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Cyber Crime: शेयर ट्रेडिंग के नाम पर नौ लाख ऐंठे, गूगल पर छड़ का रेट देखना पड़ा महंगा; 5.48 लाख की चपत
Tue, 10 Sep 2024 07:52 PM IST
वाराणसी ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
Published by: वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 10 Sep 2024 07:52 PM IST
सार
साइबर ठगों का हौसला इस कदर बढ़ गया है कि शेयर ट्रेडिंग और आईपीओ के नाम पर लोगों को शिकार बना रहे हैं। पीड़ित न्याय के लिए साइबर थाने में चक्कर काट रहे हैं।
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Cyber Crime
- फोटो : FREEPIK
विस्तार
अमर नगर कॉलोनी, सोनिया रोड, सिगरा निवासी प्रदीप इसरानी को साइबर ठगों ने आईपीओ और शेयर ट्रेडिंग के नाम पर नौ लाख रुपये की चपत लगा दी। घटना के संबंध में प्रदीप इसरानी ने साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज कराया है।
प्रदीप इसरानी ने पुलिस को बताया कि एक व्यक्ति अपने आप को नारायन जिंदल बताकर उनसे मिला। उनका डीमेट अकाउंट खुलवाया। फिर, उनसे आईपीओ और ट्रेडिंग के नाम पर नौ लाख रुपये अलग-अलग अकाउंट में जमा करवाया। बाद में उन्हें पता चला वह आदमी और अकाउंट दोनों ही सही नही है। उनके नाम पर जो शेयर बताए गए वह खरीदे ही नहीं गए हैं। साइबर क्राइम थाने की पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
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प्रदीप इसरानी ने पुलिस को बताया कि एक व्यक्ति अपने आप को नारायन जिंदल बताकर उनसे मिला। उनका डीमेट अकाउंट खुलवाया। फिर, उनसे आईपीओ और ट्रेडिंग के नाम पर नौ लाख रुपये अलग-अलग अकाउंट में जमा करवाया। बाद में उन्हें पता चला वह आदमी और अकाउंट दोनों ही सही नही है। उनके नाम पर जो शेयर बताए गए वह खरीदे ही नहीं गए हैं। साइबर क्राइम थाने की पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
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गूगल पर छड़ का रेट देखना महंगा पड़ा, लगी 5.48 लाख की चपत
रेलवे कॉलोनी, मंडुवाडीह के आवास संख्या-304 में रहने वाले विपिन कुमार को गूगल पर टाटा टिस्कॉन छड़ के रेट की जानकारी लेना महंगा पड़ गया। साइबर ठगों ने विपिन से पांच लाख 48 हजार 930 रुपये ठग लिए। घटना के संबंध में साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है।
विपिन ने पुलिस को बताया कि उनके भाई को मकान बनवाने के लिए छड़ की आवश्यकता थी। भाई के कहने पर वह गूगल पर टाटा टिस्कॉन छड़ का रेट देखने लगे। इस पर उनका नाम और नंबर मांगा गया। कुछ देर बाद उनके पास फोन आया। फोन करने वाले ने कह कि वह टाटा का डीलर बोल रहा है। उसने छड़ की रेट लिस्ट भेजी। इसके बाद उसने अपनी बातों में उलझा कर उनसे 548930 रुपये अपने खाते में ट्रांसफर करा लिया। उनके पास न छड़ आया और न उनका पैसा वापस मिला।
विपिन ने पुलिस को बताया कि उनके भाई को मकान बनवाने के लिए छड़ की आवश्यकता थी। भाई के कहने पर वह गूगल पर टाटा टिस्कॉन छड़ का रेट देखने लगे। इस पर उनका नाम और नंबर मांगा गया। कुछ देर बाद उनके पास फोन आया। फोन करने वाले ने कह कि वह टाटा का डीलर बोल रहा है। उसने छड़ की रेट लिस्ट भेजी। इसके बाद उसने अपनी बातों में उलझा कर उनसे 548930 रुपये अपने खाते में ट्रांसफर करा लिया। उनके पास न छड़ आया और न उनका पैसा वापस मिला।