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लॉकडाउन में सबसे ज्यादा पूर्वांचल के प्रवासी मजदूर हुए हैं प्रभावित, रोजगार देने के लिए आगे आएं उद्यमी : प्रमुख सचिव

Wed, 27 May 2020 11:33 PM IST
स्‍वाधीन तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: स्‍वाधीन तिवारी Updated Wed, 27 May 2020 11:33 PM IST
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entrepreneurs came forward to provide employment to migrants: Principal Secretary
लॉकडाउन की वजह से बंद पड़ा मऊ में साड़ी उद्योग। - फोटो : अमर उजाला।

इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन उत्तर प्रदेश पदाधिकारियों का वेबिनार बुधवार को प्रमुख सचिव एमएसएमई व एक्सपोर्ट प्रमोशन नवनीत सहगल के साथ हुई। इसमें  कारखानों के पुन: संचालन में आ रही समस्याएं, सरकार द्वारा हाल ही में घोषित परचेज एवं प्राइस प्रीफरेंस पॉलिसी, एमएसएमई के विलंबित पेमेंट एवं माइग्रेंट लेबर को प्रदेश के ही उद्योगों में रोजगार दिलाने के संबंध में व्यापक चर्चा की गई।

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इस दौरान प्रमुख सचिव ने कहा कि उद्यमियों की सुविधाओं के लिए सरकार जल्द ही एमएसएमई एक्ट ला रही है, जिसमें सिर्फ एक पेज के प्रोफार्मा पर उद्यमी अपनी सूचनाएं देने के बाद 48 घंटे में उसका एक्नॉलेजमेंट आ जाएगा और कार्य तुरंत शुरू किया जा सकता है। 
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पूर्वांचल के उद्यमियों का आह्वान करते हुए उन्होंने कहा कि सबसे ज्यादा मजदूर पूर्वांचल के हैं। इसलिए पूर्वांचल के उद्यमियों को बिहार के मजदूरों का मोह छोड़कर अपने प्रदेश के मजदूरों को काम पर लेना चाहिए। अगले 100 दिनों तक बिना किसी विघ्न के निश्चिंत होकर उद्यमी अपना कारखाना चला सकते हैं।
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आईआईए के मंडल अध्यक्ष राजेश भाटिया ने कहा कि पूर्वांचल के कारखानों में काम करने वाले अधिकतर कामगार बिहार से आते हैं, जिनके आने की कोई व्यवस्था ना होने के कारण उद्योग सुचारू रूप से नहीं चल पा रहे हैं। इसके अतिरिक्त ट्रांसपोर्ट की सुविधा, जिसमें छोटी-छोटी बुकिंग के ट्रांसपोर्ट चालू ना हो पाने के कारण भी कारखानों का उत्पादन प्रभावित हो रहा है।

जीएसटी रिफंड के बारे में मंडल सचिव नीरज पारिख ने कहा की सरकार के निर्देश पर रिफंड तो शुरू हुए हैं लेकिन स्थानीय अधिकारियों की उदासीनता के कारण उसका पूरा लाभ उद्यमियों को नहीं मिल पा रहा है। आईआईए चैप्टर अध्यक्ष दीपक बजाज ने बाजार के खुलने के समय को और बढ़ाने की बात कही।


प्रमुख सचिव नवनीत सहगल ने उद्यमियों के समस्याओं को सुनने के बाद कहा कि सरकार भी चाहती है कि प्रदेश में आर्थिक गतिविधियां शुरू हो एवं उद्योग धंधे सुचार रूप से चले। उन्होंने बताया कि दूसरे प्रदेशों से आए लगभग 20 लाख मजदूरों की स्किल मैपिंग की जा चुकी है और सरकार शीघ्र ही यह डाटा आईआईए के साथ शेयर करेगी और आईआईए से अपेक्षा रखती है कि वह अपने उद्योगों में अपने प्रदेश के कम से कम पांच लाख को रोजगार अवश्य दें। अध्यक्षता आईआईए के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंकज गुप्ता व संचालन राष्ट्रीय महासचिव मनमोहन अग्रवाल ने किया।

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