वाराणसी में 80 लाख की डकैती: गुजरात की फर्म के कर्मचारी और चालक के साथ हुई घटना, जान से मारने की दी धमकी
Varanasi News: गुजरात की फर्म के कर्मचारी और चालक से वाराणसी में 80 लाख रुपये की डकैती का मामला सामने आया है। मामले में पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।
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वाराणसी कमिश्नरेट के भेलूपुर थाना क्षेत्र के बजरडीहा स्थित शिवराजनगर कॉलोनी में गुजरात की कृषि फर्म के कार सवार कर्मचारी और चालक से 80 लाख रुपये की डकैती हुई। नकाबपोश छह बदमाशों ने दोनों को जान से मारने की धमकी दी। घटना 14 मार्च की रात की है लेकिन भेलूपुर पुलिस ने शुक्रवार (10 अप्रैल) को प्राथमिकी दर्ज की। दोनों कर्मचारी लापता थे इसलिए प्राथमिकी देर से दर्ज की गई।
गुजरात के गांधीनगर, रांझरडा एपी-6, सुरमाया पार्ट-2 निवासी कमलेश शाह ने पुलिस को बताया कि उनकी फर्म मेसर्स एसके ट्रेडर्स है, जिसका कार्यालय जवेरी बाजार, मुंबई में है और हेड ऑफिस गुजरात में है। यह फर्म सब्जी, फल, फूल व अन्य कृषि उत्पादों का कारोबार देश भर में करती है।
एमएसएमई व केंद्रीय भंडार के अंतर्गत पंजीकृत फर्म वाराणसी से कुछ कृषि उत्पादकों से सामान खरीदती है। 13 मार्च को अपने कर्मचारी मध्य प्रदेश के मौरैया, पोर्शा खलक, पूरा सरोन निवासी बजरंग सिंह को 80 लाख रुपये नकद दिए जो कार लेकर भेलूपुर के बजरडीहा स्थित शिवराजनगर कॉलोनी निवासी परिचित राजेंद्र सिंह के यहां पहुंचा।
14 मार्च 2026 की रात छह की संख्या में युवक राजेंद्र सिंह के घर के अंदर घुसे और पार्किंग में खड़ी कार में सो रहे कर्मचारी बजरंग की पिटाई की और बंधक बनाकर असलहे से डराकर 80 लाख रुपये की डकैती कर ली। पिटाई के दौरान जान से मारने की धमकी दी। कर्मचारी बजरंग ने वारदात की सूचना राजेंद्र सिंह और फर्म के कर्मचारी हसमुख गिरी को दी।
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किरायेदार से 31 मार्च को खाली कराया था मकान
मकान मालिक आईआईटी बीएचयू के प्रो. सुदीप मिश्रा ने पुलिस को बताया कि जून 2024 में ब्रोकर के जरिये एक व्यक्ति ने खुद को जीरा कारोबारी बताते हुए 40 हजार रुपये प्रति माह किराये पर मकान लिया था। उस समय हम कोटा में थे और पत्नी से बातचीत के दौरान किरायेदारी तय हुई। बीच में उसका सहयोगी आया। वह आया तो मकान से सीसी कैमरा निकाल दिया। फरवरी में मकान खाली करने के लिए कहा गया। कोटा से आने पर मकान पर ताला बंद था। मोबाइल पर संपर्क नहीं हुआ तो चौकी पर गए। फिर रात में कमलेश का फोन आया और बताया कि रुपये चोरी हो गए थे, उसी में परेशान थे। 31 मार्च को किरायेदार ने मकान खाली कर दिया था।
क्या बोले अधिकारी
मकान के कैमरे व डीवीआर नहीं हैं। आसपास के कैमरे खंगाले जा रहे हैं। पीड़ित कमलेश शाह गुजरात में हैं। तीन दिन बाद वाराणसी आने के लिए आश्वस्त किया है। वहीं, उनके परिचित राजेंद्र सिंह, कर्मचारी बजरंग और हसमुख गिरी से संपर्क नहीं हो सका है। तीनों के मोबाइल नंबर बंद हैं। -गौरव कुमार, भेलूपुर एसीपी
हवाला की रकम होने की आशंका
पुलिस की छानबीन में सामने आया कि हवाला की रकम होने से इंकार नहीं किया जा सकता है। फर्म के प्रोपराइटर ने उच्चाधिकारियों को सूचित किया, लेकिन पीड़ित ने घटना की तुरंत थाने में सूचना नहीं दी। पखवारे भर बाद थाने में सूचना दी गई। पुलिस को आशंका है कि यह हवाला की रकम हो सकती है। फर्म मालिक कमलेश शाह के गुजरात से वाराणसी आने पर मामला और स्पष्ट हो सकेगा।