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ई-बसों को यात्रियों का इंतजार: काशी के इन रूटों पर ई-बसों को नहीं मिल रहे यात्री, रोजाना 50 हजार रुपये का घाटा
Thu, 18 Jan 2024 02:34 PM IST
प्रगति चंद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: प्रगति चंद
Updated Thu, 18 Jan 2024 02:34 PM IST
सार
कड़ाके की ठंड का असर ट्रेनों और विमानों पर ही नहीं बसों पर भी हो रहा है। ठंड और कोहरे के चलते शहर में कालभैरव और गोदौलिया रूट पर इलेक्ट्रिक बसों को यात्री नहीं मिल रहे हैं। इसका परिणाम है कि बसों को रोजाना 50 हजार रुपये आय में चपत लग रही है।
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बनारस में इलेक्ट्रिक बस।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
ठंड और कोहरे के चलते सिटी की ई-बसें प्रभावित हो रही हैं। विभिन्न रूटों पर बसों का फेरा भी कम हो गया है। कैंट-मैदागिन-कालभैरव मंदिर रूट और कैंट-गोदौलिया रूट पर सिटी बस को यात्री नहीं मिल रहे हैं। जबकि नव वर्ष के पहले इन रूटों पर ई-बसों का पांच से छह फेरा अतिरिक्त बढ़ाया गया था। अब यात्रियों के इंतजार में ई-बसें दिन भर खड़ी रह जा रही हैं। सिटी बसों को रोजाना लगभग 50 हजार रुपये का घाटा हो रहा है।
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नव वर्ष के पहले तक सवा दो लाख रुपये रोजाना ई-बसों से सिटी सर्विसेज को आय होती थी। अब ये घटकर 1.70 और 1.80 लाख हो गई है। सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज के अधिकारियों ने बताया कि यात्रियों की संख्या में कमी हो गई है। कोहरे और ठंड के चलते यात्री सफर पर नहीं निकल रहे हैं।
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सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज के एआरएम एके सिंह ने बताया कि ठंड की वजह से यात्री कम आ रहे हैं। अधिकतर रूटों पर गुजरने वाली बसों का लोड फैक्टर कम हो गया है। बसों को फुल करने में चालक व परिचालक को बहुत जोर लगाना पड़ रहा है। पहले यह स्थिति थी कि बस के इंतजार में सवारियां सड़क पर खड़ी रहती थीं।
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