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मऊ के गांव में नेताओं का प्रवेश वर्जित: कटान पीड़ित विद्यालय में रहने को मजबूर, गांव के बाहर लगाया बोर्ड
Tue, 03 Aug 2021 04:21 PM IST
हरि User
अमर उजाला नेटवर्क, मऊ
अमर उजाला नेटवर्क, मऊ
Published by: हरि User
Updated Tue, 03 Aug 2021 04:21 PM IST
सार
मधुबन के बिंटोलिया गांव में ग्रामीणों ने विरोध जताया। आरोप है कि संकट की इस घड़ी में कोई जनप्रतिनिधि उनकी समस्या सुनने नहीं पहुंचा। कई घर और मंदिर घाघरा में बह गए हैं।
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नेताओं के प्रवेश वर्जित का बोर्ड लगाकर विरोध जताते ग्रामीण।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मऊ में कटान पीड़ित ग्रामीणों का आक्रोश जनप्रतिनिधियों के प्रति बढ़ गया है। ग्रामीणों ने प्रदर्शन करते हुए गांव में नेताओं के प्रवेश वर्जित का बोर्ड लगा दिया है। मधुबन तहसील क्षेत्र के धर्मपुर बिशुनपुर के बिंटोलिया गांव में मंगलवार को सुबह ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया। गांव के बाहर तिराहे पर नेता प्रवेश वर्जित का बोर्ड लगा दिया।
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बिंटोलिया गांव के लोगों का कहना है कि इस वर्ष भी घाघरा नदी से कटान जारी है। इस वजह से प्राइवेट जूनियर विद्यालय, काली मंदिर, डीह स्थान, आंबेडकर प्रतिमा समेत कई मकान कटान की जद में आकर घाघरा नदी में विलिन हो चुके हैं। गांव के लोग मुसीबत में हैं और कोई जनप्रतिनिधि उनकी समस्या सुनने के लिए अभी तक नहीं पहुंचा। ग्रामीण विद्यालयों में शरण लेने को विवश हैं। आरोप लगाया कि अब तक कोई जनप्रतिनिधि उनका हालत देखने या हालचाल तक पूछने नहीं आया। अगर कोई आता भी हैं, तो कोरा आश्वासन देकर चला जाता हैं।
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लोगों ने कहा कि न तो कटान रोकने की कोई विशेष व्यवस्था की जा रही है और न ही पीड़ितों की मदद के लिए ठोस कदम उठाया जा रहा है। इसको देखते हुए मंगलवार को सभी ग्रामीणों ने मिलकर बैठक की और नाराज होकर नेता प्रवेश वर्जित का बोर्ड लगा दिया। ग्रामीणों का कहना है कि अभी विपत्ति का समय है किसी तरह से वह काट लेंगे, लेकिन किसी भी जनप्रतिनिधि को गांव में प्रवेश नहीं करने देंगे। इस दौरान ग्रामीण संतोष, बालकरन, महेंद्र, हरिंद्र, देवेंद्र, रामप्रताप, सोनल दूबे, उषा, छोटकी, रामरति देवी, केशरी, अशोक, इमरान आदि रहे।
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