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नेपाल में होगा मछलियों का निर्यात, पहली बैठक में खाका तैयार
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पूर्वांचल को मछली उत्पादन का हब बनाने और निर्यात करने के लिए शनिवार को सर्किट हाउस में केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के एपीडी, एमपीडा और मत्स्य विभाग की पहली बैठक हुई। इसमें मछली पालन और निर्यात के लिए किसानों को तकनीकी जानकारी, प्रोसेसिंग यूनिट, चारा, मछली के बच्चा पालन की आधुनिक हैचरी सहित कई जानकारी दी गई। साथ ही नेपाल में पहली खेप निर्यात करने करने के लेकर चर्चा हुई।
बैठक में बनारस समेत चंदौली, गाजीपुर, जौनपुर और मिर्जापुर के कई किसान शामिल हुए। जिन्होंने मछली के निर्यात और उत्पादन को लेकर अपनी कई समस्याएं अधिकारियों के सामने रखा।
समुद्री उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एमपीडा) के उप निदेशक लाहिरी ने कहा कि बनारस सहित पूर्वांचल का पानी और मिट्टी मछली पालन के लिए बेहतर है। मै एक किसान के यहां दौरे पर गया था। मछली पालन की तकनीक बेहतर थी। मछली पालन के लिए एमपीडा किसानों की मदद करेगा।
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एमपीडा के निदेशक डॉ कार्तिकेयन के कहा कि किसानों को आधुनिक मछली पालन और निर्यात की तकनीकी से रूबरू कराने के लिए 10 किसानों की टीम को विजयवाडा ले जाया जाएगा। जहां किसान मछली पालन, ब्रिडिंग, पैकेजिंग, प्रोसेसिंग यूनिट की प्रायोगिक जानकारी दी जाएगी।
जिंदा मछलियां भेजी जाएगा
कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) डॉ सीबी सिंह ने बताया कि पहले चरण में जिंदा मछलियों को नेपाल भेजने की तैयारी है। इससे पहले किसानों को निर्यात के मानकों, मछली पालन, पैकेजिंग सहित कई तकनीकी जानकारी और प्रशिक्षण दिया जाएगा। मत्स्य विभाग के उप निदेशक ने बताया कि मछलियों को निर्यात करने के लिए सरकारी आधुनिक हैचरी का निर्माण किया जाएगा। जहां उन्नत किस्म के बच्चे तैयार हो सकेंगे। इसके अलावा मछलियों को सुरक्षित रखने के लिए आइस कांप्लेक्स का भी निर्माण किया जाएगा। मछली पालक जनार्दन, अजय सिंह, केएन सिंह नेे कहा कि नेपाल सहित अन्य देशों में निर्यात होने से अच्छी कीमत मिल सकेगी।
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बैठक में बनारस समेत चंदौली, गाजीपुर, जौनपुर और मिर्जापुर के कई किसान शामिल हुए। जिन्होंने मछली के निर्यात और उत्पादन को लेकर अपनी कई समस्याएं अधिकारियों के सामने रखा।
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समुद्री उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एमपीडा) के उप निदेशक लाहिरी ने कहा कि बनारस सहित पूर्वांचल का पानी और मिट्टी मछली पालन के लिए बेहतर है। मै एक किसान के यहां दौरे पर गया था। मछली पालन की तकनीक बेहतर थी। मछली पालन के लिए एमपीडा किसानों की मदद करेगा।
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एमपीडा के निदेशक डॉ कार्तिकेयन के कहा कि किसानों को आधुनिक मछली पालन और निर्यात की तकनीकी से रूबरू कराने के लिए 10 किसानों की टीम को विजयवाडा ले जाया जाएगा। जहां किसान मछली पालन, ब्रिडिंग, पैकेजिंग, प्रोसेसिंग यूनिट की प्रायोगिक जानकारी दी जाएगी।
जिंदा मछलियां भेजी जाएगा
कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) डॉ सीबी सिंह ने बताया कि पहले चरण में जिंदा मछलियों को नेपाल भेजने की तैयारी है। इससे पहले किसानों को निर्यात के मानकों, मछली पालन, पैकेजिंग सहित कई तकनीकी जानकारी और प्रशिक्षण दिया जाएगा। मत्स्य विभाग के उप निदेशक ने बताया कि मछलियों को निर्यात करने के लिए सरकारी आधुनिक हैचरी का निर्माण किया जाएगा। जहां उन्नत किस्म के बच्चे तैयार हो सकेंगे। इसके अलावा मछलियों को सुरक्षित रखने के लिए आइस कांप्लेक्स का भी निर्माण किया जाएगा। मछली पालक जनार्दन, अजय सिंह, केएन सिंह नेे कहा कि नेपाल सहित अन्य देशों में निर्यात होने से अच्छी कीमत मिल सकेगी।