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बाकी आठ गांवों को भी दें मुआवजा

Mon, 16 May 2016 02:11 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी Updated Mon, 16 May 2016 02:11 AM IST
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Even the eight villages compensation
मुआवजे के लिए हृदयपुर से भगवानपुर तक रैली निकालते किसान।
प्रशासन से समझौते के बाद जिन आठ गांवों में रिंग रोड का निर्माण कार्य चल रहा है, वहां के किसानों को भी उपयुक्त प्रतिकर और परिसंपत्तियों के मुआवजे का भुगतान करना होगा। ऐसा न किए जाने पर किसान अपने आंदोलन को विस्तार देंगे। यह फैसला रविवार को रिंग रोड के लिए अधिग्रहीत जमीन के पूरे मुआवजे को लेकर भगवानपुर में हुई किसान महापंचायत में लिया गया।
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किसान न्याय मोर्चा के प्रवक्ता विजय शंकर पांडेय ने कहा कि प्रशासन का यह कहना गलत है कि किसानों ने समझौता कर अपनी जमीन प्रशासन को दे दी है। प्रशासन बताए कि 2008 में शासन ने अधिनियम पारित किया तो किसानों से प्रशासन ने 2004 में समझौता किस आधार पर कर लिया था? किसानों ने इस बारे में उच्चतम न्यायालय के एक फैसले का हवाला भी दिया।
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प्रवक्ता ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय का निर्णय सरकार व प्रशासन के लिए बाध्यकारी है। वाराणसी प्रशासन को इसका अनुपालन करना चाहिए। एक अन्य प्रस्ताव में कहा गया कि संदहा से लेकर वाजिदपुर के किसान एकमत है और शासन प्रशासन की नीति फूट डालो राज करो की नीति नही चलने दी जाएगी। किसान एक दूसरे के लिए संघर्ष करते रहेंगे। पंचायत को आंदोलन संयोजक महेंद्र प्रसाद, पूर्व एमएलसी अरविंद सिंह, आप संयोजक संजीव सिंह, शिवकुमार सिंह, कुंआर सुरेश ने एकजुट हो संघर्ष करने का आह्वान किया। ज्ञानचंद्र, राजेश राय, संजय मिश्रा, अशोक प्रजापति, अनिल सिंह, कलावती, शिवकुमारी आदि रहे। 
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