Tent City: वाराणसी में नवरात्र से शिवरात्रि तक गंगा की रेती पर बसेगा तंबुओं का शहर, मिलेंगी ये सुविधाएं
दुनिया के सबसे प्राचीन शहर बनारस में अब तंबुओं का शहर आकार लेगा। गंगा नदी के किनारे अस्सी घाट के सामने 100 हेक्टेयर में टेंट सिटी बसाई जाएगी। वीडीए ने निविदा जारी कर दी है।
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गंगा की लहरों के साथ काशी की अनुपम छटा निहारने का सपना साकार करने के लिए गंगा पार रेती में टेंट सिटी बसाने की कवायद शुरू कर दी गई है। तारांकित होटल की सुविधा के साथ ठहरने की व्यवस्था और वहां अत्याधुनिक सुविधाओं के बीच शहर बसाने के लिए विकास प्राधिकरण ने निविदा जारी कर दी है।
उम्मीद है कि नवरात्र से दुनिया भर के सैलानियों को पर्यटन का नया केंद्र मिल जाएगा। फिलहाल वीडीए की ओर से जारी निविदा 17 अगस्त को खोली जाएगी। अविरल गंगा की कल कल ध्वनि के बीच करीब 200 से ज्यादा पर्यटक घर जैसे माहौल में टेंट सिटी का लुत्फ उठा सकेंगे। गंगा नदी के किनारे अस्सी घाट के सामने 100 हेक्टेयर में टेंट सिटी बसाई जाएगी।
सैलानियों को तीन तरह की व्यवस्था मिलेगी
इसमें अलग-अलग सुविधाओं से युक्त 200 टेंट बनाए जाएंगे। इसमें सैलानियों को तीन तरह की व्यवस्था प्रदान की जाएगी। टेंट सिटी में 900 वर्ग फीट में 20 विला, 450 से 580 वर्ग फीट में 100 सुपर डीलक्स और 250 से 400 वर्ग फीट में 80 डीलक्स कमरे बनाए जाएंगे। इसके साथ ही योग, मेडिटेशन, लाइब्रेरी, आर्ट गैलरी के लिए शांत जगह होगी।
गंगा में बाढ़ के समय रेत पर पानी आने के कारण तंबुओं का हटा दिया जाएगा। तंबुओं के इस शहर में पूरी दुनिया में मशहूर बनारसी साड़ी, बनारसी ब्रोकेड, लकड़ी के खिलौने, गुलाबी मीनाकारी स्टोन कार्विंग के साथ ही जीआई उत्पाद व वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट भी होंगे।
पांच कंपनियों ने दिखाई रुचि
विकास प्राधिकरण वाराणसी की उपाध्यक्ष ईशा दुहन ने बताया कि टेंट सिटी की निविदा जारी कर दी गई है और 17 अगस्त को इसे खोला जाएगा। हमारा प्रयास है कि नवरात्र में पर्यटकों को टेंट सिटी की सुविधा मुहैया कराई जाए। इसमें कई कंपनियों ने रुचि दिखाई है। ऐसे में हम इस परियोजना को लेकर आश्वस्त हैं।
परियोजना स्थल- गंगा नदी के किनारे अस्सी घाट के समक्ष (रामनगर की ओर)
परियोजना क्षेत्रफल- 100 हेक्टेयर
स्थापित किए जाने वाले टेंट की संख्या- न्यूनतम 200