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ईओ के परिवार को पुलिस पर भरोसा नहीं, मणि मंजरी के भाई ने की उच्च स्तरीय जांच की मांग

Fri, 10 Jul 2020 09:50 PM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बलिया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बलिया Published by: गीतार्जुन गौतम Updated Fri, 10 Jul 2020 09:50 PM IST
सार

  • ईओ ने आत्महत्या करने से पहले नायब तहसीलदार रजत सिंह से की थी बात
  • चार दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली

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EO's family does not trust police, Mani Manjari's brother demands high-level investigation
मणि मंजरी राय (फाइल फोटो)। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

बलिया जिले के मनियर नगर पंचायत की अधिशासी अधिकारी मणि मंजरी राय के परिजनों को बलिया पुलिस पर भरोसा नहीं है। मृत ईओ के भाई विजयानंद राय ने उनकी मौत के मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि आरोपी रसूखदार हैं जो दबाव डालकर जांच प्रभावित करा सकते हैं।

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विजयानंद राय ने कहा कि उनकी ओर से दर्ज कराई गई प्राथमिकी में रसूखदार लोग आरोपी हैं। ऐसे में उन्हें शक है कि आरोपियों द्वारा जिला प्रशासन पर प्रभाव का उपयोग कर जांच को प्रभावित किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि उच्च स्तरीय जांच होने से मामले में जिला प्रशासन से जुड़े लोगों की कोई भूमिका नहीं रह जाएगी।

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ऐसे में जांच को प्रभावित करने की संभावना समाप्त हो जाएगी। अमर उजाला से दूरभाष पर बातचीत में उन्होंने कहा कि वे उच्च स्तरीय जांच की मांग के बारे में जिले के अधिकारियों को अवगत करा चुके हैं। 

उधर, मनियर नगर पंचायत अध्यक्ष भीम गुप्ता की ओर से स्वयं को निर्दोष बताते हुए वीडियो जारी करने के सवाल पर विजयानंद ने कहा कि बहन के कार्यभार संभालने के बाद से ही वह लगातार असहयोग करते रहे हैं। बहन की मौत के बाद घटनास्थल पर नगर पंचायत अध्यक्ष या कार्यालय को कोई कर्मी नजर नहीं आया। यही नहीं किसी ने परिजनों को फोन कर संवेदना तक व्यक्त नहीं की।

चार दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली

मनियर नगर पंचायत की अधिशासी अधिकारी मणि मंजरी राय की मौत के मामले में घटना के चार दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं। मुकदमे की विवेचना निरीक्षक, क्राइम ब्रांच से लेकर शहर कोतवाल विपिन सिंह को सौंपी गई है। पुलिस उपाधीक्षक नगर के नेतृत्व में मुकदमे के त्वरित निस्तारण के लिए टीम भी बनाई गई है। 

जांच टीम व विवेचना अधिकारी को तेजी से जांच के निर्देश दिए गए हैं लेकिन अभी मामले में कोई प्रगति सामने नहीं आई है। कोतवाल विपिन सिंह का कहना है कि हम अभी कागजात, मोबाइल, कंप्यूटर, लैपटॉप आदि को ही खंगाल रहे हैं। ईओ का लैपटॉप कब्जे में लिया गया है। नगर पंचायत के टेंडर व संबंधित अभिलेख कब्जे में लेने की कार्रवाई चल रही है। ईओ के मोबाइल की कॉल डिटेल को भी खंगाला जा रहा है।

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नायब तहसीलदार रजत के सीने में दफन हैं कई राज

मणि मंजरी राय ने आत्महत्या से पहले अंतिम काल बैरिया तहसील में कार्यरत नायब तहसीलदार रजत सिंह को की थी। सूत्रों के अनुसार इन दोनों की बातचीत लगभग 40 मिनट की थी। इसके तत्काल बाद रजत सिंह ने ईओ के पड़ोस में रहने वाले दूसरे अधिकारियों को फोन कर कहा था, प्लीज उनके आवास पर जाइए, उन्हें बचाने का प्रयास करिए, वह बहुत डिप्रेशन में है, कुछ करने जा रही हैं। 

हालांकि उनके फोन के बाद भी जब तक लोग मणि मंजरी के आवास पर पहुंचे तो वह सुसाइड कर चुकी थी। इसके बाद मौके पर पहुंचे रजत सदमे में नजर आ रहे थे। उन्हें संभालने में अधिकारियों को पसीने छूट गए थे। अब सवाल ये है कि आखिर 40 मिनट तक दोनों ने क्या-क्या बातें की? मणि मंजरी ने ऐसा क्या कहा था, जिससे उन्हें एहसास हुआ कि वह सुसाइड कर सकती है? 


क्या मणि मंजरी ने उन्हें अपने साथ हो रहे दबाव को लेकर कुछ अहम जानकारियां दी थीं? क्या उन्होंने उन लोगों के नाम रजत सिंह को बताए थे, जिनकी वजह से वह डिप्रेशन में आई थी? इन सवालों के जवाब इस समय किसी के पास नहीं हैं। रजत की स्थिति ये है कि वह न किसी से मिल रहे हैं और न ही किसी का फोन उठा रहे हैं। उधर, मामले की जांच कर रहे शहर कोतवाल विपिन जैन का कहना है कि उन्हें नोटिस दिया जाएगा और पूछताछ की जाएगी।

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