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Varanasi: संपूर्णानंद विश्वविद्यालय में असामाजिक तत्वों के प्रवेश पर लगेगी रोक, मंडलायुक्त ने की समीक्षा बैठक

Fri, 02 Jun 2023 10:53 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: उत्पल कांत Updated Fri, 02 Jun 2023 10:53 PM IST
सार

वाराणसी स्थित संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय परिसर की व्यवस्थाओं की शुक्रवार को बौद्ध कक्ष में समीक्षा की गई। मंडलायुक्त की मौजूदगी में कुलानुशासक प्रो. दिनेश गर्ग ने असामाजिक तत्वों के प्रवेश का मामला उठाया। 

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Entry of anti social elements will be banned in Sampurnanand Sanskrit University varanasi
संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय (एसएसयू) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

वाराणसी स्थित संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय परिसर में असामाजिक तत्वों के प्रवेश पर रोक लगेगी। परिसर और उसके बाहर अनधिकृत वाहन भी नहीं खड़े किए जा सकेंगे। इसकी जिम्मेदारी मंडलायुक्त कौशल राज शर्मा ने डीसीपी काशी और थाना प्रभारी चेतगंज को दी है

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संस्कृत विश्वविद्यालय परिसर की व्यवस्थाओं की शुक्रवार को बौद्ध कक्ष में समीक्षा की गई। मंडलायुक्त की मौजूदगी में कुलानुशासक प्रो. दिनेश गर्ग ने असामाजिक तत्वों के प्रवेश का मामला उठाया। इस पर मंडलायुक्त ने कड़ा रुख अपनाया और व्यवस्था दुरुस्त बनाने की जिम्मेदारी पुलिस को दी।
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मंडलायुक्त ने कहा कि परिसर की साफ-सफाई नियमित रूप से होनी चाहिए। नगर निगम के अफसर विश्वविद्यालय प्रशासन से समन्वय करके कूड़ा उठान सुनिश्चित करें। कुलपति प्रो. हरेराम त्रिपाठी ने बताया कि अभी 22 सफाई कर्मचारी तैनात हैं। 10 और कर्मियों की जरूरत है। मंडलायुक्त ने परियोजना अधिकारी, शहरी आजीविका मिशन (डूडा) से कहा कि अतिरिक्त सफाई कर्मचारियों की संविदा पर नियुक्ति करें और सफाई व्यवस्था पर नजर रखें। इस दौरान एडीएम सिटी गुलाब चंद, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एन पी सिंह आदि उपस्थित थे।
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विश्वविद्यालय में पठन-पाठन को उच्चस्तरीय बनाया जाए

मंडलायुक्त ने कहा कि विश्वविद्यालय में पठन-पाठन को उच्चस्तरीय बनाया जा सकता है। इस दिशा में काम चल रहा है। एकेडमिक, टीचिंग, नान टीचिंग स्टाफ मिलकर ही इसे उच्चस्तरीय बनाएंगे। दूसरी तरफ विश्वविद्यालय परिसर की सीवर लाइन को पास के मैनहोल से जोड़ने का निर्णय लिया गया। यह काम 13 जून के बाद होगा। इससे पहले गंगानाथ झा छात्रावास के सीवर को मुख्य लाइन से जोड़ने के लिए बजट का प्रस्ताव तैयार किया जाएगा। मंडलायुक्त ने परिसर के रखरखाव के लिए बागवानी, फसाड सुधार, बाउंड्री आदि बिंदुओं और दो वर्ष के मेंटेनेंस को जोड़ते हुए एक प्रस्ताव बनाने को कहा।

मरम्मत का कार्य एक सप्ताह में पूरा करने के आदेश

राजकीय निर्माण निगम के अधिकारियों को परिसर की बाउंड्री वॉल बनाने और मरम्मत का कार्य एक सप्ताह में पूरा करने को कहा। पूरे हो चुके कार्यों का निरीक्षण कर हैंडओवर की प्रक्रिया पूरी कराएं। विश्वविद्यालय प्रशासन से भेजे गए डिफेक्ट लिस्ट और अन्य समस्याओं का निस्तारण अगले सप्ताह तक कराएं। राजकीय निर्माण निगम को विश्वविद्यालय मुख्य द्वार के पास रखे मलबे को तत्काल हटाने को कहा। ऑनलाइन संस्कृत प्रशिक्षण के लिए आवश्यक सेटअप लगाएं।

कुलसचिव राकेश कुमार ने संभाला कार्यभार

संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के नवागत कुलसचिव राकेश कुमार ने कहा कि ऑनलाइन संस्कृत प्रशिक्षण केंद्र और आईकेएस की शुरुआत में देरी के कारणों की जांच कराई जाएगी और जिम्मेदारी भी तय होगी। निर्धारित समय में इंडियन नॉलेज सिस्टम की शुरुआत क्यों नहीं हो सकी, यह जांच का विषय है। 59वें कुलसचिव के रूप में शुक्रवार को पदभार ग्रहण करने के बाद राकेश कुमार ने कहा कि शासन की मंशा के अनुसार विश्वविद्यालय में पठन-पाठन और अनुशासन पहली प्राथमिकता होगी। संस्कृत से ही संस्कृति है और अगर संस्कृत कमजोर रहेगी तो संस्कृति भी विकृत होगी। संस्कृत की बदौलत ही भारत विश्वगुरु बनने की राह पर आगे बढ़ रहा है।

प्रोफेसर के कुर्ते पर पान की पीक पर दी नसीहत

स्वागत करने पहुंचे एक वरिष्ठ प्रोफेसर के कुर्ते पर पान की पीक देखकर राकेश कुमार ने नसीहत दे डाली। कुलसचिव ने कहा कि आप प्रोफेसर हैं और इस तरह आपके कुर्ते पर पान की पीक शोभा नहीं देती है। आपको पद की गरिमा का ध्यान रखना चाहिए। कुलसचिव के इस तेवर पर प्रोफेसर कुछ भी जवाब नहीं दे सके।

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