Varanasi Encounter: वाराणसी में रिंग रोड के पास मुठभेड़ में दो बदमाश ढेर, सिपाही को भी लगी गोली
वाराणसी में रिंग रोड के किनारे सोमवार अलसुबह पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ हुई है। मुठभेड़ में दो बदमाश मारे गए। जबकि उनका तीसरा साथी फरार हो गया। मारे गए बदमाश पिछले दिनों दरोगा पर जानलेवा हमले और पिस्टल लूट में शामिल थे।
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वाराणसी रिंग रोड वाजिदपुर के पास सोमवार की अलसुबह कमिश्नरेट पुलिस ने दरोगा अजय यादव को गोली मारकर सर्विस पिस्टल लूटने वाले दो बदमाशों को मुठभेड़ में मार गिराया। मौके से 9 एमएम की दो पिस्टल और कारतूस बरामद हुआ। मुठभेड़ में क्राइम ब्रांच का आरक्षी बदमाशों की गोली से घायल हो गया। दोनों बदमाश पिछले दिनों दरेखू में दरोगा अजय यादव को गोली मारकर फरार हो गए थे। डीजीपी ने पुलिस टीम को दो लाख रुपये पुरस्कार देने की घोषणा की है।
क्राइम ब्रांच और बड़ागांव पुलिस को सूचना मिली कि दरोगा पर जानलेवा हमला कर पिस्टल लूट की वारदात को अंजाम देने वाले बाइक सवार तीन बदमाश हरहुआ रिंग रोड फेज वन से गुजरने वाले हैं। इस पर आसपास थानों की फोर्स संग पुलिस टीम ने घेराबंदी शुरू की।
वाजिदपुर के पास बाइक सवार युवकों को आते देख पुलिस ने रुकने का इशारा किया तो पीछे बैठे बदमाश ने फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस फोर्स और बदमाश आमने-सामने हो गए। दोनों तरफ से ताबड़तोड़ फायरिंग हुई। इसमें क्राइम ब्रांच का सिपाही शिव बाबू सिंह बदमाशों की गोली से घायल हो गया। कुछ देर में ही दोनों बदमाश पुलिस की गोली से ढेर हो गए।
वहीं, एक बदमाश खेत से होकर भाग निकला। मुठभेड़ में ढेर बदमाशों की शिनाख्त बिहार समस्तीपुर मोहद्दीपुर थाना अंतर्गत गोलवा निवासी रजनीश उर्फ बऊआ सिंह और मनीष सिंह के रूप में हुई। यह दोनों सगे भाई थे, जबकि फरार तीसरा बदमाश भाई लल्लन सिंह है। इन दोनों के कब्जे से 9 एमएम की पिस्टल, दरोगा की लूटी हुई नाइन एमएम की ब्राउनी पिस्टल, बाइक और अन्य कागजात भी बरामद हुए। पुलिस आयुक्त ए सतीश गणेश भी मौके पर पहुंचे।
टीम में शामिल पुलिस कर्मियों को सम्मानित भी किया। पुलिस आयुक्त के अनुसार मुठभेड़ में ढेर बदमाशों ने पखवारे भर पूर्व लूट की नियत से लक्सा थाने के दरोगा अजय यादव को रोहनिया दरेखू में गोली मारी थी और सर्विस पिस्टल लूटकर फरार हो गए थे। प्रकरण में एसआईटी गठित करते हुए इन बदमाशों की गिरफ्तारी को लेकर आपरेशन पाताललोक चलाया गया था। तय कर लिया गया था कि यह कहीं भी होंगे, ढूंढ निकाला जाएगा।
तेरह दिन में हुआ आतंक का अंत
दरोगा अजय यादव की हत्या का प्रयास और सर्विस पिस्टल लूट की घटना ने वाराणसी के साथ ही यूपी पुलिस को भी हिला दिया था। पुलिस आयुक्त ए सतीश गणेश ने दस दरोगा की एसआईटी गठित की। सर्विलांस प्रभारी इंस्पेक्टर अंजनी पांडेय और क्राइम ब्रांच की टीम लगातार 13 दिन तक सुरागकशी करती रही। कमिश्नरेट पुलिस के लिए यह घटना चुनौती बनी थी। आखिरकार 13 दिन के अंदर पुलिस ने आतंक का अंत कर दिया।
आठ नवंबर को बदमाशों ने दरोगा को मारी थी गोली
रोहनिया थाना अंतर्गत जगतपुर दरेखू गांव में आठ नवंबर की शाम दरोगा अजय यादव को गोली मार कर बदमाशों ने सर्विस पिस्टल, दस कारतूस, मोबाइल, पर्स लूट ली थी। फायरिंग में दरोगा को सीने के दाहिने हिस्से में गोली लगी थी। इस प्रकरण में लापरवाही बरतने पर रोहनिया इंस्पेक्टर विमल कुमार मिश्र और मोहनसराय चौकी इंचार्ज रजनीश त्रिपाठी को पुलिस आयुक्त ए सतीश गणेश ने निलंबित कर दिया था।
एसआईटी में शामिल दो दरोगा को बनाया गया थानाध्यक्ष
मुठभेड़ में अहम भूमिका निभाने वाले एसआईटी के सदस्य दो दरोगा को इनाम में थाना प्रभारी बनाया गया। नदेसर चौकी इंचार्ज राजकुमार पांडेय को थानाध्यक्ष लोहता और क्राइम ब्रांच के उप निरीक्षक बृजेश मिश्र को थानाध्यक्ष चितईपुर बनाया गया। पुलिस आयुक्त के अनुसार 2017 बैच के दरोगा को पहली बार थाने का चार्ज दिया गया।
गोलियों की तड़तड़ाहट से सहमे ग्रामीण, रुक गए राहगीर
अलसुबह के समय हरहुआ रिंग रोड किनारे अचानक गोलियों की तड़तड़ाहट से आसपास के ग्रामीण सहम गए। अपने गंतव्य को जाने वाले राहगीर भी जहां-तहां ठहर गए। अचानक पुलिस की भारी फोर्स और गाड़ियों को देख बहुत देर तक ग्रामीण कुछ समझ नहीं सके। बाद में मालूम चला कि पुलिस की बदमाशों से मुठभेड़ हुई है।