना
- आंखों के ऊपर दर्द होना
- थकावट और नींद जैसा लगना
- अक्षर आपस में मिलते हुए दिखना
- आंखों का पानी सूखना
- खुजली और घाव होना
- आंखों का लाल होना और पानी निकलना
ये सावधानियां बरतें
- हर आधे घंटे में दो से तीन मिनट तक दूर की चीजें देखें
- पलक झपकाते रहें
- खान-पान का ध्यान रखें
- साधारण पानी से बार-बार पांच से छह बार छीटें मारते रहें।
- स्कीन के ब्राइटनेस को कम करके रखें
केस वन
लहरतारा निवासी सुनेत्रा डे का बेटा छठवीं कक्षा में पढ़ता है, उसकी पांच से सात घंटे की ऑनलाइन क्लास होती है। इसके साथ ही वह टीबी देखने के साथ ही मोबाइल का भी प्रयोग करता है। सुनेत्रा के मुताबिक इधर कुछ दिनों से बेटे की आंखों में खुजली और आंसू आने की समस्या के बाद डॉक्टर से परामर्श लिया है। उन्होंने चश्मा लगाने के साथ ही आंखों में लगाने के लिए मरहम भी दिया है। आंखों में जलन और दर्द की वजह से कई बार पढ़ाई करने में भी दिक्कत होती है।
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केस दो
सामने घाट निवासी रुपाली सक्सेना के दो बेटे हैं। बड़ा बेटा 11वीं में है। बताया कि कोरोना काल में पूरे दो साल उसकी ऑनलाइन क्लास व कोचिंग चली है। अब स्कूल बंद होने के बाद गर्मी की छुट्टियों में घर पर बच्चे टीबी भी खूब देख रहे हैं। मोबाइल पर भी गेम खेलने की आदत सी हो गई है। आंख में दर्द होने पर डॉक्टर को दिखाया तो उन्होंने बताया कि बेटे की आंखों का पानी सूख गया है। अब बेटे को डॉक्टर ने चश्मा लगा दिया है।
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बीएचयू में नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. आरपी मौर्या का कहना है कि ऑनलाइन पढ़ाई करने वाले बच्चों को ज्यादा सतर्कता बरतने की जरूरत है। ज्यादा देर तक कंप्यूटर स्क्रीन पर देखने से आंखों में कंप्यूटर विजन सिंड्रोम के लक्षण आ जाते हैं। इसमें सिर में दर्द, आंखों में जलन और सूखा पन, थकान के साथ ही कंधे और हाथ में दर्द जैसी समस्याएं आती हैं। इससे बचाव के लिए 20 मिनट तक स्क्रीन पर देखने के बाद 20 सेकेंड का ब्रेक रखना चाहिए। पलकों को बार-बार झपकाते रहना चाहिए। ताकि आंसू बराबर बना रहे। कंप्यूटर स्क्रीन को 20 डिग्री झुका कर रखना चाहिए। अक्षर का साइज बड़ा रखना चाहिए। कंप्यूटर मॉनिटर या लैपटॉप पर एंटी ग्लेयर फिल्टर होना जरूरी है। एंटी ग्लेयर कोटिंग चश्मे पर भी होना चाहिए। बीचबीच में चिकित्सक की सलाह पर आई ड्रॉप भी डालते रहें। अगर सावधानी बरतें तो इस समस्या से निजात पाया जा सकता है।
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ये हैं कारण
नजदीक से स्क्रीन देखने के कारण दृष्टि दोष हो रहा है।
स्क्रीन रेडिएशन के कारण कई समस्याएं आ रही हैं।
दोनों आंखों की मांसपेशियां कमजोर हो रही हैं।
पलक नहीं झपकाने के कारण आंखों का पानी सूख रहा है।
खान-पान का ध्यान न रखने पर भी आंखों की समस्या होती है।
इस तरह की शिकायतें
- अचानक नजदीक का सब कुछ धुंधला हो जाना
- आंखों के ऊपर दर्द होना
- थकावट और नींद जैसा लगना
- अक्षर आपस में मिलते हुए दिखना
- आंखों का पानी सूखना
- खुजली और घाव होना
- आंखों का लाल होना और पानी निकलना
ये सावधानियां बरतें
- हर आधे घंटे में दो से तीन मिनट तक दूर की चीजें देखें
- पलक झपकाते रहें
- खान-पान का ध्यान रखें
- साधारण पानी से बार-बार पांच से छह बार छीटें मारते रहें।
- स्कीन के ब्राइटनेस को कम करके रखें
केस वन
लहरतारा निवासी सुनेत्रा डे का बेटा छठवीं कक्षा में पढ़ता है, उसकी पांच से सात घंटे की ऑनलाइन क्लास होती है। इसके साथ ही वह टीबी देखने के साथ ही मोबाइल का भी प्रयोग करता है। सुनेत्रा के मुताबिक इधर कुछ दिनों से बेटे की आंखों में खुजली और आंसू आने की समस्या के बाद डॉक्टर से परामर्श लिया है। उन्होंने चश्मा लगाने के साथ ही आंखों में लगाने के लिए मरहम भी दिया है। आंखों में जलन और दर्द की वजह से कई बार पढ़ाई करने में भी दिक्कत होती है।
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केस दो
सामने घाट निवासी रुपाली सक्सेना के दो बेटे हैं। बड़ा बेटा 11वीं में है। बताया कि कोरोना काल में पूरे दो साल उसकी ऑनलाइन क्लास व कोचिंग चली है। अब स्कूल बंद होने के बाद गर्मी की छुट्टियों में घर पर बच्चे टीबी भी खूब देख रहे हैं। मोबाइल पर भी गेम खेलने की आदत सी हो गई है। आंख में दर्द होने पर डॉक्टर को दिखाया तो उन्होंने बताया कि बेटे की आंखों का पानी सूख गया है। अब बेटे को डॉक्टर ने चश्मा लगा दिया है।