कप्तानगंज में मुठभेड़: चोरी के आभूषण लेने जा रहे 2 बदमाश गोली लगने से घायल, दर्ज हैं 29 केस; खोज रही थी पुलिस
कप्तानगंज में पुलिस मुठभेड़ के दौरान चोरी के दो आरोपी दीपक और दिनेश गोली लगने से घायल हो गए। दोनों के बाएं पैर में गोली लगी। पुलिस के अनुसार, दोनों एकडंगी में चोरी के आभूषण लेने जा रहे थे। दीपक पर 13 और दिनेश पर 16 मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस ने चोरी का सामान और वारदात में प्रयुक्त ऑटो बरामद किया।
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आजमगढ़ के कप्तानगंज थाना क्षेत्र में सोमवार की भोर पुलिस की मुठभेड़ में अंतरजनपदीय चोरी गिरोह के दो आरोपी गोली लगने से घायल हो गए। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर उपचार के लिए अस्पताल भेज दिया। आरोपियों की पहचान शहर कोतवाली क्षेत्र के ब्रह्मस्थान कोइरान निवासी दीपक उर्फ देवदत्त गोड (28) और हीरापट्टी निवासी दिनेश कुमार उर्फ लकी (35) के रूप में हुई है। दीपक के खिलाफ 13 और दिनेश के खिलाफ 16 मामले दर्ज हैं।
थाना प्रभारी प्रदीप कुमार ने बताया कि रविवार की रात वह टीम के साथ देउरपुर से कोयलसा जाने वाले मार्ग पर जफरामऊ बाग तिराहे के पास संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान एक ऑटो को रोकने का इशारा किया गया तो चालक ने गति बढ़ा दी। पुलिस ने दोबारा रोकने का प्रयास किया तो ऑटो अनियंत्रित होकर सड़क किनारे रुक गया। उसमें से उतरे दो व्यक्तियों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी।
पुलिस की जवाबी कार्रवाई में दोनों के बाएं पैर में गोली लगी, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से तमंचा, कारतूस, चोरी का सामान और वारदात में इस्तेमाल ऑटो बरामद किया है। फील्ड यूनिट घटनास्थल से साक्ष्य जुटा रही है। मुठभेड़ और असलहे की बरामदगी के संबंध में विधिक कार्रवाई की जा रही है।
जेल से छूटने के बाद फिर शुरू की चोरी
पुलिस की पूछताछ के अनुसार, दोनों आरोपी पुराने साथी हैं। जेल से छूटने के बाद मामले की तारीख पर कचहरी आने के दौरान उनकी मुलाकात हुई थी। इसके बाद दोनों ने फिर से चोरी की वारदातें शुरू कर दीं। दोनों ऑटो से घूमकर ऐसे घरों की रेकी करते थे, जहां आभूषण और नकदी मिलने की संभावना होती थी। रात में चोरी करने के बाद सामान आपस में बांट लेते थे।
पूछताछ में आरोपियों ने कुछ दिन पहले एकडंगी गांव के एक घर से आभूषण और नकदी चोरी करने की बात बताई। चोरी के आभूषण दिनेश ने एक सुरक्षित स्थान पर रख दिए थे। घटना के बाद दोनों उन्हें लेने जा रहे थे, तभी पुलिस की चेकिंग के दौरान मुठभेड़ हो गई। पुलिस अब आरोपियों की अन्य घटनाओं में संलिप्तता की जांच कर रही है।
कई जिलों में दर्ज है प्राथमिकी
प्रदीप कुमार ने बताया कि दोनों के खिलाफ आजमगढ़ के अलावा मऊ और गाजीपुर जिले में भी चोरी समेत अन्य धाराओं में प्राथमिकी दर्ज हैं। दिनेश के खिलाफ वर्ष 2011 से मोटरसाइकिल चोरी के मामले दर्ज होने का उल्लेख है। वर्ष 2012 में तहबरपुर पुलिस के साथ मुठभेड़ के मामले में भी उसका नाम सामने आया था। वहीं, दोनों आरोपी वर्ष 2020 में रौनापार क्षेत्र के भैसाड़ गांव में दो घरों से आभूषण और नकदी चोरी करने के मामलों में भी नामजद रहे हैं। पुलिस का कहना है कि गिरोह के खिलाफ पूर्व में गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई हो चुकी है।