फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Education in Ayurveda, Unani, and Homeopathy pharmacy should be modeled after that of Allopathy.

Varanasi News: एलोपैथी की तर्ज पर हो आयुर्वेद, यूनानी, होम्योपैथी चिकित्सा फार्मेसी की शिक्षा

Wed, 22 Jul 2026 02:10 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 22 Jul 2026 02:10 AM IST
विज्ञापन
Education in Ayurveda, Unani, and Homeopathy pharmacy should be modeled after that of Allopathy.
वाराणसी। आईएमएस बीएचयू के आयुर्वेद संकाय के धनवंतरि भवन के समिति कक्ष में हुए कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से बनाए गए राष्ट्रीय भेषजीय आयोग अधिनियम 2026(नेशनल फार्मेसी कमीशन अधिनियम) पर चर्चा हुई। इस दौरान वक्ताओं ने एलोपैथी की तर्ज पर ही आयुर्वेद, यूनानी, होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति में फार्मेसी की शिक्षा की बात कही।
विज्ञापन

कमीशन की ओर से बनाए गए फार्मेसी नियमावली पर आयुर्वेद संकाय के रसशास्त्र विभाग के प्रो. आनंद चौधरी ने बताया कि केंद्र सरकार ने इस नियमावली के संदर्भ में संबंधित सभी प्रभावित पक्षों से 28 जुलाई तक सुझाव मांगा है। सरकार ने इस अधिनियम से भारत में औषधियों के निर्माण में तकनीकी सुदृढ़ता सहित सुधार लाने के लिए सभी चिकित्सा पद्धतियों(आधुनिक चिकित्सा एलोपैथी, आयुर्वेद, सिद्धा, यूनानी और होम्योपैथी) के लिए नए नियम कानून बनाए हैं। इस अधिनियम के लागू होने के पश्चात सभी चिकित्सा पद्धतियों की गुणवत्ता में वृद्धि होगी। ऑनलाइन बैठक में अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान गोवा से डॉ. शिल्पा पाटिल, राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान मानित विवि जयपुर से डॉ राकेश सिंह, बीएचयू से डॉ. गुरु प्रसाद नीले साथ ही डॉ. कनिका,डॉ. गायत्री, डॉ. शिवम, अपर्णा, अंजू आदि ने सहभागिता की।
विज्ञापन

000
ऑनलाइन बैठक में दिया गया यह सुझाव
- आयुर्वेदिक फार्मेसी कॉलेज के स्तर में सुधार लाते हुए नए आयुर्वेद फार्मेसी कॉलेज खोले जाएं।
- प्रस्तावित राष्ट्रीय फार्मेसी रजिस्टर में उन राज्यों के आयुर्वेदिक फार्मासिस्ट को भी अंकित किया जाए, जिन राज्यों में आज भी आयुर्वेदिक फार्मासिस्ट का पंजीकरण नहीं होता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

- राष्ट्रीय भेषजीय आयोग द्वारा प्रस्तावित राष्ट्रीय एग्जिट परीक्षा में बी फार्मा आयुर्वेद के लिए अलग से प्रश्न पत्र बनाए जाएं, जो कि आयुर्वेदिक विषयों को भी समाहित करें। अभी आयोग सभी चिकित्सा पद्धतियों के फार्मेसी स्नातकों के लिए एक ही टेस्ट का प्रावधान की है।
- बी-फार्मा आयुर्वेद में प्रवेश के लिए न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक इंटरमीडिएट में विज्ञान के विषयों के साथ हो।
- आयुर्वेद फार्मेसी में नियुक्ति के लिए केवल बी फार्मा आयुर्वेद को ही अनिवार्य किया जाए, अभी बीएससी भी लिए जाते हैं, उसे बंद किया जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed