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साथी की मौत से गुस्साए बंदियों ने किया हंगामा, भोजन का बहिष्कार
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
Updated Thu, 12 May 2016 01:53 AM IST
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साथी की मौत से गुस्साए बंदियों ने किया हंगामा
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जिला जेल में निरुद्ध रहे बंदी राम सिंह की मौत को लेकर बुधवार को अन्य बंदी नाराज हो गए। सभी ने हंगामा करते हुए भोजन का बहिष्कार कर दिया। जेल प्रशासन की सूचना पर पांच थानों की फोर्स और जेल अधीक्षक का प्रभार देख रहे एसीएम चतुर्थ राम शिरोमणि जेल पहुंचे। बंदियों ने लिखित शिकायत किया कि बंदी राम सिंह को जेल में बीते महीने हुए बवाल के पहले काफी पीटा गया था, तभी से वह बीमार था। जेल प्रशासन ने सही तरीके से इलाज नहीं कराया तो उसकी मौत हो गई।
बंदियोें ने मांग की कि राम सिंह की मौत की न्यायिक जांच हो और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई हो। एसीएम चतुर्थ ने मांगे मानने का आश्वासन दिया तो सभी शांत हुए और माहौल सामान्य हुआ। जिला जेल में निरुद्ध बंदी चंदौली के राम सिंह के सीने में दर्द की शिकायत पर मंगलवार को उसे मंडलीय अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां उपचार के दौरान ही उसकी मौत हो गई थी। राम सिंह की मौत को लेकर बुधवार को जिला जेल के बंदी नाराज हो गए।
सभी का आरोप था कि जेल प्रशासन यदि सही तरीके से उपचार कराया होता तो राम सिंह की जान बचाई जा सकती थी। पूर्व जेल अधीक्षक आशीष तिवारी के कार्यकाल के दौरान हुई पिटाई के कारण उसकी हालत बिगड़ी तो सुधार नहीं हुआ। बंदियों ने इस दौरान जेल प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और कहा कि उनके साथ न्याय किया जाए। जेलर पीके त्रिवेदी ने बताया कि राम सिंह का सही तरीके से उपचार न कराने और पूर्व में उसकी पिटाई का आरोप लगाकर बंदियों ने नाराजगी जाहिर की थी। अधिकारियों ने उनकी मांगे मानने का आश्वासन देकर सभी को शांत कराया। फिलहाल जेल का माहौल पूरी तरह से सामान्य है।
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बंदियोें ने मांग की कि राम सिंह की मौत की न्यायिक जांच हो और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई हो। एसीएम चतुर्थ ने मांगे मानने का आश्वासन दिया तो सभी शांत हुए और माहौल सामान्य हुआ। जिला जेल में निरुद्ध बंदी चंदौली के राम सिंह के सीने में दर्द की शिकायत पर मंगलवार को उसे मंडलीय अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां उपचार के दौरान ही उसकी मौत हो गई थी। राम सिंह की मौत को लेकर बुधवार को जिला जेल के बंदी नाराज हो गए।
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सभी का आरोप था कि जेल प्रशासन यदि सही तरीके से उपचार कराया होता तो राम सिंह की जान बचाई जा सकती थी। पूर्व जेल अधीक्षक आशीष तिवारी के कार्यकाल के दौरान हुई पिटाई के कारण उसकी हालत बिगड़ी तो सुधार नहीं हुआ। बंदियों ने इस दौरान जेल प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और कहा कि उनके साथ न्याय किया जाए। जेलर पीके त्रिवेदी ने बताया कि राम सिंह का सही तरीके से उपचार न कराने और पूर्व में उसकी पिटाई का आरोप लगाकर बंदियों ने नाराजगी जाहिर की थी। अधिकारियों ने उनकी मांगे मानने का आश्वासन देकर सभी को शांत कराया। फिलहाल जेल का माहौल पूरी तरह से सामान्य है।
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