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कटान से बिगड़े हालात: मड़ई और गृहस्थी नदी में समाई, जिला पंचायत सदस्य ने किसानों को दिलाया मदद का भरोसा

Wed, 02 Sep 2026 06:53 PM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, चंदाैली।
अमर उजाला नेटवर्क, चंदाैली। Published by: Aman Vishwakarma Updated Wed, 02 Sep 2026 06:53 PM IST
सार

चंदौली के विकासखंड चंदौली की ग्राम सभा सुदांव के गायघाट मजरे में कटान से हालात बिगड़ गए हैं। नदी की तेज धारा में मड़ई और गृहस्थी का सामान समा गया। इससे प्रभावित किसान परेशान हैं। मौके पर पहुंचे जिला पंचायत सदस्य ने स्थिति का जायजा लेते हुए किसानों से मुलाकात की और हरसंभव मदद दिलाने का भरोसा दिया।

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Erosion Wreaks Havoc Hut and Household Belongings Swept into River Zila Panchayat Member Assures Farmers
जिला पंचायत सदस्य ने किसानों को दिलाया मदद का भरोसा। - फोटो : संवाद

विस्तार

चंदौली में विकास खंड चंदौली के ग्राम सभा सुदांव अंतर्गत गायघाट मजरे पर कटान के कारण स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है। बुधवार को ग्रामीणों की सूचना पर पहुंचे जिला पंचायत सदस्य रमेश यादव ने मौके पर पीड़ितों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने बताया कि गायघाट की स्थिति बिहार के जवैनिया गांव में आई कटान की समस्या जैसी ही गंभीर है। 

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जिला पंचायत सदस्य रमेश यादव ने बताया कि सुदांव और गायघाट के लगभग 25 से 30 किसानों की 50 एकड़ उपजाऊ जमीन कटान के कारण नदी में समाहित हो चुकी है। पिछली बार भी तत्कालीन जिलाधिकारी निखिल फुंडे को इस गंभीर समस्या से अवगत कराया गया था, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई होने से पहले ही उनका स्थानांतरण हो गया और समस्या ज्यों की त्यों बनी रही।

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आधी रात को बह गई मड़ई, मुश्किल से बची किसान की जान
चंदौली के गायघाट निवासी पीड़ित महिला लालती देवी पत्नी धनेश निषाद ने रोते हुए अपनी व्यथा सुनाई। उन्होंने बताया कि 1 सितंबर की अर्धरात्रि को उनके पति नदी किनारे अपनी मड़ई में सो रहे थे। तभी अचानक जलस्तर बढ़ा और कटान के चलते उनकी लगभग दो बिस्वा जमीन मड़ई समेत नदी में बह गई। पति के चिल्लाने पर ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर किसी तरह उनकी जान बचाई, लेकिन मड़ई में रखा दो बोरा गेहूं, दो बोरा चावल, अन्य खाद्य सामग्री और एक इंजन नदी के तेज बहाव में समा गया।

इन किसानों की जमीन हुई प्रभावित
कटान से प्रभावित किसानों में गुलाब निषाद, राम वृक्ष बिंद, राम जी यादव, लक्ष्मी निषाद, राम आश्रय निषाद, धनेश निषाद, नंदलाल निषाद, बाबूलाल निषाद, केसनाथ निषाद, पीर मोहम्मद, मजीद खान, लाल मोहम्मद, राम अवतार निषाद, रामू निषाद, रामा निषाद, दयाराम, जुगेंदर, शिवपूजन, शशिकांत, लालती देवी आदि।

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डीएम के समक्ष मजबूती से उठेगा मुद्दा
जिला पंचायत सदस्य रमेश यादव ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि वे जल्द ही पीड़ितों को साथ लेकर जिलाधिकारी चंद्रमोहन गर्ग से मिलेंगे। भरोसा दिलाया कि कटान रोकने के लिए सार्थक और ठोस पहल कराई जाएगी ताकि ग्रामीणों को इस तबाही से स्थायी निजात मिल सके।

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