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अपर जिला मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में होगी शिक्षक नियुक्ति की जांच
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वाराणसी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा शिक्षकों के प्रमाणपत्रों की जांच की घोषणा के बाद बेसिक शिक्षा विभाग ने जिला स्तर पर समिति में बेसिक शिक्षा अधिकारी को शामिल करते हुए सत्यापन के आदेश दिए हैं। अपर मुख्य सचिव रेणुका कुमार ने 2018 में जारी आदेश में संशोधन करते हुए मंडलीय शिक्षा निदेशक की जगह बेसिक शिक्षा अधिकारी को समिति का सदस्य सचिव बनाया है और जल्द ही जांच पूरी कर रिपोर्ट भेजने के आदेश दिए हैं।
जुलाई 2018 में अपर जिला मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया गया था। इसमें अपर पुलिस अधीक्षक व मंडलीय शिक्षा निदेशक सदस्य थे। आदेश के मुताबिक मंडलीय शिक्षा निदेशक के मौजूद न रहने के कारण बैठके नहीं हो पाई। लिहाजा अब बीएसए इसके सदस्य सचिव होंगे। बाकी व्यवस्थाएं पूर्णवत यानी 2018 के आदेश के मुताबिक रहेंगे।
10 साल की अवधि में हुई नियुक्तियों की होगी जांच
अनामिका शुक्ला मामला सामने आने के बाद रोज नए शिक्षकों की फर्जी नियुक्ति का मामला सामने आ रहा है। इसको देखते हुए अपर मुख्य सचिव के आदेश पर परिषदीय विद्यालयों में 2010 से लेकर 2020 तक की हुई सभी नियुक्तियों की जांच होगी।
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इसमें जांच आ जाएगा
- चयन वर्ष में प्रकाशित मेरिट लिस्ट से मिलान होगा कि वर्तमान में जो शिक्षक हैं, वे वहीं है जिनके नाम चयन सूची में थे।
- ऐसे शिक्षक जिन्होंने नियुक्ति पत्र सीधे कार्यालय जा कर लिया था। नियुक्ति पत्र रजिस्टर्ड डाक से भेजने का नियम है।
- चयनित अभ्यर्थी उस समय रेखांकित पात्रता को पूरा करता है या नहीं।
- कोषागार के माध्यम से वेतन सूची भी देखी जाएगी जो शिक्षक वेतन ले रहे हैं क्या वह वही हैं जिनका नाम चयन सूची में था।
- जो शिक्षक चयनित हुए हैं क्या उन्होंने इसके लिए कोई आवेदन किया था या नहीं
खंड शिक्षा अधिकारियों का हुआ स्थानांतरण
बृहस्पतिवार को बेसिक शिक्षा विभाग में 2 खंड शिक्षा अधिकारियों का स्थानांतरण किया गया जिलाधिकारी के आदेश पर खंड शिक्षा अधिकारी सेवापुरी बृजेश कुमार श्रीवास्तव को हरहुआ का खंड शिक्षा अधिकारी नियुक्त किया गया। वहीं हरहुआ खंड शिक्षा अधिकारी दुर्गा प्रसाद सिंह को सेवापुरी ब्लाक का खंड शिक्षा अधिकारी चुना गया। दोनों खंड शिक्षा अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए है।
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जुलाई 2018 में अपर जिला मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया गया था। इसमें अपर पुलिस अधीक्षक व मंडलीय शिक्षा निदेशक सदस्य थे। आदेश के मुताबिक मंडलीय शिक्षा निदेशक के मौजूद न रहने के कारण बैठके नहीं हो पाई। लिहाजा अब बीएसए इसके सदस्य सचिव होंगे। बाकी व्यवस्थाएं पूर्णवत यानी 2018 के आदेश के मुताबिक रहेंगे।
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10 साल की अवधि में हुई नियुक्तियों की होगी जांच
अनामिका शुक्ला मामला सामने आने के बाद रोज नए शिक्षकों की फर्जी नियुक्ति का मामला सामने आ रहा है। इसको देखते हुए अपर मुख्य सचिव के आदेश पर परिषदीय विद्यालयों में 2010 से लेकर 2020 तक की हुई सभी नियुक्तियों की जांच होगी।
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इसमें जांच आ जाएगा
- चयन वर्ष में प्रकाशित मेरिट लिस्ट से मिलान होगा कि वर्तमान में जो शिक्षक हैं, वे वहीं है जिनके नाम चयन सूची में थे।
- ऐसे शिक्षक जिन्होंने नियुक्ति पत्र सीधे कार्यालय जा कर लिया था। नियुक्ति पत्र रजिस्टर्ड डाक से भेजने का नियम है।
- चयनित अभ्यर्थी उस समय रेखांकित पात्रता को पूरा करता है या नहीं।
- कोषागार के माध्यम से वेतन सूची भी देखी जाएगी जो शिक्षक वेतन ले रहे हैं क्या वह वही हैं जिनका नाम चयन सूची में था।
- जो शिक्षक चयनित हुए हैं क्या उन्होंने इसके लिए कोई आवेदन किया था या नहीं
खंड शिक्षा अधिकारियों का हुआ स्थानांतरण
बृहस्पतिवार को बेसिक शिक्षा विभाग में 2 खंड शिक्षा अधिकारियों का स्थानांतरण किया गया जिलाधिकारी के आदेश पर खंड शिक्षा अधिकारी सेवापुरी बृजेश कुमार श्रीवास्तव को हरहुआ का खंड शिक्षा अधिकारी नियुक्त किया गया। वहीं हरहुआ खंड शिक्षा अधिकारी दुर्गा प्रसाद सिंह को सेवापुरी ब्लाक का खंड शिक्षा अधिकारी चुना गया। दोनों खंड शिक्षा अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए है।