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अस्सी फीसदी लोगों में ट्रैफिक सेंस की कमी
ब्यूरो, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Mon, 25 Jul 2016 02:00 AM IST
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एसपी ट्रैफिक
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‘कितना सुरक्षित है आपके बच्चे का स्कूल का सफर’ विषय पर अमर उजाला और महिंद्रा राइज की ओर से रविवार को आयोजित पैनल डिस्कशन में यातायात सुरक्षा और जन जागरूकता पर मंथन हुआ। कैंटोमेंट स्थित इंडिया होटल में स्कूली बच्चों की सुरक्षा के लिए ‘स्कूली वाहन सुरक्षा जागरूकता’ के तहत हुए इस पैनल डिस्कशन में मुख्य अतिथि एसपी ट्रैफिक कमल किशोर ने कहा कि अस्सी फीसदी लोगों में ट्रैफिक सेंस की कमी है। डिवाइडर न हो तो हर चौराहे पर जाम लग जाए। जरूरी है कि लोग जागरूक हों। ट्रैफिक के प्रति सजग हों।
एसपी ट्रैफिक ने कहा कि स्कूली बच्चों को सड़क-सुरक्षा के बारे में कोई जानकारी नहीं होती। अभिभावक, स्कूल प्रबंधन और प्रशासन का यह दायित्व है कि वो उन्हें ट्रैफिक नियमों की जानकारी दें। अभिभावकों को भी जागरूक करें। विशिष्ट अतिथि संभागीय परिवहन अधिकारी आरपी द्विवेदी ने कहा कि स्कूल में बच्चे बाइक लेकर आते हैं। प्रबंधन अभिभावक से बात करें और उन्हें मना करें। 18 साल से कम किसी भी बच्चे का लाइसेंस नहीं बनता है।
स्कूली बसों की दुर्घटना में रक्तस्राव से कम दम घुटने से अधिक मौत होती है। बसों में अग्निशमन यंत्र के अलावा फर्स्ट एड बाक्स जरूर रखें। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि और विशिष्ट अतिथियों में शामिल आरटीओ प्रवर्तन राधेश्याम, आर्यन इंटरनेशनल स्कूल की निदेशक सुबीना चोपड़ा, संतुष्टि इंस्टीट्यूट की निदेशक डॉ. रितु गर्ग ने दीप जलाकर की। अतिथियों का स्वागत बुके देकर अमर उजाला के यूनिट हेड यादवेश कुमार ने किया। इनके अलावा शहर भर के स्कूलों के प्रबंधक, वाहन प्रभारी, प्रधानाचार्य ट्रांसपोर्टर आदि ने विचार व्यक्त किए।
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एसपी ट्रैफिक ने कहा कि स्कूली बच्चों को सड़क-सुरक्षा के बारे में कोई जानकारी नहीं होती। अभिभावक, स्कूल प्रबंधन और प्रशासन का यह दायित्व है कि वो उन्हें ट्रैफिक नियमों की जानकारी दें। अभिभावकों को भी जागरूक करें। विशिष्ट अतिथि संभागीय परिवहन अधिकारी आरपी द्विवेदी ने कहा कि स्कूल में बच्चे बाइक लेकर आते हैं। प्रबंधन अभिभावक से बात करें और उन्हें मना करें। 18 साल से कम किसी भी बच्चे का लाइसेंस नहीं बनता है।
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स्कूली बसों की दुर्घटना में रक्तस्राव से कम दम घुटने से अधिक मौत होती है। बसों में अग्निशमन यंत्र के अलावा फर्स्ट एड बाक्स जरूर रखें। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि और विशिष्ट अतिथियों में शामिल आरटीओ प्रवर्तन राधेश्याम, आर्यन इंटरनेशनल स्कूल की निदेशक सुबीना चोपड़ा, संतुष्टि इंस्टीट्यूट की निदेशक डॉ. रितु गर्ग ने दीप जलाकर की। अतिथियों का स्वागत बुके देकर अमर उजाला के यूनिट हेड यादवेश कुमार ने किया। इनके अलावा शहर भर के स्कूलों के प्रबंधक, वाहन प्रभारी, प्रधानाचार्य ट्रांसपोर्टर आदि ने विचार व्यक्त किए।
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