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पांच साल बाद आसान हुई राह
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
Updated Thu, 03 Sep 2015 02:33 AM IST
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जलालीपट्टी और उससे सटे गांव के लोगों को ककरमत्ता बाजार तक पहुंचने के लिए अब तीन किलोमीटर का लंबा चक्कर नहीं काटना होगा। डीरका द्वारा जलालीपट्टी गेट खोलने से अब वे चंद मिनटों में ही गांव से मुख्य बाजार तक पहुंच जाएंगे।
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भाजपा नेताओं ने पांच साल से बंद इस गेट को खुलवाने के लिए पिछले दिनों रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा से मांग की थी। सिन्हा ने डीरेका के अधिकारियों को इस मांग पर विचार कर इस समस्या के सकारात्मक समाधान को कहा था।
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मालूम हो कि यह गेट पांच साल से बंद था। जिसकी वजह से जलालीपट्टी और उसके आसपास की लगभग 30 हजार आबादी को चंद मीटर की दूरी के लिए लंबा चक्कर काटना पड़ता था।
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इसे लेकर गांव के लोगों ने कई बार आंदोलन भी किया मगर बात नहीं बनी। मगर पिछले दिनों भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष मनीष सिंह के नेतृत्व में भाजपा नेताओं का एक दल रेल राज्यमंत्री से मिलकर जनता की समस्या की ओर उनका ध्यान दिलाया था और गेट खोलने की मांग की थी।
डीरेका प्रशासन की ओर से आखिरकार बुधवार को गेट खोल दिया गया। अब गांव के लोग पैदल डीरेका से होते हुए ककरमत्ता बाजार तक आ-जा सकेंगे। भाजपा के एमएलसी लक्ष्मण आचार्य ने नारियल फोड़कर इस गेट से आवागमन शुरू कराया। समारोह में मनीष सिंह, नागेंद्र रघुवंशी, प्रशांत सिंह, लल्ला राम वर्मा, रमाशंकर पटेल, संजय भारद्वाज सहित सैकड़ों भाजपाजन और क्षेत्रीय लोग मौजूद थे।