वाराणसी: अधिशासी अभियंता व कार्यकारी सहायक सस्पेंड, दो और पर गिर सकती है गाज
वाराणसी में स्थायी विच्छेदन में गड़बड़ी और कोरोना पॉजिटिव कर्मचारी को जबरन बुलाने के मामले में बिजली विभाग के अधिशासी अभियंता और कार्यकारी सहायक को निलंबित कर दिया गया है। वहीं इस मामले में दो और लोगों पर गाज गिरनी तय है। पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के एमडी डॉ. सरोज कुमार के निर्देश पर निदेशक (तकनीकी) पीपी सिंह ने निलंबन की कार्रवाई की है।
नगरीय विद्युत वितरण खंड-चतुर्थ के अधिशासी अभियंता अभिषेक कुमार तथा कार्यकारी सहायक रॉबिन कर्मकार को विद्युत कनेक्शन के स्थायी विच्छेदन (पीडी) में गड़बड़ी करने के आरोप में शुक्रवार को निलंबित किया गया। अधिशासी अभियंता पर कोरोना पॉजिटिव कर्मचारी को दबाव डालकर दफ्तर बुलाने का भी आरोप है। इस प्रकरण की अभी जांच चल रही है। अधिकारियों ने इसमें भी कार्रवाई का संकेत दिया है।
पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के प्रबंध निदेशक डॉ. सरोज कुमार ने बताया पीडी प्रकरण की जांच में दोषी मिले अधिशासी अभियंता तथा कार्यकारी सहायक को निलंबित कर दिया गया है। इस मामले में कई अन्य लोगों के भी शामिल होने की जानकारी मिली है। उनकी भी जांच कराई जा रही है। सभी के खिलाफ कार्रवाई होगी। जांच पूरी होने तक दोनों निलंबित कर्मचारी मिर्जापुर क्षेत्र के मुख्य अभियंता (वितरण) कार्यालय से संबद्ध रहेंगे। पावर कारपोरेशन के निदेशक (कार्मिक एवं प्रशासन) अजय पुरवार को कार्रवाई से अवगत करा दिया गया है। वाराणसी जोन के मुख्य अभियंता एमके अग्रवाल की चार सदस्यीय जांच टीम की रिपोर्ट मिलने के बाद यह कार्रवाई हुई है। कामर्शियल उपभोक्ता रितेश बजाज के अकाउंट नंबर 8457801000 की पीडी की गई थी। इसमें गड़बड़ी की शिकायत मिलने पर निदेशक (कामर्शियल) ओपी दीक्षित ने चार सदस्यीय जांच टीम का गठन किया था।
मजदूर संघ ने जताई आपत्ति
विद्युत मजदूर संघ ने कार्यकारी सहायक पर हुई कार्रवाई पर आपत्ति जताई। संघ के अतिरिक्त महामंत्री राजेंद्र सिंह ने कहा कि बिना जांच के किसी की शिकायत पर इतनी बड़ी कार्रवाई पूरी तरह गलत है। अगर 24 घंटे के अंदर निलंबन वापस नहीं हुआ तो आंदोलन किया जाएगा।